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Umaria: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले से चरवाहा घायल, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर
Sat, 04 Jul 2026 09:13 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 09:13 PM IST
सार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में मवेशी चराने गए 45 वर्षीय मोतीलाल यादव पर बाघ ने हमला कर दिया। गर्दन में चोट लगने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजा गया। उनकी हालत स्थिर है।
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सांकेतिक फोटो
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर उपवनमंडल अंतर्गत मानपुर बफर परिक्षेत्र में शनिवार दोपहर एक चरवाहे पर बाघ के हमले से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना खिचकिड़ी बीट की है, जहां मवेशी चराने गए 45 वर्षीय मोतीलाल यादव पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में उनके सिर के पीछे गर्दन के हिस्से में पंजों से गंभीर चोटें आईं। वन विभाग की तत्परता से घायल को तत्काल उपचार के लिए शासकीय वाहन से मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह है कि चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, मोतीलाल यादव पिता मुन्ना यादव निवासी संबंधित क्षेत्र शनिवार को अपने मवेशियों को चराने के लिए मानपुर बफर परिक्षेत्र के खिचकिड़ी बीट पहुंचे थे। इसी दौरान झाड़ियों के बीच मौजूद बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघ के पंजों से उनके सिर के पीछे गर्दन में गहरी चोट लगी। आसपास मौजूद लोगों और वन अमले को घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया।
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वन विभाग की टीम ने बिना समय गंवाए घायल को घटनास्थल से सुरक्षित निकाला और शासकीय वाहन से मेडिकल कॉलेज शहडोल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। विभाग के अनुसार घायल की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। वन अमले द्वारा आसपास के गांवों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक बार फिर ग्रामीणों, चरवाहों और जंगल से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बाघ एवं अन्य हिंसक वन्य जीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक प्रवेश न करें। विशेष रूप से मवेशी चराने, लकड़ी या अन्य वन उपज एकत्र करने के लिए जंगल के संवेदनशील हिस्सों में जाने से बचें। यदि किसी क्षेत्र में बाघ या अन्य वन्य प्राणी दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें और स्वयं किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं।
गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अधिक होने के कारण बफर क्षेत्र के कई हिस्सों में समय-समय पर वन्य जीवों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह देता रहा है।
