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Jharkhand: 'विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर भारत, डिजिटल पेमेंट तकनीक का विश्व कायल'; उपराष्ट्रपति ने कही यह बात
Sun, 10 Dec 2023 07:09 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 10 Dec 2023 07:09 PM IST
सार
हर क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि बहुत ही जल्द भारत विश्वगुरु बन जाएगा। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देश भारत की डिजिटल पेमेंट तकनीक के कायल हो गए हैं। यहा पढ़ें....
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एक्सएलआरआई के प्लेटिनम जुबली समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि विश्वगुरु का अपना गौरव दोबारा प्राप्त करने के लिए भारत अपना रास्ता तैयार कर रहा है। साथ ही उन्होंने भारत का विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का दावा भी किया है।
समारोह में संबोधन के दौरान उपराष्ट्रति धनखड़ बोले कि देश चौथी औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। वर्तमान समय वास्तव में अत्याधुनिक तकनीकों से प्रेरित एक परिवर्तनकारी युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6जी तकनीक जैसी प्रौद्योगिकियों अवसर प्रस्तुत करती है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें क्रांतिकारी बदलाव लाने होंगे। हमें विचार करना होगा कि हम इसे कैसे कर सकते हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की शक्ति को वैश्विक मान्यता मिल रही है। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और हमारी सदियों पुरानी सभ्यता को बनाए रखने वाले पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए इसे युवा नेताओं के समर्थन की आवश्यकता है। भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंगापुर समेत कई देशों ने हमारी इस तकनीक को अपनाया है। विश्व बैंक ने हाल ही में भारत की तारीफ करते हुए कहा था कि डिजिटल समावेशन के लिए भारत ने छह वर्षों में जो हासिल किया, उसे हासिल करने में आमतौर पर 47 वर्ष लगेंगे।
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छात्रों से बातचीत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सफलता सिर्फ किताबों या नंबर पर आधारित नहीं होती बल्कि सीखने के जुनून और चुनौतियों पर काबू पाने की कुशलता पर आधारित होती है। अगर आपके पास कोई ऐसा विचार है, जो क्रांति ला सकता है तो आपको उसे हासिल करने के लिए हमेशा मिशन मोड में रहना होगा। तनाव मुक्त मानसिकता न केबल रचनात्मकता और नवीनता को बढ़ाती है बल्कि समग्र विकास को भी बढ़ावा देती है।
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समारोह में संबोधन के दौरान उपराष्ट्रति धनखड़ बोले कि देश चौथी औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। वर्तमान समय वास्तव में अत्याधुनिक तकनीकों से प्रेरित एक परिवर्तनकारी युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6जी तकनीक जैसी प्रौद्योगिकियों अवसर प्रस्तुत करती है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें क्रांतिकारी बदलाव लाने होंगे। हमें विचार करना होगा कि हम इसे कैसे कर सकते हैं।
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साथ ही उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की शक्ति को वैश्विक मान्यता मिल रही है। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और हमारी सदियों पुरानी सभ्यता को बनाए रखने वाले पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए इसे युवा नेताओं के समर्थन की आवश्यकता है। भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंगापुर समेत कई देशों ने हमारी इस तकनीक को अपनाया है। विश्व बैंक ने हाल ही में भारत की तारीफ करते हुए कहा था कि डिजिटल समावेशन के लिए भारत ने छह वर्षों में जो हासिल किया, उसे हासिल करने में आमतौर पर 47 वर्ष लगेंगे।
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छात्रों से बातचीत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सफलता सिर्फ किताबों या नंबर पर आधारित नहीं होती बल्कि सीखने के जुनून और चुनौतियों पर काबू पाने की कुशलता पर आधारित होती है। अगर आपके पास कोई ऐसा विचार है, जो क्रांति ला सकता है तो आपको उसे हासिल करने के लिए हमेशा मिशन मोड में रहना होगा। तनाव मुक्त मानसिकता न केबल रचनात्मकता और नवीनता को बढ़ाती है बल्कि समग्र विकास को भी बढ़ावा देती है।