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Ujjain News: उज्जैन पुलिस के नवजीवन अभियान से 383 परिवारों में लौटी खुशियां, गुम हुए बच्चों को मिला नया सहारा

Fri, 22 May 2026 10:22 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 22 May 2026 10:22 PM IST
सार

उज्जैन पुलिस का ‘नवजीवन अभियान’ उन बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है, जो पढ़ाई के दबाव, पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव के चलते घर छोड़ चुके थे। पुलिस ने सिर्फ गुमशुदा बच्चों को तलाशने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि काउंसलिंग और मार्गदर्शन के जरिए उन्हें दोबारा सामान्य जीवन से जोड़ने का प्रयास भी किया है।

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Ujjain News: Ujjain Police’s Navjeevan Campaign Restores Hope to 383 Families, Missing Children Reunited
उज्जैन पुलिस का नवजीवन अभियान

विस्तार

उज्जैन पुलिस केवल लॉ एंड ऑर्डर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभा रही है। इसी दिशा में चलाए जा रहे नवजीवन अभियान के तहत वर्ष 2025 में उज्जैन पुलिस ने अब तक 383 परिवारों की खुशियां लौटाने का काम किया है। यह अभियान उन बच्चों के लिए शुरू किया गया है, जो पढ़ाई में असफल होने के डर, पारिवारिक विवाद, सोशल मीडिया के प्रभाव, प्रेम प्रसंग या मानसिक तनाव के कारण घर छोड़कर चले गए थे।

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पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 261 बच्चों ने घर छोड़ा था, जबकि कुछ पुराने मामलों को मिलाकर उज्जैन पुलिस ने अब तक 291 बच्चों को खोज निकाला है। वहीं जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच गुम हुए 92 बच्चों को भी सकुशल उनके परिवारों से मिलवाया गया है।
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उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान ने बाल संरक्षण और पुनर्वास का नया मॉडल पेश किया है। पुलिस ने सिर्फ बच्चों को खोजने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शैक्षणिक पुनर्वास पर भी काम शुरू किया है।
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काउंसलिंग के दौरान बच्चों और उनके परिजनों से अलग-अलग बातचीत की गई, जिसमें कई अहम कारण सामने आए। इनमें पढ़ाई का दबाव, परीक्षा का डर, पारिवारिक कलह, मोहल्ले के विवाद, सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव, प्रेम प्रसंग और आत्मविश्वास की कमी प्रमुख वजहें रहीं। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि सिर्फ बच्चों को खोज लेना काफी नहीं है, बल्कि उनके मन और भविष्य को संभालना भी जरूरी है।

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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बालक-बालिकाओं को भावनात्मक सहयोग, मार्गदर्शन और जीवन कौशल उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश परिवार और समाज से दूर हो गए थे। पुलिस उन्हें दोबारा परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने का काम कर रही है।


नवजीवन यानी नए जीवन की अवधारणा पर आधारित इस अभियान के तहत बच्चों को सम्मान, स्नेह और आत्मीयता के साथ समाज में पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ सामान्य जीवन जी सकें।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रयास-नवजीवन अभियान के तहत विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घर-घर और गांव-गांव जाकर बच्चों और उनके परिवारों से संपर्क किया। इस दौरान माता-पिता और बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग कर आपसी संवाद और विश्वास बहाल करने का प्रयास किया गया। बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास और करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। पुलिस की ओर से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि बच्चे और उनके परिवार भविष्य को लेकर जागरूक होकर सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

 

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