एमपी: चेन्नई से लौटकर फिर जाने की फिराक में था राहुल, जबलपुर स्टेशन से दबोचा; ज्वेलर्स डकैती कांड का पर्दाफाश
सिंगरौली के जयंत स्थित कंचन ज्वेलर्स डकैती मामले में पुलिस ने छठे आरोपी राहुल कुमार को जबलपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। छह बदमाशों ने वारदात से पहले तीन बार रेकी की थी। आरोपी की निशानदेही पर सोने के जेवर, मूर्तियां और हथियार बरामद हुए।
विस्तार
जयंत स्थित कंचन ज्वेलर्स में 17 सितंबर को हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में सिंगरौली पुलिस ने छठे और अंतिम आरोपी राहुल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। जयंत पुलिस ने साइबर सेल सिंगरौली और आरपीएफ जबलपुर की मदद से उसे जबलपुर रेलवे स्टेशन से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चेन्नई से लौटने के बाद दोबारा वहां जाने की फिराक में था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही वारदात में शामिल सभी छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोपी के कब्जे और निशानदेही पर सोने के 11 जेवर, चांदी की दो मूर्तियां, 4,750 रुपये नकद, एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
एक महीने पहले रची थी डकैती की साजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने डकैती की योजना करीब एक महीने पहले ही बना ली थी। इसके लिए झारखंड के गढ़वा जिले में हथियारों के बल पर दो अपाचे मोटरसाइकिलें लूटी गईं और उन्हें उत्तर प्रदेश के अनपरा पहुंचाया गया। इन मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल डकैती के दौरान किया जाना था।
आरोपियों ने 14 सितंबर को वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन दुकान में ग्राहकों की अधिक भीड़ होने के कारण उन्होंने इरादा बदल दिया। इसके बाद 17 सितंबर को सभी छह आरोपी शक्तिनगर पार्क में जुटे और योजना को अंतिम रूप दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले तीन बार दुकान की रेकी की थी। शाम करीब 5:50 बजे दुकान में भीड़ कम होने पर उन्होंने धावा बोल दिया।
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हथियार दिखाकर लूटे गहने, विरोध करने पर कर्मचारी को मारी गोली
17 सितंबर की शाम जयंत के बजरंग कॉम्प्लेक्स स्थित कंचन ज्वेलर्स में संचालक अखिलेश कुमार वर्मा अपने कर्मचारियों के साथ ग्राहकों को आभूषण दिखा रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद बदमाश दुकान में घुस आए। उन्होंने पिस्टल और देशी कट्टे के बल पर लोगों को डराया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद सोने-चांदी के आभूषण और करीब 2.50 लाख रुपये नकद लूट लिए।
विरोध करने पर बदमाशों ने दुकान संचालक के सिर पर हथियार के बट से वार किया। वहीं, कर्मचारी राहुल विश्वकर्मा ने बदमाशों को रोकने और हथियार पकड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और फायरिंग कर दी। गोली कर्मचारी की हथेली में लगी।
पुलिस के अनुसार, चार बदमाश दुकान के अंदर लूटपाट कर रहे थे, जबकि दो बाहर निगरानी कर रहे थे। तीन से चार राउंड फायरिंग करने के बाद आरोपी दोनों अपाचे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मस्जिद तिराहे की ओर से फरार हो गए।
अनपरा में बदले कपड़े, रेणुकूट के जंगल में बांटा लूट का माल
वारदात के बाद आरोपी अनपरा पहुंचे। वहां एक चर्च के पीछे झाड़ियों में कपड़े और जूते-चप्पल बदलकर उन्होंने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। इसके बाद रेणुकूट के जंगल क्षेत्र में लूटे गए आभूषण और नकदी आपस में बांट लिए।
पुलिस ने आरोपियों का पीछा करते हुए घेराबंदी की। इस दौरान एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद अनुराग कुमार चंद्रवंशी और लकी कुमार पासवान को पकड़ लिया गया। उनके पास से लूट के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए गए।
एक अन्य आरोपी रोशन स्वीपर को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। इसके बाद झारखंड पुलिस के सहयोग से साबिर उर्फ सोनू अंसारी और शमशाद अंसारी उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चेन्नई तक पहुंची तलाश
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राहुल कुमार फरार था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटा रही थी और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान राहुल के चेन्नई जाने और वहां से लौटने की जानकारी मिली।
आरोपी के दोबारा चेन्नई जाने की आशंका के मद्देनजर जयंत पुलिस ने साइबर सेल सिंगरौली और आरपीएफ जबलपुर से समन्वय किया। इसके बाद उसे जबलपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने राहुल को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर सोने के 11 जेवर, चांदी की दो मूर्तियां, 4,750 रुपये नकद, एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
सीसीटीवी फुटेज और अंतरराज्यीय समन्वय से खुला मामला
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी दबिश दी गई। पुलिस ने मुखबिरों से मिली सूचनाओं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और लगातार तलाश के बाद सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
