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राम मंदिर चंदा विवाद: संतों का फूटा आक्रोश, चंपत राय पर उठे सवाल, पुजारी महासंघ बोला-पद पर बैठे लोग ही जवाबदार
Thu, 02 Jul 2026 10:51 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 10:51 PM IST
सार
अयोध्या राम मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उज्जैन के संतों ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को जिम्मेदार ठहराते हुए एसआईटी जांच की मांग की।
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राम मंदिर चंदा विवाद मे उज्जैन के संतों का फूटा आक्रोश
विस्तार
अयोध्या राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। उज्जैन के साधु-संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधा निशाना साधा है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ, जूना अखाड़ा और स्वस्तिक पीठ के संतों ने चंपत राय को जिम्मेदार ठहराते हुए SIT से सख्त जांच की मांग की है। वहीं कुछ दिनों पहले पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने भी चंपत राय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज उज्जैन में पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए।
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राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर उज्जैन से संत समाज की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा, चंपत राय चाहे कहें कि मेरा लेना-देना नहीं है, लेकिन जो पद पर बैठा है, अध्यक्ष या सचिव है, वही जवाबदार है। उन्होंने मांग की कि SIT चंपत राय और सभी ट्रस्टियों को मुख्य टारगेट बनाकर जांच करे। साथ ही PM मोदी से ट्रस्ट भंग करने और उसमें शहीद कारसेवकों के माता-पिता व बड़े दानदाताओं को शामिल करने की मांग की।
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स्वस्तिक पीठ उज्जैन के पीठाधीश्वर डॉ. अवधेश पुरी महाराज ने कहा कि चंपत राय जिम्मेदार व्यक्ति हैं, वह दूसरों पर दोष मढ़कर बच नहीं सकते। पहले FIR होनी चाहिए थी, फिर SIT। उन्हें करोड़ों लोगों को विश्वास दिलाना होगा कि दोषी कौन है। टिन्नू-मिन्नू के माथे ठीकरा फोड़ना गलत है।
जूना अखाड़ा के मंडलेश्वर शेलेषानंद महाराज ने भी मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। दोषी तो दोषी है। जो पद पर बैठा है, वही जवाबदार है। चंपत राय हों या अनिल जी, सभी ट्रस्टियों को जवाब देना चाहिए। SIT इन्हें मुख्य टारगेट बनाकर जांच करे।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन प्रवास के दौरान चंपत राय पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा, भारत के इतिहास में पहली बार मंदिर की दान राशि में घोटाला हो रहा है। चंपत राय से बड़ा बेईमान और भ्रष्ट कोई नहीं है। भगवान राम के मंदिर पर जमकर चंदाखोरी हुई। उन्होंने कहा कि सिर्फ ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होगा, चंपत राय को जवाबदेही लेनी होगी।
इस पूरे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज उज्जैन आए तो पत्रकारों ने चंदा चोरी पर सवाल किए। लेकिन उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बिना जवाब दिए कार में बैठकर रवाना हो गए। संत समाज का कहना है कि अगर अभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो देश के अन्य मंदिरों में भी भ्रष्टाचार बढ़ेगा। छोटे गुनहगार फंसेंगे, बड़े बच जाएंगे।
