{"_id":"66a6f41911b7eeb58c0a2c46","slug":"ujjain-mahakal-on-the-second-monday-of-shravan-baba-mahakal-was-decorated-in-the-form-of-ardhanarishwar-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain Mahakal: श्रावण के दूसरे सोमवार पर अर्धनारीश्वर स्वरूप मे शृंगारित हुए बाबा महाकाल, फिर रमाई भस्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain Mahakal: श्रावण के दूसरे सोमवार पर अर्धनारीश्वर स्वरूप मे शृंगारित हुए बाबा महाकाल, फिर रमाई भस्म
Mon, 29 Jul 2024 07:15 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 29 Jul 2024 07:15 AM IST
सार
श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी पर सोमवार को सबसे पहले शुद्ध जल से स्नान करवाया गया। इसके बाद भगवान का पंचामृत स्नान करवाने के साथ ही उन पर केसर युक्त जल अर्पित किया गया। अर्द्धनारिश्वर स्वरूप में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार भी किया गया।
विज्ञापन
उज्जैन महाकाल का भस्म आरती में किया गया शृंगार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल आधा घंटा पहले भक्तों को दर्शन देने के लिए जागे, बल्कि उनका अर्धनारीश्वर शृंगार कर उन्हें भस्म भी रमाई गई। इसका लाभ भस्म आरती में बैठे श्रद्धालुओं के साथ ही चलित भस्म आरती के रूप मे हजारों की संख्या में श्रद्धालुजनों ने लिया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आशीष गुरु ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी पर सोमवार को सबसे पहले शुद्ध जल से स्नान करवाया गया। इसके बाद भगवान का पंचामृत स्नान करवाने के साथ ही उन पर केसर युक्त जल अर्पित किया गया। अर्द्धनारिश्वर स्वरूप में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार भी किया गया, जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। इसके बाद पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज गुंजायमान हो गया। आज के दिन की विशेष जानकारी देते हुए पंडित आशीष पुजारी ने बताया कि सोमवार सुबह बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन करने के बाद उनसे राष्ट्र की सुख समृद्धि की कामना की गई।
सावन की दूसरी सवारी आज
पंडित आशीष पुजारी ने बताया कि सोमवार शाम बाबा महाकाल अपनी प्रजा को दर्शन देने के लिए सवारी के रूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इसमें पालकी में चंद्रमोलेश्वर तो हाथी पर मनमहेश स्वरूप के दर्शन बाबा महाकाल के भक्तों को होंगे। शाम चार बजे पहले मंदिर में पूजन होगा, फिर बाबा भ्रमण पर निकलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आशीष गुरु ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी पर सोमवार को सबसे पहले शुद्ध जल से स्नान करवाया गया। इसके बाद भगवान का पंचामृत स्नान करवाने के साथ ही उन पर केसर युक्त जल अर्पित किया गया। अर्द्धनारिश्वर स्वरूप में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार भी किया गया, जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। इसके बाद पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज गुंजायमान हो गया। आज के दिन की विशेष जानकारी देते हुए पंडित आशीष पुजारी ने बताया कि सोमवार सुबह बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन करने के बाद उनसे राष्ट्र की सुख समृद्धि की कामना की गई।
विज्ञापन
सावन की दूसरी सवारी आज
पंडित आशीष पुजारी ने बताया कि सोमवार शाम बाबा महाकाल अपनी प्रजा को दर्शन देने के लिए सवारी के रूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इसमें पालकी में चंद्रमोलेश्वर तो हाथी पर मनमहेश स्वरूप के दर्शन बाबा महाकाल के भक्तों को होंगे। शाम चार बजे पहले मंदिर में पूजन होगा, फिर बाबा भ्रमण पर निकलेंगे।
विज्ञापन
