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Haryana Polls: विधानसभा चुनावों में कहां-कितनी सीटें जीती AAP; अब हरियाणा में कांग्रेस से गठबंधन की बात क्यों?
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विधानसभा चुनावों में आप का हाल
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जोर आजमाइश तेज हो गई है। 90 सीटों वाली विधानसभा के लिए 5 अक्तूबर को लोग मतदान करेंगे। परिणाम जम्मू कश्मीर के साथ 8 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे। हालांकि, इस सियासी परीक्षा से पहले पार्टियां गठजोड़ की कवायद में भी जुटी हुई हैं। सबसे अहम और ताजा घटनाक्रम देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और दिल्ली-पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़ा है। दोनों दल हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की बात कर रहे हैं।कांग्रेस नेताओं ने आप से गठबंधन को लेकर कहा कि हमें किसी भी तरह वोट बंटने से रोकना है। वहीं आप ने कहा कि वह गठबंधन के विचार का स्वागत करते हैं। आइये जानते हैं कि हरियाणा में आप-कांग्रेस के गठबंधन पर क्या हो रहा है? बीते चुनाव में आप का प्रदर्शन कैसा था? अन्य प्रदेशों में पार्टी का हाल क्या रहा है?
अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी।
- फोटो :
अमर उजाला
हरियाणा में आप-कांग्रेस के गठबंधन पर क्या हो रहा है?
कांग्रेस के एक नेता ने अमर उजाला को बताया कि दो दिन पहले हरियाणा कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भी आप के साथ मिलकर चुनाव लड़ने या अकेले चुनाव में उतरने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। नेता के अनुसार, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर नेताओं को आपसी विचार विमर्श के बाद अंतिम राय देने के लिए कहा गया था। इसके बाद सभी शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद केसी वेणुगोपाल और दीपक बाबरिया को इस गठबंधन का फार्मूला निकालने के लिए कहा गया है।
आप सूत्रों के अनुसार पार्टी की ओर से संदीप पाठक और राघव चड्डा को कांग्रेस से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है। कांग्रेस ने आगे की चर्चा के लिए केसी वेणुगोपाल, हुड्डा और अजय माकन की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। आप ने कहा कि मंगलवार को सांसद राघव चड्ढा और वेणुगोपाल के बीच दो दौर की चर्चा हुई।
जानकारी के अनुसार, आप ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रखी है। चर्चा है कि कांग्रेस केजरीवाल को पांच से सात सीटें देने पर सहमत हो सकती है। यदि सीटों पर तालमेल बनी तो दोनों दल गठबंधन की औपचारिकता पूरी कर सकते हैं। इसे दोनों दलों की ओर से वोटों के बंटवारे को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस के एक नेता ने अमर उजाला को बताया कि दो दिन पहले हरियाणा कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भी आप के साथ मिलकर चुनाव लड़ने या अकेले चुनाव में उतरने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। नेता के अनुसार, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर नेताओं को आपसी विचार विमर्श के बाद अंतिम राय देने के लिए कहा गया था। इसके बाद सभी शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद केसी वेणुगोपाल और दीपक बाबरिया को इस गठबंधन का फार्मूला निकालने के लिए कहा गया है।
आप सूत्रों के अनुसार पार्टी की ओर से संदीप पाठक और राघव चड्डा को कांग्रेस से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है। कांग्रेस ने आगे की चर्चा के लिए केसी वेणुगोपाल, हुड्डा और अजय माकन की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। आप ने कहा कि मंगलवार को सांसद राघव चड्ढा और वेणुगोपाल के बीच दो दौर की चर्चा हुई।
जानकारी के अनुसार, आप ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रखी है। चर्चा है कि कांग्रेस केजरीवाल को पांच से सात सीटें देने पर सहमत हो सकती है। यदि सीटों पर तालमेल बनी तो दोनों दल गठबंधन की औपचारिकता पूरी कर सकते हैं। इसे दोनों दलों की ओर से वोटों के बंटवारे को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आप सांसद संजय सिंह
- फोटो :
AAP
गठबंधन की योजना को लेकर दोनों दलों का क्या कहना है?
कांग्रेस और आप के बीच चर्चा चल रही की पुष्टि हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने की है। बाबरिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। गठबंधन के कारण से जुड़े सवाल पर बाबरिया ने कहा, 'जहां भी भाजपा को हराना होगा, हमें वोटों में विभाजन रोकना होगा। इसलिए हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे।'
बुधवार को एक बयान में बाबरिया ने समझौते को दो-तीन दिनों के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा, अन्यथा पार्टी गठबंधन की बातचीत छोड़ देगी।
इस वार्ता के बीच आप ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि ‘भाजपा को हराना हमारी प्राथमिकता है। आधिकारिक तौर पर हरियाणा प्रभारी संदीप पाठक और सुशील गुप्ता विचार-विमर्श के बाद गठबंधन पर फैसला लेंगे और केजरीवाल जी को अंतिम निर्णय के बारे में सूचित करेंगे।’
कांग्रेस और आप के बीच चर्चा चल रही की पुष्टि हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने की है। बाबरिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। गठबंधन के कारण से जुड़े सवाल पर बाबरिया ने कहा, 'जहां भी भाजपा को हराना होगा, हमें वोटों में विभाजन रोकना होगा। इसलिए हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे।'
बुधवार को एक बयान में बाबरिया ने समझौते को दो-तीन दिनों के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा, अन्यथा पार्टी गठबंधन की बातचीत छोड़ देगी।
इस वार्ता के बीच आप ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि ‘भाजपा को हराना हमारी प्राथमिकता है। आधिकारिक तौर पर हरियाणा प्रभारी संदीप पाठक और सुशील गुप्ता विचार-विमर्श के बाद गठबंधन पर फैसला लेंगे और केजरीवाल जी को अंतिम निर्णय के बारे में सूचित करेंगे।’
सीएम केजरीवाल
- फोटो :
X: @AamAadmiParty
लोकसभा चुनाव में आप का प्रदर्शन कैसा था?
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कांग्रेस के साथ राज्य में गठबंधन किया था। इसने समझौते के तहत कुरुक्षेत्र सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कांग्रेस और आप गठबंधन मत प्रतिशत के लिहाज से भाजपा से आगे था। पांच सीटें जीतने वाली भाजपा को हरियाणा में 46.11 फीसदी मत हासिल हुए थे। दूसरी और कांग्रेस-आप गठबंधन के खाते में 47.61 फीसदी मत गए थे। इसमें पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस को 43.67 फीसदी जबकि आप को 3.94 फीसदी मत मिले थे।
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कांग्रेस के साथ राज्य में गठबंधन किया था। इसने समझौते के तहत कुरुक्षेत्र सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कांग्रेस और आप गठबंधन मत प्रतिशत के लिहाज से भाजपा से आगे था। पांच सीटें जीतने वाली भाजपा को हरियाणा में 46.11 फीसदी मत हासिल हुए थे। दूसरी और कांग्रेस-आप गठबंधन के खाते में 47.61 फीसदी मत गए थे। इसमें पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस को 43.67 फीसदी जबकि आप को 3.94 फीसदी मत मिले थे।
हरियाणा विधानसभा चुनाव
- फोटो :
संवाद
बीते हरियाणा विधानसभा चुनाव में आप का हाल क्या था?
आप ने 2019 में हरियाणा में कुल 46 सीटों पर चुनाव लड़ा था। आप ने इस चुनाव में महज 0.5% वोट हासिल किए थे, जो पार्टी का राज्य में पहला ही विधानसभा चुनाव था। इस चुनाव में पार्टी केवल एक सीट पर तीसरे स्थान पर रही थी।
आप ने 2019 में हरियाणा में कुल 46 सीटों पर चुनाव लड़ा था। आप ने इस चुनाव में महज 0.5% वोट हासिल किए थे, जो पार्टी का राज्य में पहला ही विधानसभा चुनाव था। इस चुनाव में पार्टी केवल एक सीट पर तीसरे स्थान पर रही थी।
अरविंद केजरीवाल
- फोटो :
एएनआई
आप का अन्य राज्यों में प्रदर्शन कैसा रहा है?
दिल्ली: जिन राज्यों में आम आदमी पार्टी के विधायक हैं उनमें राजधानी दिल्ली शामिल है। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में आप ने 2020 में 62 सीटें जीती थीं। इसके साथ ही पार्टी को 53.8 फीसदी मत हासिल हुए थे। इससे पहले 2015 में आप ने 2020 में 67 सीटें और 54.5 फीसदी मत मिले थे। आम आदमी पार्टी के गठन के बाद 2013 में इसने दिल्ली में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में आप को 28 सीटें मिली थीं। इसके साथ ही पार्टी को 29.7 फीसदी मत हासिल हुए थे।
पंजाब: दिल्ली में जीत के बाद आप ने कदम पड़ोसी राज्य पंजाब में जमाए थे। 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में आप ने 2022 में 92 सीटें जीती थीं। इसके साथ ही पार्टी को 42.3 फीसदी मत मिले थे। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी 20 सीटों और 23.9 फीसदी मत के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी।
गुजरात: दिल्ली और पंजाब के बाद आप के सबसे ज्यादा विधायक गुजरात से ही जीते थे। 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में आप ने 2022 में पांच सीटें जीती थीं। भाजपा, कांग्रेस के बाद तीसरे नबंर पर रही आप के खाते में 13.1 फीसदी मत गए थे। इसके अलावा, 35 सीटों पर यह दूसरे और 119 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी के विसावदर सीट से विधायक भूपत भयानी ने दिसंबर 2023 में आप छोड़ दी और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा में शामिल हो गए।
गोवा: 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में आप ने 2022 में दो सीटें जीती थीं। आप के खाते में 6.8 फीसदी मत गए थे।
दिल्ली: जिन राज्यों में आम आदमी पार्टी के विधायक हैं उनमें राजधानी दिल्ली शामिल है। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में आप ने 2020 में 62 सीटें जीती थीं। इसके साथ ही पार्टी को 53.8 फीसदी मत हासिल हुए थे। इससे पहले 2015 में आप ने 2020 में 67 सीटें और 54.5 फीसदी मत मिले थे। आम आदमी पार्टी के गठन के बाद 2013 में इसने दिल्ली में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में आप को 28 सीटें मिली थीं। इसके साथ ही पार्टी को 29.7 फीसदी मत हासिल हुए थे।
पंजाब: दिल्ली में जीत के बाद आप ने कदम पड़ोसी राज्य पंजाब में जमाए थे। 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में आप ने 2022 में 92 सीटें जीती थीं। इसके साथ ही पार्टी को 42.3 फीसदी मत मिले थे। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी 20 सीटों और 23.9 फीसदी मत के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी।
गुजरात: दिल्ली और पंजाब के बाद आप के सबसे ज्यादा विधायक गुजरात से ही जीते थे। 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में आप ने 2022 में पांच सीटें जीती थीं। भाजपा, कांग्रेस के बाद तीसरे नबंर पर रही आप के खाते में 13.1 फीसदी मत गए थे। इसके अलावा, 35 सीटों पर यह दूसरे और 119 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी के विसावदर सीट से विधायक भूपत भयानी ने दिसंबर 2023 में आप छोड़ दी और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा में शामिल हो गए।
गोवा: 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में आप ने 2022 में दो सीटें जीती थीं। आप के खाते में 6.8 फीसदी मत गए थे।