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क्या आप भी करते हैं इंटरनेट पर प्यार की तलाश, बहुत घातक हो सकता है ये

Sun, 08 Jul 2018 02:58 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 08 Jul 2018 02:58 PM IST
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  crimes are increasing on internet, people also trapped in online apps

इंटरनेट पर अपराधों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, ये बात तो हर कोई जानता है। लेकिन अभी तक लोगों को लगता था कि ऐसा केवल फेसबुक, व्हाट्एप जैसे ऐप्स पर ही होता है। लेकिन अब ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर भी लोग जालसाजी का शिकार बन रहे हैं।

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बीते दिनों ऐसी कई खबरे आई हैं। लोग अपने लिए एक लाइफ पार्टनर ढूंढने के लिए इस तरह के ऐप्स का सहारा लेते हैं, बीते कई महीनों से इस तरह के ऐप्स भी बढ़ते जा रहे हैं। हमारे देश के युवा बिना इनके दूसरे पहले को जाने कि ये उनके लिए खतरा भी बन सकते हैं, इनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है दिल्ली के राहुल मेहता (बदला हुआ नाम) के साथ भी।
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27 साल के राहुल मेहता बताते हैं कि फरवरी में एक दिन शाम को वह डेटिंग ऐप्स पर अपने लिए परफेक्ट पार्टनर ढूंढ रहे थे। उतने ही अचानक उन्हें 'हाई आई एम अरीज' का  मेसेज आता है। इसके बाद टिंडर पर दोनों की चेटिंग शुरू हो जाती है।
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कुछ ही दिनों में फेसबुक पर भी दोनों दोस्त बन जाते हैं। उस पर लगा प्रोफाइल फोटो एक लड़की का होता है जो राहुल को सुंदर लगती है। फिर एक दिन अरीज नाम की उस प्रोफाइल से राहुल को कपड़े उतारकर वीडियो बनाने के लिए कहा जाता है। वह नग्न अवस्था में कैमरे के आगे वीडियो भी बना लेते हैं।

अधिकतर पुरुष फंसते हैं

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फिर इसके कुछ महीनों बाद एक ऑनलाइन लिंक के साथ एक वीडियो का मेसेज राहुल को आता है। जब राहुल वह वीडियो देखते हैं तो वह हैरान रह जाते हैं क्योंकि वह वीडियो उन्हीं का था, जो उन्होंने अरीज नाम की उस लड़की को भेजा होता है। फिर उसी प्रोफाइल से राहुल को मैसेज आता है, 'तुम बेवकूफ बन गए हो, मैं एक आदमी हूं, औरत नहीं, अगर तुम मुझे 2000 डॉलर नहीं भेजोगे तो ये वीडियो तुम्हारे परिवार और देस्तों को शेयर कर दूंगा।'

इसके बाद राहुल कई बार मिन्नतें करते हैं लेकिन उसे पैसे ट्रांसफर करना ही पड़ा। हालांकि राहुल ने उस शख्स को ब्लॉक कर दिया लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता, कुछ दिनों बाद उन्हें दोबारा मेसेज आता है और इस बार मांग होती है 100 डॉलर की।

इस बार पैसे भेजने की बजाय राहुल इसकी शिकायत कानून प्रवर्तन एजेंसी में कर देते हैं। जिसके बाद से उन्हें ऐसे मेसेज आने बंद हो जाते हैं। 

अभी तक किए गए सर्वे से पता चलता है कि इसके शिकार भारत में अधिकतर पुरुष ही होते हैं। जिसका कारण है कि वह अपने अकाउंट पर प्राइवेसी नहीं लगाते जबकि महिलाएं अपने अकाउंट पर प्राइवेसी लगाती हैं। बीते साल माइक्रोसॉफ्ट ने पेन इंडिया सर्वे किया था जिससे पता चला कि इसके शिकार 13-17 साल के लोग और 18-74 के लोग ज्यादा बनते हैं। वहीं कई मामले तो पुलिस के सामने भी नहीं आते हैं।

यें हैं बचने के उपाय

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यदि आप भी कभी ऐसे किसी ऐप पर जालसाजी का शिकार होते हैं को आपको इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए जिससे आप इनके चंगुल में फंसने से बच सकते हैं-

- किसी भी तरह का सबूत ना मिटाएं जैसे मेसेज, फोटो, ई मेल, ऑडियो या फिर वीडियो।

- किसी भी तरह की मांग कभी पूरी ना करें।

- अपने दोस्त या किसी परिवार के सदस्य को इसकी सूचना दें।

- ऐसा कुछ भी होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या साईबर सेल पर संपर्क करें। साथ ही एक एफआईआर भी दर्ज कराएं।

- यदि मानसिक रूप से परेशान हों तो काउंसलिंग का सहारा लें।

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