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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यूपी के विभाजन की वकालत की
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 20 Nov 2016 02:53 AM IST
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फाइल फोटोः जयराम रमेश
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश का मानना है कि बड़े राज्यों को अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि यहां तक अगर भाजपा उत्तर प्रदेश में सत्ता में आती है, तो वह इस उत्तरी राज्य को बिखरा हुआ पाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छोटे राज्यों में कांग्रेस संचालित उत्तराखंड को अच्छी तरह से नहीं चलाया गया, जबकि बीजेपी शासित छत्तीसगढ़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया गया।
जयराम रमेश ने कहा कि सिद्धांत रूप में छोटे राज्य बेहतर शासित होने चाहिए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए। क्या उत्तराखंड का शासन बेहतर है? नहीं, क्या छत्तीसगढ़ बेहतर है? क्या झारखंड बेहतर है? नहीं। क्या हिमाचल बेहतर है? हां। लिहाजा भारत में मिलेजुले साक्ष्य देखने को मिलते हैं। इसकी गारंटी नहीं है कि छोटे राज्यों को अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की तरह बड़े राज्यों को सही ढंग से संचालित नहीं किया सकता।’
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन के अयोग्य है। धन्यवाद विमुद्रीकरण को दिया जाना चाहिए कि अगर मोदी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आते हैं तो वह राज्य का प्रबंधन सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। अपनी किताब ‘ओल्ड हिस्ट्री, न्यू ज्योग्राफी’ में रमेश ने उल्लेख किया है कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश का विभाजन करके गलती की और इसके बजाय उसे उत्तर प्रदेश का विभाजन करना चाहिए था।
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राज्यसभा सांसद ने यहां एक कार्यक्रम में अपनी किताब पर एक पैनल द्वारा बहस के दौरान यह बात कहीं। उनकी यह किताब आंध्रप्रदेश के विभाजन और तेलंगाना के गठन को लेकर है।
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जयराम रमेश ने कहा कि सिद्धांत रूप में छोटे राज्य बेहतर शासित होने चाहिए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए। क्या उत्तराखंड का शासन बेहतर है? नहीं, क्या छत्तीसगढ़ बेहतर है? क्या झारखंड बेहतर है? नहीं। क्या हिमाचल बेहतर है? हां। लिहाजा भारत में मिलेजुले साक्ष्य देखने को मिलते हैं। इसकी गारंटी नहीं है कि छोटे राज्यों को अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की तरह बड़े राज्यों को सही ढंग से संचालित नहीं किया सकता।’
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन के अयोग्य है। धन्यवाद विमुद्रीकरण को दिया जाना चाहिए कि अगर मोदी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आते हैं तो वह राज्य का प्रबंधन सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। अपनी किताब ‘ओल्ड हिस्ट्री, न्यू ज्योग्राफी’ में रमेश ने उल्लेख किया है कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश का विभाजन करके गलती की और इसके बजाय उसे उत्तर प्रदेश का विभाजन करना चाहिए था।
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राज्यसभा सांसद ने यहां एक कार्यक्रम में अपनी किताब पर एक पैनल द्वारा बहस के दौरान यह बात कहीं। उनकी यह किताब आंध्रप्रदेश के विभाजन और तेलंगाना के गठन को लेकर है।