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Umaria News: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल 10वें दिन भी जारी, आठ मई को भोपाल में करेंगे प्रदर्शन
Sat, 06 May 2023 05:24 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 06 May 2023 05:24 PM IST
सार
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी और अधिकारी प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के मुखिया को भगवान सद्बुद्धि दें और हमारी मांगों को मान लें। इसी कड़ी में सुंदरकांड का भी पाठ किया गया, उसके बाद चंदिया जाकर नौगजा बाबा की मजार पर चादर भी चढ़ाए कि शायद कोई उनको सद्बुद्धि दे दें। इतना ही जिले से सैकड़ों की तादात में आठ मई को भोपाल पहुंचकर वहां भी प्रदर्शन करेंगे।
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कर्मचारियों की हड़ताल 10वें दिन भी जारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उमरिया जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष निपेन्द्र सिंह ने बताया, हम लोग पूर्व में भी हड़ताल पर जा चुके हैं। हमको आश्वासन दिया गया था कि आपकी मांगे पूरी की जाएंगी, लेकिन आज तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसके चलते हम सभी लोग 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं और जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक हम नही उठेंगे। अब हमारे सामने 'मरता क्या न करता' वाली स्थिति आ गई है, जिसके कारण पूरे प्रदेश के संविदा कर्मचारी अधिकारी साथी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा कर्मचारियों के लिए पांच जून 2018 की नीति सभी विभागों में सामान्य प्रशासन विभाग के नोटिफिकेशन क्रमांक/सी-5/2018/1/3 द्वारा लागू की गई है। इसका लाभ प्रदेश के 32 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को क्यों नहीं मिल पा रहा। यह प्रशासन की संवेदनहीनता को प्रदर्शित करता है, इसको लेकर प्रदेश के 32 हजार परिवारों, जिनकी जनसंख्या लगभग 1 लाख 50 हजार के आसपास है, उनके सामने जीवन मरण का प्रश्न उपस्थित हो गया है।
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स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगें इस प्रकार हैं...
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी एवं कर्मचारियों को नियमित किया जाए। जब तक नियमितिकरण नहीं हो पाता है, तब तक पांच जून 2018 की मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पारित की गई नीति तत्काल प्रभाव से लागू की जाए और सीएचओ को MLHP कैडर के तहत नियमित किया जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउट सोर्स प्रथा में किए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को दोबारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मर्ज किया जाए। विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए और निष्कासित कर्मचारियों को शत-प्रतिशत वापस लिया जाए।
- संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा 15 दिसंबर 2022 से तीन जनवरी 2023 तक की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान जिन संविदा कर्मचारियों पर पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए हैं, वह तत्काल वापस लिए जाए।
- चुनावी साल में यदि इनकी मांग पूरी नहीं होती हैं तो कहीं साल 2003 में जो दिग्विजय सरकार की स्थिति हुई थी, वही स्थिति फिर न हो जाए। हालांकि इस बार प्रदेश की जनता को तीसरा विकल्प भी मिल रहा है। वह है आम आदमी पार्टी का, जो पूरी तरह से कमर कसकर हर विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।
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