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Ujjain: राम नाम की गूंज के साथ 101 बटुकों ने निकाली सूर्यदेव की सवारी, अखंड रामचरितमानस का साप्ताहिक पाठ शुरू
Mon, 15 Jan 2024 04:33 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 15 Jan 2024 04:33 PM IST
सार
आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी के सान्निध्य में शनि मंदिर से भगवान सूर्य देव और शनि देव के मिलन की भव्य यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही शनि मंदिर पर अखंड रामचरितमानस के साप्ताहिक पाठ की शुरुआत भी हो गई, जिसकी पूर्णाहुति 22 जनवरी को होगी।
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इंदौर के आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी के सान्निध्य में सूर्यदेव की सवारी निकाली गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मकर संक्रांति के महापर्व पर सोमवार को त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर से भगवान सूर्य देव और शनि देव के मिलन की एक भव्य यात्रा निकाली गई। इसमें पिता और पुत्र का मिलन हुआ। इस कार्यक्रम के साथ ही आज से त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर पर अखंड रामचरितमानस के साप्ताहिक पाठ की शुरुआत भी हो गई, जिसकी पूर्णाहुति 22 जनवरी को होगी।
कार्यक्रम के आयोजक इंदौर के आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि शनि नवग्रह मंदिर त्रिवेणी पर सप्तम वर्ष सूर्य देव की यह सवारी निकाली गई। यह सवारी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 101 बटुकों द्वारा निकाली गई। इसमें सवारी के साथ यह संदेश दिया गया कि ज्योतिष में पिता सूर्य देव और पुत्र शनि भले ही आपस में पारस्परिक शत्रु हैं पर फिर भी वे एक दूसरे के घर आना जाना बंद नहीं करते। यह यात्रा निकाले जाने का यही मूल उद्देश्य भी है कि मकर सक्रांति पर रिश्तों में भी बोली के साथ मधुरता आए।
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कार्यक्रम के आयोजक इंदौर के आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि शनि नवग्रह मंदिर त्रिवेणी पर सप्तम वर्ष सूर्य देव की यह सवारी निकाली गई। यह सवारी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 101 बटुकों द्वारा निकाली गई। इसमें सवारी के साथ यह संदेश दिया गया कि ज्योतिष में पिता सूर्य देव और पुत्र शनि भले ही आपस में पारस्परिक शत्रु हैं पर फिर भी वे एक दूसरे के घर आना जाना बंद नहीं करते। यह यात्रा निकाले जाने का यही मूल उद्देश्य भी है कि मकर सक्रांति पर रिश्तों में भी बोली के साथ मधुरता आए।
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101 बटुक यात्रा में शामिल हुए।
- फोटो : सोशल मीडिया
आज हुए यह आयोजन
101 बटुक ब्राह्मण सूर्य नमस्कार के बाद पालकी में सूर्य ग्रह की सवारी लिए रामधुन, ताशे, ढोल फूलों की तोपों के साथ त्रिवेणी नदी पहुंचे, जहां अर्घ्य देकर सूर्य मंत्र आदित्य ह्रदय स्त्रोत के वाचन राम रक्षा स्त्रोत वचन के साथ गणमान्य नागरिकों के साथ शनि मंदिर के शनि गर्भ में विराजित किया गया। जहां पिता-पुत्र मिलन हुआ। बटुक ब्राह्मण पुत्र के रूप में, वयोवृद्ध एवं सरकार का प्रतिनिधत्व करने वाले सूर्य के रूप में शामिल हुए। सूर्य मंत्र एवं शनि मंत्रों के साथ रामचरित मानस का अखंड पाठ शनि नवग्रह मंदिर में चलेगा। इसमें नवग्रह शांति एवं अखंड रामचरित मानस का पाठ समापन 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के समय पूर्णाहूति होगी।
जब मुख मे राम का नाम हो तब और कोई व्यसन ना हो : कृष्णा गुरु
आध्यात्मिक कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि 22 जनवरी को जब अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। उस दिन को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तो ड्राई डे घोषित कर दिया है, लेकिन यहां हमारे लिए भी जरूरी है कि हम भी इस बात का ध्यान रखें कि जब मुख में राम का नाम हो तो फिर हम किसी भी प्रकार का व्यसन ना करें। ना तो हम इस दिन कोई गुटखा, पान, तंबाकू खाएं और ना ही अन्य किसी मादक पदार्थ का इस दिन सेवन करें।
101 बटुक ब्राह्मण सूर्य नमस्कार के बाद पालकी में सूर्य ग्रह की सवारी लिए रामधुन, ताशे, ढोल फूलों की तोपों के साथ त्रिवेणी नदी पहुंचे, जहां अर्घ्य देकर सूर्य मंत्र आदित्य ह्रदय स्त्रोत के वाचन राम रक्षा स्त्रोत वचन के साथ गणमान्य नागरिकों के साथ शनि मंदिर के शनि गर्भ में विराजित किया गया। जहां पिता-पुत्र मिलन हुआ। बटुक ब्राह्मण पुत्र के रूप में, वयोवृद्ध एवं सरकार का प्रतिनिधत्व करने वाले सूर्य के रूप में शामिल हुए। सूर्य मंत्र एवं शनि मंत्रों के साथ रामचरित मानस का अखंड पाठ शनि नवग्रह मंदिर में चलेगा। इसमें नवग्रह शांति एवं अखंड रामचरित मानस का पाठ समापन 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के समय पूर्णाहूति होगी।
जब मुख मे राम का नाम हो तब और कोई व्यसन ना हो : कृष्णा गुरु
आध्यात्मिक कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि 22 जनवरी को जब अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। उस दिन को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तो ड्राई डे घोषित कर दिया है, लेकिन यहां हमारे लिए भी जरूरी है कि हम भी इस बात का ध्यान रखें कि जब मुख में राम का नाम हो तो फिर हम किसी भी प्रकार का व्यसन ना करें। ना तो हम इस दिन कोई गुटखा, पान, तंबाकू खाएं और ना ही अन्य किसी मादक पदार्थ का इस दिन सेवन करें।
