{"_id":"6aa41eabf0602397e908455d","slug":"jharkhand-high-court-durga-temple-trust-12-trustees-party-case-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"रांची: श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट मामले में बड़ा मोड़, हाईकोर्ट ने 12 ट्रस्टियों को पक्षकार बनाने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रांची: श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट मामले में बड़ा मोड़, हाईकोर्ट ने 12 ट्रस्टियों को पक्षकार बनाने का दिया आदेश
Fri, 11 Sep 2026 09:01 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Fri, 11 Sep 2026 09:01 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट ने श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा नामित 12 ट्रस्टियों को मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
झारखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड उच्च न्यायालय ने शहर के प्रसिद्ध श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा नामित 12 कथित ट्रस्टियों को मुकदमे में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है।
अदालत ने याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा करने तथा नए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का स्पष्ट आदेश दिया। मुख्य याचिका पर आगे की सुनवाई अब इन सभी नए पक्षकारों को शामिल करने के पश्चात ही संचालित होगी।
ट्रस्ट बोर्ड ने कहा था-पक्षकार बनाएं
उच्च न्यायालय ने अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट ने अपने अंतरिम आवेदन के जरिये न्यायालय से अनुरोध किया था कि झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा 5 अगस्त, 2024 को जारी पत्र के माध्यम से नामित ट्रस्टियों को भी इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया जाए। उच्च न्यायालय ने इस अंतरिम आवेदन में प्रस्तुत तथ्यों पर विस्तार से विचार किया। इसके बाद, अदालत ने आदेश दिया कि बोर्ड द्वारा नामित इन सभी 12 ट्रस्टियों को याचिका में प्रतिवादी संख्या 4 से 15 के रूप में जोड़ा जाए।
विज्ञापन
मुख्य याचिका की दिशा फिर तय होगी
अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी मूल याचिका के प्रारूप में आवश्यक बदलाव करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अपनी याचिका में आवश्यक संशोधन लाल स्याही से करे और संशोधित कॉज टाइटल का नया पृष्ठ भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। इन सभी आवश्यक निर्देशों को दर्ज करते हुए उच्च न्यायालय ने अंतरिम आवेदन का पूरी तरह से निस्तारण कर दिया। अदालत के इस आदेश के बाद अब मुख्य याचिका की दिशा नए प्रतिवादियों के शामिल होने से तय होगी।
ये भी पढ़ें- पीजी मेडिकल-डेंटल छात्रों के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार ने बढ़ाया मासिक वजीफा, पहले साल में अब मिलेंगे इतने रुपये
नए प्रतिवादियों को नोटिस भेजने का आदेश
मुख्य रिट याचिका में सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय ने नए जोड़े गए सभी प्रतिवादियों को नोटिस भेजने का आदेश दिया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह की समय सीमा दी गई है। याचिकाकर्ता को इस निर्धारित समय में स्पीड पोस्ट और सामान्य प्रक्रिया दोनों माध्यमों से आवश्यक कागजात तथा प्रक्रिया शुल्क जमा कराने होंगे। इस आदेश के तहत सभी नए पक्षकारों को औपचारिक नोटिस भेजे जाएंगे। नए प्रतिवादियों द्वारा अपना जवाब दाखिल किए जाने के बाद ही उच्च न्यायालय इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा।
विज्ञापन
अदालत ने याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा करने तथा नए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का स्पष्ट आदेश दिया। मुख्य याचिका पर आगे की सुनवाई अब इन सभी नए पक्षकारों को शामिल करने के पश्चात ही संचालित होगी।
विज्ञापन
ट्रस्ट बोर्ड ने कहा था-पक्षकार बनाएं
उच्च न्यायालय ने अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट ने अपने अंतरिम आवेदन के जरिये न्यायालय से अनुरोध किया था कि झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा 5 अगस्त, 2024 को जारी पत्र के माध्यम से नामित ट्रस्टियों को भी इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया जाए। उच्च न्यायालय ने इस अंतरिम आवेदन में प्रस्तुत तथ्यों पर विस्तार से विचार किया। इसके बाद, अदालत ने आदेश दिया कि बोर्ड द्वारा नामित इन सभी 12 ट्रस्टियों को याचिका में प्रतिवादी संख्या 4 से 15 के रूप में जोड़ा जाए।
विज्ञापन
मुख्य याचिका की दिशा फिर तय होगी
अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी मूल याचिका के प्रारूप में आवश्यक बदलाव करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अपनी याचिका में आवश्यक संशोधन लाल स्याही से करे और संशोधित कॉज टाइटल का नया पृष्ठ भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। इन सभी आवश्यक निर्देशों को दर्ज करते हुए उच्च न्यायालय ने अंतरिम आवेदन का पूरी तरह से निस्तारण कर दिया। अदालत के इस आदेश के बाद अब मुख्य याचिका की दिशा नए प्रतिवादियों के शामिल होने से तय होगी।
ये भी पढ़ें- पीजी मेडिकल-डेंटल छात्रों के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार ने बढ़ाया मासिक वजीफा, पहले साल में अब मिलेंगे इतने रुपये
नए प्रतिवादियों को नोटिस भेजने का आदेश
मुख्य रिट याचिका में सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय ने नए जोड़े गए सभी प्रतिवादियों को नोटिस भेजने का आदेश दिया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह की समय सीमा दी गई है। याचिकाकर्ता को इस निर्धारित समय में स्पीड पोस्ट और सामान्य प्रक्रिया दोनों माध्यमों से आवश्यक कागजात तथा प्रक्रिया शुल्क जमा कराने होंगे। इस आदेश के तहत सभी नए पक्षकारों को औपचारिक नोटिस भेजे जाएंगे। नए प्रतिवादियों द्वारा अपना जवाब दाखिल किए जाने के बाद ही उच्च न्यायालय इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा।