दो महीने तक बंधक बना युवती से गैंगरेप, पीड़िता ने बयां की दरिंदगी की दास्तां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती को 62 दिन तक बंधक बनाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी रविंद्र को हिरासत में ले लिया है।
18 वर्षीय पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को बताया है कि 4 अक्तूबर को छोटी बहन से झगड़ा होने पर वह गुस्से में रात को घर से निकलकर लोकोशेड पुल के पास रो-रही थी। इस दौरान वहां जमा भीड़ में से राकेश नाम का युवक घर पहुंचाने के बहाने उसे अपने साथ ले गया।
वह उसे घर न ले जाकर कांशीराम नगर स्थित मकान में ले गया। जहां युवती से मोबाइल छीन लिया और जबरन दुष्कर्म किया। चार दिन युवती को वहां रखा गया। इसके बाद उसे बबलू अपने साथ कार में ले गया। पीड़िता के मुताबिक बबलू और उसके दोस्तों सौरभ, रविंद्र, परवीन और एक रिश्तेदार ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
ये भी पढ़ें- दिल्लीः फिर दोहराई गई निर्भया की कहानी, पार्क में हुआ किशोरी के साथ गैंगरेप
सीओ सिविल लाइन रईस अख्तर ने बताया कि युवती के परिजनों ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 7 दिसंबर को युवती के ठिकाने के बारे में सर्विलांस से जानकारी मिली। युवती के मोबाइल सिम का इस्तेमाल आरोपियों द्वारा करते ही युवती के ठिकाने का पता चल गया।
पुलिस ने उसे कटघर थानाक्षेत्र के सूर्य नगर स्थित एक मकान से बरामद कर घरवालों को सौंप दिया। पुलिस ने युवती को अगवा कर बंधक बनाकर रखने, एससी एसटी एक्ट एवं गैंगरेप का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मुंह में कपड़ा ठूंसकर बीड़ी से जलाया
पीड़िता ने सोमवार को दरिंदगी की दास्तां बयां की। युवती की आपबीती सुनकर दिल्ली में हुए निर्भया कांड की वो काली रात जेहन में कौंध गई। युवती ने बताया, दो बार मौका पाकर वह मकान से बाहर निकल गई लेकिन आरोपियों ने उसे घर से चंद कदमों की दूरी पर ही दबोच लिया।
ये भी पढ़ें- कैंसर पीड़िता से गैंगरेप के दो और आरोपी धरे गए, तीसरे से पूछताछ कर रही पुलिस
इसके बाद उसे घर में यातनाएं दी गईं, बेल्ट से पीटा गया। हाथ पर चाकू मारकर जख्मी भी किया गया। युवती ने बताया कि वह घर में शोर मचाती या खुद के साथ हो रही दरिंदगी का विरोध जताती तो वहां रहने वाली एक महिला उसके हाथों को जलती बीड़ी से दाग देती। इसके बाद मुंह में कपड़ा ठूंस दिया जाता।