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हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर वर्तिका नन्दा और अरविन्द सिंह को दिया गया सप्रे संग्रहालय पुरस्कार

Sat, 02 Jun 2018 02:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sat, 02 Jun 2018 02:28 PM IST
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Vartika Nanda and Arvind Singh awarded by Madhavrao award on the occasion of Hindi Journalism Day

माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अलंकरण समारोह  30 मई को आयोजित किया गया। देश की प्रतिष्ठित जेल सुधारक और पत्रकार-लेखक डॉ. वर्तिका नन्दा को माधवराव सप्रे पुरस्कार से अलंकृत किया गया। उन्हें 21,000/- रुपये सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल और लेखनी भेंट किए गए। पत्रकार-लेखक श्री अरविन्द कुमार सिंह को भी महेश सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें 11,000/- रुपये सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं लेखनी भेंट किए गए। अलंकरण समारोह के मुख्य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने थे। 

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सप्रे संग्रहालय की निदेशक डा. मंगला अनुजा ने बताया कि डा. वर्तिका नन्दा टेलीविजन की प्रतिष्ठित पत्रकार, मीडिया की प्रवीण प्राध्यापक, बहुप्रशंसित लेखक और प्रामाणिक जेल सुधारक हैं। वे मीडिया और साहित्य के जरिए महिला अपराधों के प्रति जागरूकता लाने के लिए भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से 2014 में स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। उनकी पुस्तक‘टेलीविजन और अपराध पत्रकारिता’को भारत सरकार ने भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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जेलों पर अपने कामों की वजह से दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हुई हैं। वे जेलों पर अपनी तरह की अनूठी श्रृंखला-तिनका तिनका-की संस्थापक हैं और मीडिया और जेलों को आपस में जोड़ रही हैं। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने देश की जेलों की अमानवीय स्थिति के संबंध में जेलों में महिलाओं और बच्चों की स्थिति की आकलन प्रक्रिया में शामिल किया।
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श्री अरविन्द कुमार सिंह हिन्दी के सुलेखक और पत्रकार हैं। संप्रति राज्यसभा टीवी में संसदीय और कृषि विषयों के प्रभारी संपादक हैं। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित श्री सिंह की दस्तावेजी पुस्तक‘भारतीय डाक : सदियों का सफरनामा’भी काफी चर्चित है। इस अवसर पर सिनेमा पर उत्कृष्ट लेखन के लिए हाल ही में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित श्री सुनील मिश्र का सत्कार भी किया गया।

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