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दिल्ली कोर्ट से भी जारी है माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट
amarujala.com- Submitted By: अभिषेक तिवारी
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:03 AM IST
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विजय माल्या
- फोटो : Getty
शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने भी गत 12 अगस्त को खुला गैर जमानती वारंट जारी किया था। ये वारंट माल्या के खिलाफ विदेशी विनिमय अधिनियम (फेरा) उल्लंघन के मामले में जारी किया था। इसी मामले में अदालत ने माल्या को समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने वारंट जारी किया।
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पटियाला हाउस स्थित सीएमएम सुमित दास ने प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर बुधवार को माल्या के खिलाफ नए सिरे से गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। ईडी ने कोर्ट को बताया कि चार नवंबर 2016 को जारी वारंट तामील नहीं हुआ है और उसमें समय लगेगा। इसलिए खुला गैर जमानती वारंट (ओपन एनबीडब्ल्यू) जारी किया जाए। क्योंकि उसकी तामील के लिए समय सीमा नहीं होती।
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अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तारीख तय की है, लेकिन ईडी को दो माह में केस की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि अदालत ने चार नवंबर को माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए इस बात पर गौर किया था कि उसकी वापस आने की मंशा नहीं है और उसकी नजर में कानून की कोई इज्जत नहीं है।
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अदालत ने कहा था कि शराब कारोबारी माल्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी क्योंकि उस पर कई मामले चल रहे हैं लेकिन वह किसी भी मामले में पेश नहीं हो रहा है। प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ता नवीन माटा ने बहस करते हुए कहा था कि कोर्ट ने दिसंबर 2000 में पेशी से स्थायी छूट माल्या को दी थी, वह छूट वापस ली जानी चाहिए। क्योंकि अब माल्या के खिलाफ मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले में ओपन एंडेड वारंट जारी किया है।
इसलिए छूट रद्द कर उसके खिलाफ गैर जामनती वारंट जारी किया जाए। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक माल्या ने 1996, 1997, 1998 में लंदन व दूसरे यूरोपीय देशों में होने वाली फॉर्मूला वन रेस में उसकी कंपनी का लोगो दिखाने के लिए दो लाख डॉलर की धनराशि गलत तरीके से दी थी।