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अजब गजब: उज्जैन के सीएम राइज स्कूल का हाल, ढाई महीने से नहीं मिला रिजल्ट; प्राचार्य ने सादे कागज पर..

Mon, 01 Jul 2024 08:06 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 01 Jul 2024 08:06 AM IST
सार

Ujjain: सीएम राइज स्कूल जाल सेवा निकेतन के कक्षा 6वीं व 7वीं का रिजल्ट घोषित हुए लगभग ढाई महीने बीत चुके है, लेकिन इसके बाद भी स्कूल की तरफ से अभी तक विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिसके कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों और उनके अभिभावकों को हो रही हैं, जो किसी अन्य स्कूल में एडमिशन लेना चाहते हैं।

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ujjain news: Such is the condition of CM Rise School Result not received since last two and a half months
बच्चों को नहीं मिला रिजल्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एक और शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के साथ ही विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से कुछ ऐसे प्रयास कर रहे हैं, जिससे कि मध्यप्रदेश के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा के माध्यम से प्रदेश का नाम देशभर में गौरवान्वित कर सके, लेकिन उनके गृह जिले में स्थित सीएम राइज स्कूल के हालात कुछ ऐसे हैं कि यहां पढ़ने वाले बच्चों के रिजल्ट तो लगभग ढाई महीने पहले ही घोषित हो चुके हैं, लेकिन आज तक बच्चों को यह रिजल्ट उपलब्ध नहीं करवाए गए है। स्थितियां कुछ ऐसी है कि जब बच्चे दूसरे स्कूलों में प्रवेश के लिए पहुंच रहे हैं तो उनसे रिजल्ट मांगे जा रहे हैं, जिस पर अब प्राचार्य बच्चों को हाथ से लिखकर इस बात का प्रमाणीकरण कर रहे हैं कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चे कक्षा में पास हो चुके हैं, जिन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया जाए।
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सीएम राइज स्कूल जाल सेवा निकेतन के कक्षा 6वीं व 7वीं का रिजल्ट घोषित हुए लगभग ढाई महीने बीत चुके है, लेकिन इसके बाद भी स्कूल की तरफ से अभी तक विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिसके कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों और उनके अभिभावकों को हो रही हैं, जो किसी अन्य स्कूल में एडमिशन लेना चाहते हैं। अंकसूची ना होने पर इन बच्चों को एक और एडमिशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं बच्चों और उनके अभिभावकों को खुद यह नहीं पता है कि वार्षिक परीक्षा में किस विषय में आखिर उन्हें कितने अंक प्राप्त हुए हैं।
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हालांकि बच्चों को अन्य स्कूलों में रिजल्ट ना होने पर प्रवेश लेने में कोई दिक्कत ना आए इसलिए स्कूल प्राचार्य द्वारा हाथ से कागज पर लिखकर यह जानकारी दी जा रही है कि बच्चा पास हुआ है। प्राचार्य ने तो अपने स्तर पर बच्चों को स्कूलों में एडमिशन मिल जाए, इसलिए इस प्रकार के प्रमाणीकरण सर्टिफिकेट बना दिए हैं लेकिन सोचने वाली बात यह है कि वह शिक्षा विभाग जो की स्कूलों में एडमिशन के समय अंक सूची की अनिवार्यता की बात कहता है, अब उसी के कारण इन नियमों की अवहेलना हो रही है।
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इसीलिए बच्चों को नहीं मिल पाया रिजल्ट
बच्चों को समय पर रिजल्ट ना मिल पाने के मामले में जब पड़ताल की गई तो पता चला की अभी वरिष्ठ कार्यालय से ही अंकसूची बनकर तैयार नहीं हुई हैं। जिसके कारण ही बच्चों को अंकसूची का वितरण नहीं किया गया है।
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