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Umaria News: अवैध लकड़ी से जुड़े मामले में वन रक्षक पर तीन लोगों ने किया हमला, केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
Tue, 11 Mar 2025 07:35 AM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Tue, 11 Mar 2025 07:35 AM IST
सार
हमलावरों ने वन रक्षक की वर्दी फाड़ दी और गंभीर चोटें पहुंचाईं। मुख्य आरोपी रवि महार पर पहले से अवैध लकड़ी कटाई से जुड़ा केस दर्ज था। उसने अपने साथियों सुखीलाल महार और लली महार के साथ मिलकर हमला किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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घायल बीट गार्ड बिक्कू बैगा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया जिले के बरौदा सर्किल में वन विभाग के एक रक्षक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब वन रक्षक भिक्कू बैगा जंगल में मार्किंग कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान तीन लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
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जानकारी के अनुसार वन रक्षक भिक्कू बैगा जंगल के कक्ष क्रमांक 754 से 751 की ओर जा रहे थे। जब वे रवि महार के खेत के पास पहुंचे, तो रवि महार ने उन्हें रोक लिया। वहां पहले से ही सुखीलाल महार और लली महार भी मौजूद थे। इन तीनों ने मिलकर वन रक्षक पर हमला बोल दिया। इस दौरान उनकी वर्दी फट गई और उन्हें गंभीर चोटें आईं, खासकर उनके अंगूठे और शरीर पर।
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हमले के पीछे क्या कारण था
मुख्य आरोपी रवि महार के खिलाफ पहले से ही अवैध लकड़ी से जुड़ा एक केस दर्ज था। वन विभाग उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था और इसी वजह से उसने वन रक्षक पर हमला कर दिया। रवि महार को डर था कि वन विभाग के अधिकारी उसकी अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई कर सकते हैं, इसलिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वन रक्षक को निशाना बनाया।
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पुलिस ने क्या कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली की सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों आरोपियों रवि महार, सुखीलाल महार और लली महार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उन पर बीएनएस की धारा 126(2), 121(1), 296, 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि वन रक्षकों को जंगल में सुरक्षा दी जानी चाहिए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अवैध लकड़ी तस्करों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गुस्सा है। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन असामाजिक तत्व अक्सर उन्हें धमकाते हैं और उन पर हमला कर देते हैं। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और दोषियों को सख्त सजा दें। उमरिया जिले में वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह की घटनाएं वन रक्षकों के मनोबल को तोड़ सकती हैं। प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला करने से पहले अपराधी सौ बार सोचें। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
