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मुंबई में देररात मानसून की पहली बारिश, उत्तर भारत को गर्मी से राहत के लिए अभी करना होगा इंतजार
Mon, 10 Jun 2019 02:51 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 10 Jun 2019 02:51 AM IST
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मुंबई में बारिश
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र के मुंबई शहर में देर रात मानसून ने दस्तक दे दी। वडाला इलाके में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। देर रात हुई बारिश की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ऐसे में एक ओर जहां दक्षिण भारत में मानसूनी बारिश शुरू हो गई है वहीं उत्तर भारत तक मानसून पहुंचने में अभी थोड़ा और समय बाकी है। बता दें मौसम विभाग ने 11 जून तक पूरे देश में मानसून पहुंचने की संभावना पहले ही जता चुका है।
बता दें केरल तट पर मानसून की दस्तक के बीच देश के ज्यादातर इलाकों में अभी भी गर्मी का कहर जारी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। राजस्थान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बीते दिनों कहा था कि मानसून केरल से होते हुए देश के अन्य हिस्सों में पहुंचेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), हरियाणा और पंजाब में 11 जून के बाद गर्मी से राहत मिलेगी, जब पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होगी। वहीं, पूर्वोत्तर में मौसम की स्थिति मानसून के अनुकूल होने से असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना जताई थी।
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बता दें केरल तट पर मानसून की दस्तक के बीच देश के ज्यादातर इलाकों में अभी भी गर्मी का कहर जारी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। राजस्थान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है।
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भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बीते दिनों कहा था कि मानसून केरल से होते हुए देश के अन्य हिस्सों में पहुंचेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), हरियाणा और पंजाब में 11 जून के बाद गर्मी से राहत मिलेगी, जब पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होगी। वहीं, पूर्वोत्तर में मौसम की स्थिति मानसून के अनुकूल होने से असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना जताई थी।
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Maharashtra: Parts of Mumbai received rainfall tonight, visuals from Wadala area. pic.twitter.com/6VJmqwwbN6
— ANI (@ANI) June 9, 2019
गौरतलब है कि उत्तर एवं मध्य भारत में भीषण गर्मी का असर पश्चिम और दक्षिणी राज्यों के जलाशयों पर भी पड़ा है। इन इलाकों में देश के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है जिसकी वजह से महाराष्ट्र और राजस्थान सहित आसपास के तमाम सूखा ग्रस्त इलाकों में जल संकट की समस्या है।
सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर
देश का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर है। इसलिए इसका बेसब्री से इंतजार है। ग्रामीण भारत का अधिकांश हिस्सा सिंचाई के लिए चार महीने के मानसून पर आश्रित रहता है। मानसून सीजन में सालाना बारिश का 75 फीसदी पानी बरसता है। एक अच्छे मानसून का अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि भारत की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है।
सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर
देश का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर है। इसलिए इसका बेसब्री से इंतजार है। ग्रामीण भारत का अधिकांश हिस्सा सिंचाई के लिए चार महीने के मानसून पर आश्रित रहता है। मानसून सीजन में सालाना बारिश का 75 फीसदी पानी बरसता है। एक अच्छे मानसून का अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि भारत की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है।
पड़ सकता है अल-नीनो का प्रभाव
जून में बारिश पर अल-नीनो का प्रभाव की भी संभावना जताई गई है। सामान्य तौर पर माना जाता है अल-नीनो का संबंध प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने से है। इसका मानसून पर असर पड़ता है। मानसून में देरी का सीजन में होने वाली बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, मानसून के आने में हुई देरी से देश के दूसरे हिस्सों में भी वह देरी से पहुंचेगा।
चुरू में 47 डिग्री के पार पहुंचा था पारा
बता दें इस साल राजस्थान के चुरू में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रहा, बीकानेर और बाड़मेर में भी पारा 47 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश के झांसी में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री रहा, जो पूरे प्रदेश में अब तक सर्वाधिक रहा है। मौसम विभाग ने भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट दिया था। हरियाणा और पंजाब में गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। हरियाणा के नारनौल में पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
महाराष्ट्र में सूखा, मध्य प्रदेश में नौ बंदर मरे
महाराष्ट्र में इस साल गंभीर सूखे की स्थिति है। राज्य के बांधों में महज 7.7 फीसदी पानी है, जो बीते दस सालों में सबसे न्यूनतम स्तर है। वहीं मध्यप्रदेश में देवास के पंजापुरा वन क्षेत्र में 9 बंदरों की गर्मी के चलते मौत हो गई थी।
जून में बारिश पर अल-नीनो का प्रभाव की भी संभावना जताई गई है। सामान्य तौर पर माना जाता है अल-नीनो का संबंध प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने से है। इसका मानसून पर असर पड़ता है। मानसून में देरी का सीजन में होने वाली बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, मानसून के आने में हुई देरी से देश के दूसरे हिस्सों में भी वह देरी से पहुंचेगा।
चुरू में 47 डिग्री के पार पहुंचा था पारा
बता दें इस साल राजस्थान के चुरू में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रहा, बीकानेर और बाड़मेर में भी पारा 47 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश के झांसी में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री रहा, जो पूरे प्रदेश में अब तक सर्वाधिक रहा है। मौसम विभाग ने भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट दिया था। हरियाणा और पंजाब में गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। हरियाणा के नारनौल में पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
महाराष्ट्र में सूखा, मध्य प्रदेश में नौ बंदर मरे
महाराष्ट्र में इस साल गंभीर सूखे की स्थिति है। राज्य के बांधों में महज 7.7 फीसदी पानी है, जो बीते दस सालों में सबसे न्यूनतम स्तर है। वहीं मध्यप्रदेश में देवास के पंजापुरा वन क्षेत्र में 9 बंदरों की गर्मी के चलते मौत हो गई थी।
उत्तर प्रदेश में लू के थपेड़ों संग भीषण गर्मी की चेतावनी जारी
उत्तर प्रदेश को 43 से 48 डिग्री के बीच तपा रहे मौसमी तेवरों की तपिश यूं ही प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बेहाल करती रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी से कोई राहत के आसार नहीं है। मौसम विज्ञानियों ने अगले एक-दो दिनों के लिये प्रदेश के कुछेक इलाकों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है।
इन सबके बीच रविवार को तपन गर्मी से प्रदेश में लोग बेहाल रहे। जलाते जून में गर्म तवे को टक्कर देती सड़कों पर दोपहर को चलना राहगीरों केलिये मुहाल हुआ। प्रदेश में 48 डिग्री केसाथ बांदा सबसे गर्म स्थान रहा, यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। इलाहाबाद (पीबीओ) 47.7 डिग्री केसाथ दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा। यहां का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, झांसी 47.5 केसाथ तीरा सबसे गर्म शहर बना।
इसके अलावा वाराणसी एपी, चुर्क, कानपुर आईएएफ, उरई, हमीरपुर, आगरा ताज में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ का भी अधिकतम तापमान 30 मई के बाद 43 डिग्री के पार पहुंचा। ये 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अधिक गर्मी होने से लोकल सिस्टम डवलप होने से कुछेक इलाकों में मौसमी उठापटक, धूल भरे अंधड़ के भी आसार हैं।
उत्तर प्रदेश को 43 से 48 डिग्री के बीच तपा रहे मौसमी तेवरों की तपिश यूं ही प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बेहाल करती रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी से कोई राहत के आसार नहीं है। मौसम विज्ञानियों ने अगले एक-दो दिनों के लिये प्रदेश के कुछेक इलाकों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है।
इन सबके बीच रविवार को तपन गर्मी से प्रदेश में लोग बेहाल रहे। जलाते जून में गर्म तवे को टक्कर देती सड़कों पर दोपहर को चलना राहगीरों केलिये मुहाल हुआ। प्रदेश में 48 डिग्री केसाथ बांदा सबसे गर्म स्थान रहा, यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। इलाहाबाद (पीबीओ) 47.7 डिग्री केसाथ दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा। यहां का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, झांसी 47.5 केसाथ तीरा सबसे गर्म शहर बना।
इसके अलावा वाराणसी एपी, चुर्क, कानपुर आईएएफ, उरई, हमीरपुर, आगरा ताज में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ का भी अधिकतम तापमान 30 मई के बाद 43 डिग्री के पार पहुंचा। ये 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अधिक गर्मी होने से लोकल सिस्टम डवलप होने से कुछेक इलाकों में मौसमी उठापटक, धूल भरे अंधड़ के भी आसार हैं।