{"_id":"6843c45a7f5566224c000c9f","slug":"tigress-wreaks-havoc-again-in-bandhavgarh-tiger-reserve-woman-dies-villagers-terrified-umaria-news-c-1-1-noi1225-3034258-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: बांधवगढ़ में बाघिन का आतंक, एक और महिला हुई शिकार, गांव में फैला भय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: बांधवगढ़ में बाघिन का आतंक, एक और महिला हुई शिकार, गांव में फैला भय
Sat, 07 Jun 2025 11:55 AM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jun 2025 11:55 AM IST
सार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर इलाके में एक बाघिन ने हमला करके 40 साल की एक महिला की जान ले ली। इस घटना से इलाके में डर का माहौल बन गया है। वन विभाग ने सुरक्षा बढ़ाई है और हाथी दल की मदद से बाघिन की तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बाघिन के हमले में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान राखी गांव निवासी गल्ली यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि महिला शौच के लिए भितरी नाले की ओर गई थी, तभी झाड़ियों में छिपी बाघिन ने उस पर अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने तक महिला की मौत हो चुकी थी।
इलाके में फैली दहशत
घटना के बाद क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है। वन अमले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मानपुर रेंज के रेंजर मुकेश अहिरवार ने बताया कि पगमार्क से हमलावर बाघिन की पहचान की जा रही है। इसके लिए हाथी दल की मदद से सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
वन विभाग की सुरक्षा सलाह
ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की हिदायत वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शौच या लकड़ी काटने जैसी गतिविधियों के लिए समूह में ही निकलें। गांव के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि लोग सतर्क रहें।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 9 जून से ग्वालियर-चंबल में लू चलने की संभावना
इस साल बांधवगढ़ में 10वीं बार हुई टकराव की घटना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस साल अब तक 10 बार मानव-वन्यजीव टकराव हो चुका है। 12 फरवरी से 6 जून के बीच 4 लोग मारे गए हैं और 8 लोग घायल हुए हैं। पनपथा रेंज में सबसे ज्यादा 4 हमले हुए हैं, पतौर में 3, धमोखर में 2 और मानपुर में यह पहली घटना है। यह हमला ताला कोर रेंज की सीमा के पास हुआ, जिससे बाघिन के कोर से बफर क्षेत्र में आने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हमलों से ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है। वे वन विभाग से उचित मुआवजा और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय निर्माण और बाघों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की भी मांग उठ रही है। वन विभाग अब बाघिन को पहचानकर पकड़ने की चुनौती का सामना कर रहा है ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।
विज्ञापन
इलाके में फैली दहशत
घटना के बाद क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है। वन अमले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मानपुर रेंज के रेंजर मुकेश अहिरवार ने बताया कि पगमार्क से हमलावर बाघिन की पहचान की जा रही है। इसके लिए हाथी दल की मदद से सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
वन विभाग की सुरक्षा सलाह
ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की हिदायत वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शौच या लकड़ी काटने जैसी गतिविधियों के लिए समूह में ही निकलें। गांव के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि लोग सतर्क रहें।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 9 जून से ग्वालियर-चंबल में लू चलने की संभावना
इस साल बांधवगढ़ में 10वीं बार हुई टकराव की घटना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस साल अब तक 10 बार मानव-वन्यजीव टकराव हो चुका है। 12 फरवरी से 6 जून के बीच 4 लोग मारे गए हैं और 8 लोग घायल हुए हैं। पनपथा रेंज में सबसे ज्यादा 4 हमले हुए हैं, पतौर में 3, धमोखर में 2 और मानपुर में यह पहली घटना है। यह हमला ताला कोर रेंज की सीमा के पास हुआ, जिससे बाघिन के कोर से बफर क्षेत्र में आने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हमलों से ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है। वे वन विभाग से उचित मुआवजा और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय निर्माण और बाघों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की भी मांग उठ रही है। वन विभाग अब बाघिन को पहचानकर पकड़ने की चुनौती का सामना कर रहा है ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।
