{"_id":"678f748d156f2d14640095cc","slug":"when-the-notices-were-distributed-there-was-a-stir-in-7-villages-farmers-reached-the-society-and-said-they-cannot-pay-this-much-money-ujjain-news-c-1-1-noi1228-2543725-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: नोटिस बंटे तो 7 गांव में मच गया हड़कंप, सोसायटी पहुंचे किसानों ने कहा- नहीं भर सकते इतना रुपया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: नोटिस बंटे तो 7 गांव में मच गया हड़कंप, सोसायटी पहुंचे किसानों ने कहा- नहीं भर सकते इतना रुपया
Tue, 21 Jan 2025 05:33 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 05:33 PM IST
सार
Ujjain: लगभग 500 किसानों को मिले इस नोटिस से हड़कंप मचने का मुख्य कारण यह है कि नोटिस में मूल के साथ ही ब्याज राशि भी तगड़े रूप से वसूली जा रही है। जिन किसानों को समिति का 1 लाख रुपया भरना था उनसे 2 लाख तक वसूले जा रहे हैं।
विज्ञापन
नोटिस बटे तो 7 गांव में मच गया हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन अंबोदिया सोसायटी के अंतर्गत आने वाले 7 गांव के किसान इन दिनों वसूली के नोटिस मिलने से बुरी तरह परेशान है। इन लोगों का कहना है कि लगभग 8 वर्षों से यह सोसाइटी बंद है, लेकिन अचानक समिति ने हमें वसूली के नोटिस जारी कर दिए हैं, जिन्हें एक सप्ताह में दी गई राशि भरना है। वरना कानूनी कार्रवाई करने का डर बताया जा रहा है। लगभग 500 किसानों को मिले इस नोटिस से हड़कंप मचने का मुख्य कारण यह है कि नोटिस में मूल के साथ ही ब्याज राशि भी तगड़े रूप से वसूली जा रही है। जिन किसानों को समिति का 1 लाख रुपया भरना था, उनसे 2 लाख तक वसूले जा रहे हैं।
किसान अशोक जाट ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से अंबोदिया सोसायटी बंद पड़ी हुई है, क्योंकि यहां के कर्मचारियों द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण इसे पूर्व में बंद कर दिया गया था। लगभग 8 वर्षों से इस समिति के किसान फसलों के बीमा और खाद बीज के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन इन किसानों को राहत देने की बजाय अंबोदिया सोसायटी के जिम्मेदारों ने किसानों को वसूली नोटिस जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
इस नोटिस के तहत अगर 7 दिनों मे किसान यह राशि नहीं भरते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अशोक जाट ने बताया कि लगभग 500 किसानों को 7 गांव में यह नोटिस बांटे गए हैं। नोटिस भेजने के दौरान काफी अनियमितता हुई है, क्योंकि जिन किसानों पर एक लाख का कर्ज था, उनसे लगभग इतने ही राशि का ब्याज वसूला जा रहा है। साथ ही उन लोगों को भी नोटिस भेजे गए हैं, जिनके नाम क्षेत्र में कोई जमीन ही नहीं है।
एक ओर तो मध्य प्रदेश सरकार किसानों को 0% ब्याज पर ऋण देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंबोदिया के किसानों से मूल तो ठीक ब्याज की भी तगड़ी वसूली की जा रही है, जिससे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हो रही है। किसानों ने नाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले का निराकरण करने की मांग की है। अंबोदिया क्षेत्र के किसान संतोष ने बताया कि मेरे नाम कोई जमीन नहीं है, लेकिन फिर भी मुझे वसूली का 3,37,000 का नोटिस दिया गया है। मैने यहां आकर इस पर शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन फिर भी मुझे सात दिनों में यह राशि भरने की बात की जा रही है।
संस्था के पदाधिकारी ने खातों में कुछ अनियमितता की थी, जिसके कारण ही यह समिति बंद की गई थी। हम संस्था के किसानों का रिकॉर्ड खोज रहे हैं। जिसके आधार पर पूरी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में कुछ लोगों को वसूली नोटिस जारी किए हैं जिस पर किसानों की आपत्ति आई है। रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
एमके माथुर, सहायक प्रबंधक जिला सहकारी बैंक
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान अशोक जाट ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से अंबोदिया सोसायटी बंद पड़ी हुई है, क्योंकि यहां के कर्मचारियों द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण इसे पूर्व में बंद कर दिया गया था। लगभग 8 वर्षों से इस समिति के किसान फसलों के बीमा और खाद बीज के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन इन किसानों को राहत देने की बजाय अंबोदिया सोसायटी के जिम्मेदारों ने किसानों को वसूली नोटिस जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
इस नोटिस के तहत अगर 7 दिनों मे किसान यह राशि नहीं भरते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अशोक जाट ने बताया कि लगभग 500 किसानों को 7 गांव में यह नोटिस बांटे गए हैं। नोटिस भेजने के दौरान काफी अनियमितता हुई है, क्योंकि जिन किसानों पर एक लाख का कर्ज था, उनसे लगभग इतने ही राशि का ब्याज वसूला जा रहा है। साथ ही उन लोगों को भी नोटिस भेजे गए हैं, जिनके नाम क्षेत्र में कोई जमीन ही नहीं है।
एक ओर तो मध्य प्रदेश सरकार किसानों को 0% ब्याज पर ऋण देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंबोदिया के किसानों से मूल तो ठीक ब्याज की भी तगड़ी वसूली की जा रही है, जिससे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हो रही है। किसानों ने नाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले का निराकरण करने की मांग की है। अंबोदिया क्षेत्र के किसान संतोष ने बताया कि मेरे नाम कोई जमीन नहीं है, लेकिन फिर भी मुझे वसूली का 3,37,000 का नोटिस दिया गया है। मैने यहां आकर इस पर शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन फिर भी मुझे सात दिनों में यह राशि भरने की बात की जा रही है।
संस्था के पदाधिकारी ने खातों में कुछ अनियमितता की थी, जिसके कारण ही यह समिति बंद की गई थी। हम संस्था के किसानों का रिकॉर्ड खोज रहे हैं। जिसके आधार पर पूरी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में कुछ लोगों को वसूली नोटिस जारी किए हैं जिस पर किसानों की आपत्ति आई है। रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
एमके माथुर, सहायक प्रबंधक जिला सहकारी बैंक
