{"_id":"6506a2b966ea34b9fb0e098d","slug":"over-8-000-fish-die-in-ranchi-dam-probe-ordered-2023-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: रांची के बांध में 8000 से अधिक मछलियां मृत पाईं गईं; मंत्री ने दिए जांच के आदेश, जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: रांची के बांध में 8000 से अधिक मछलियां मृत पाईं गईं; मंत्री ने दिए जांच के आदेश, जानें पूरा मामला
Sun, 17 Sep 2023 12:37 PM IST
कुमार विवेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sun, 17 Sep 2023 12:37 PM IST
सार
Jharkhand: कृषि मंत्री बादल ने विभाग के सचिव को रविवार को मछलियों की मौत के मामले की जांच करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। चौधरी ने कहा कि वह और उनकी टीम दिन में बांध का दौरा करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि मछलियों की मौत कैसे हुई।
विज्ञापन
गेतलसूद डैम
- फोटो : Social Media
विस्तार
रांची के एक डैम में 8,000 से अधिक मछलियां मृत पाई गईं, जिसके बाद मत्स्य विभाग ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जिला मत्स्य अधिकारी अरूप कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि गेतलसूद डैम में मछली पालन के लिए लगाए गए चार पिंजरों में 500 ग्राम से एक किलोग्राम तक की मछलियां मृत पाई गईं। राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने शनिवार शाम को घटना की जांच के आदेश दिए।
विज्ञापन
कृषि मंत्री बादल ने विभाग के सचिव को रविवार को मामले की जांच करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। चौधरी ने कहा कि वह और उनकी टीम दिन में बांध का दौरा करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि मछलियों की मौत कैसे हुई।
विज्ञापन
चौधरी ने कहा, "मछली की मौत के कई कारण हो सकते हैं जैसे ऑक्सीजन की कमी, बीमारियां या प्रदूषण। हमें संदेह है कि ऑक्सीजन की कमी या बीमारी इन मछलियों की मौत का कारण हो सकती है। हालांकि, सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकता है।" उन्होंने कहा कि आदर्श रूप से, मछली के अस्तित्व के लिए पानी में ऑक्सीजन का स्तर पांच मिलीग्राम प्रति लीटर या उससे अधिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह तीन मिलीग्राम प्रति लीटर से नीचे चला जाता है, तो मछलियां मर जाती हैं। चौधरी ने कहा कि घटना स्थल से सटे महेशपुर इलाके में करीब 300 मछलियों के पिंजरे हैं और वहां करीब डेढ़ टन मछली पाली जा रही है लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं।
विज्ञापन