फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Ujjain News Fed up with harassment of wife and in-laws committed suicide police silent despite HC order

Ujjain News: बीवी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर की थी आत्महत्या, HC के आदेश के बावजूद पुलिस मौन

Tue, 20 Jun 2023 04:24 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 20 Jun 2023 04:24 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग पिता ने एसपी से फरियाद लगाई है। उसका कहना है कि मेरे बेटे ने पत्नी और ससुराल वालों के चलते आत्महत्या कर लिया था। इस मामले में सुबूत होने के बावजूद पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
 

विज्ञापन
Ujjain News Fed up with harassment of wife and in-laws committed suicide police silent despite HC order
एसपी से न्याय की गुहार लगाता हुआ पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साहब मेरे बेटे ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्मघाती कदम उठा लिया था। इस मामले में डेढ़ साल पहले मेरी पुत्रवधू के कमरे से बेटे द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट भी मिला था। उसके बाद हम लगातार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन इस मामले मे जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हमने हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी। जहां से माननीय हाईकोर्ट ने आदेशित किया था कि इस पूरे मामले में 30 दिनों के भीतर कार्रवाई की जाए। लेकिन माननीय हाईकोर्ट के आदेश को जारी हुए लगभग 90 दिन हो चुके हैं और अब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर जांच की शुरूआत भी नहीं हो पाई है। एसपी साहब आप हाईकोर्ट के आदेश का पालन करवाओ और मेरे मृतक बेटे को न्याय दिलाओ, बस मेरी आपसे यही निवेदन है।

विज्ञापन


कुछ ऐसी ही फरियाद लेकर अब्दालपुरा में रहने वाला रमेशचंद्र रामचंदानी पिता जस्सुमल रामचंदानी मंगलवार सुबह एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे थे। यहां उन्होंने एसपी सचिन शर्मा को बताया कि मेरे बेटे स्वर्गीय गोविन्द रामचंदानी ने उसकी पत्नी और ससुराल वालों के द्वारा दी गई प्रताड़ना और आत्महत्या करने के लिए उकसाने के कारण 22 सितंबर 2020 को घर पर ही आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन


उसके करीब एक साल बाद मेरी पुत्रवधु के कमरे से मेरे पुत्र गोविंद का हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसके मिलने के बाद मेरे द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पिछले डेढ़ साल से मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल जाकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर आईजी, एसपी, सीएसपी और थाना प्रभारी को शिकायत की गई। लेकिन इसके बावजूद भी जब मुझे कोई न्याय नहीं मिल पाया तो मेरे द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में एक वाद दायर किया था, जिसमें माननीय न्यायाधीश ने 21 फरवरी 2023 को एक आदेश जारी किया, जिसमें 30 दिनों के दौरान मेरी पुत्रवधू और उसके परिवार के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन इस मामले में जीवाजीगंज थाने के सीएसपी और थाना प्रभारी द्वारा हाईकोर्ट के आदेश को 90 दिन गुजरने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जो कि हाईकोर्ट के आदेशों की सरासर अवहेलना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुसाइड नोट मिला, तभी लगाया आरोप...
इस बारे में रमेशचंद्र रामचंदानी ने अमर उजाला को बताया कि जब तक सुसाइड नोट नहीं मिला था, तब तक हम इस पूरे मामले को आत्महत्या ही मान रहे थे। लेकिन सुसाइड नोट में मेरे बेटे ने साफ-साफ लिखा था कि मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे ससुराल के लोग हैं, जिसके बाद से लगातार थाने, सीएसपी, एसपी और आईजी कार्यालय पर चक्कर लगाते रहे। मैंने न्याय के लिए मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई, लेकिन मुझे अब तक न्याय नहीं मिल पाया। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और मेरे मृतक बेटे को न्याय मिले।


खुदकुशी के लिए उकसाने का केस हो दर्ज...
रमेशचंद्र रामचंदानी ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, पुलिस को पूरे मामले की जांच करना चाहिए और इसके बाद वह लोग जो इस पूरे मामले के दोषी हैं। पमनानी परिवार के उन सभी लोगों के खिलाफ मेरे बेटे को खुदकुशी के लिए उकसाने और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed