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उमरिया में हादसा: एनएच 43 पर पिकअप की टक्कर से जंगली सूअर की मौत, हादसे के बाद वाहन गायब
Sat, 24 Oct 2026 12:33 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:33 PM IST
सार
उमरिया के पाली के पास NH-43 पर पिकअप की टक्कर से जंगली सूअर की मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप पलट गई, लेकिन सुबह मौके से वाहन और शव गायब मिले। वन विभाग वाहन नंबर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की तैयारी में है।
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दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर वन्यजीवों की सुरक्षा और सड़क हादसों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पाली के पास शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से जंगली सूअर की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे के बाद पिकअप भी अनियंत्रित होकर पलट गई। लेकिन शनिवार सुबह जब वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां न दुर्घटनाग्रस्त पिकअप का कोई पता था और न ही जंगली सूअर का शव मिला। मौके पर केवल खून के निशान ही दिखाई दिए।
हादसे के बाद घटनास्थल से गायब हुआ वाहन और शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर पाली के नजदीक पिकअप क्रमांक MP 54 GA 0823 ने सड़क पार कर रहे या सड़क पर मौजूद जंगली सूअर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वन्यजीव की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान पिकअप के पलटने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के बाद वाहन और मृत वन्यजीव का शव घटनास्थल से हटाए जाने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
शनिवार सुबह वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सीमित मात्रा में ही मिले। घटनास्थल पर खून के निशान मौजूद थे, लेकिन पिकअप और जंगली सूअर का शव गायब था। ऐसे में अब वन विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि दुर्घटना के बाद वाहन और शव को वहां से कौन और किन परिस्थितियों में ले गया।
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पढे़ं: चेन्नई से लौटकर फिर जाने की फिराक में था राहुल, जबलपुर स्टेशन से दबोचा; ज्वेलर्स डकैती कांड का पर्दाफाश
वाहन नंबर के आधार पर जांच में जुटा वन विभाग
मामले को लेकर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी रोहिणी सिंह ने बताया कि वन विभाग को दुर्घटनाग्रस्त पिकअप का पंजीयन नंबर मिल गया है। वाहन क्रमांक MP 54 GA 0823 के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। इसके साथ ही चंदिया वन परिक्षेत्र को भी घटना की सूचना दे दी गई है, ताकि जांच में आवश्यक सहयोग मिल सके।
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और पिकअप को जब्त किया जाएगा। फिलहाल विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के बाद वाहन घटनास्थल से कैसे गायब हो गया।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का यह मार्ग वन क्षेत्रों और वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों से होकर गुजरता है। ऐसे मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण वन्यजीवों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। जंगली सूअर की मौत और हादसे के बाद वाहन तथा शव का मौके पर नहीं मिलना जांच को और महत्वपूर्ण बनाता है। अब देखना होगा कि वन विभाग वाहन चालक की पहचान कर मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के बाद पिकअप और जंगली सूअर के शव को घटनास्थल से हटाने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
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हादसे के बाद घटनास्थल से गायब हुआ वाहन और शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर पाली के नजदीक पिकअप क्रमांक MP 54 GA 0823 ने सड़क पार कर रहे या सड़क पर मौजूद जंगली सूअर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वन्यजीव की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान पिकअप के पलटने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के बाद वाहन और मृत वन्यजीव का शव घटनास्थल से हटाए जाने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
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शनिवार सुबह वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सीमित मात्रा में ही मिले। घटनास्थल पर खून के निशान मौजूद थे, लेकिन पिकअप और जंगली सूअर का शव गायब था। ऐसे में अब वन विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि दुर्घटना के बाद वाहन और शव को वहां से कौन और किन परिस्थितियों में ले गया।
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वाहन नंबर के आधार पर जांच में जुटा वन विभाग
मामले को लेकर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी रोहिणी सिंह ने बताया कि वन विभाग को दुर्घटनाग्रस्त पिकअप का पंजीयन नंबर मिल गया है। वाहन क्रमांक MP 54 GA 0823 के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। इसके साथ ही चंदिया वन परिक्षेत्र को भी घटना की सूचना दे दी गई है, ताकि जांच में आवश्यक सहयोग मिल सके।
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और पिकअप को जब्त किया जाएगा। फिलहाल विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के बाद वाहन घटनास्थल से कैसे गायब हो गया।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का यह मार्ग वन क्षेत्रों और वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों से होकर गुजरता है। ऐसे मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण वन्यजीवों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। जंगली सूअर की मौत और हादसे के बाद वाहन तथा शव का मौके पर नहीं मिलना जांच को और महत्वपूर्ण बनाता है। अब देखना होगा कि वन विभाग वाहन चालक की पहचान कर मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के बाद पिकअप और जंगली सूअर के शव को घटनास्थल से हटाने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
