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Ujjain: पितरों के निमित्त केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में भी हुआ तर्पण, 147 कैदियों ने शांति के लिए की पूजा-अर्चना
Sat, 21 Sep 2024 04:17 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 04:17 PM IST
सार
विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन मे केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में कैदियों के लिए सामूहिक श्राद्ध तर्पण व पिंडदान का कार्यक्रम हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में जेल में महिला और पुरुष कैदियों ने तर्पण पूजन अर्चन किया।
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केंद्रीय जेल भेरवगढ़
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन मे केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में कैदियों के लिए सामूहिक श्राद्ध तर्पण व पिंडदान का कार्यक्रम हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में जेल में महिला और पुरुष कैदियों ने तर्पण पूजन अर्चन किया। पं. श्याम गुरु पंचोली ने बताया कि बंदियों को उनके दिवंगत परिजनों के लिए सामूहिक तर्पण व पिंडदान कराया गया। जेल अधीक्षक की पहल पर जेल के सांस्कृतिक भवन में 109 पुरुष व 38 महिला बंदियों ने अपने पूर्वजों की आत्मशांति व मोक्ष के लिए विधि-विधान से श्राद्ध तर्पण व पिंडदान किया। इस दौरान जेल अधीक्षक व कर्मचारी मौजूद थे।
पंडित श्याम गुरु ने बताया कि हमारे पितरों को प्रेत योनि से मुक्ति मिले जिसके लिए पिंड व तर्पण किया जाता है इससे पितृ की आत्मा को शांति व मोक्ष मिलता है। जैसे आज से चतुर्थी का बड़ा महत्व रहता है। दूध, जल, श्रेवत, अर्पण करने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं, घर परिवार, धन, दौलत, मे उन्नति की प्रप्ति होती है और सारी परेशानी व दुख दूर होते है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में तर्पण किया जाता है। जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि जेल के बंदियों को समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं में शामिल होने का मौका दिया जाता है। तर्पण कर्म का पूजन भी इसी के तहत किया गया है। पूजन में शामिल बंदियों में कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने भूलवश किसी की हत्या कर दी और अब वे पश्चाताप वश मृत आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर रहे हैं।
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पंडित श्याम गुरु ने बताया कि हमारे पितरों को प्रेत योनि से मुक्ति मिले जिसके लिए पिंड व तर्पण किया जाता है इससे पितृ की आत्मा को शांति व मोक्ष मिलता है। जैसे आज से चतुर्थी का बड़ा महत्व रहता है। दूध, जल, श्रेवत, अर्पण करने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं, घर परिवार, धन, दौलत, मे उन्नति की प्रप्ति होती है और सारी परेशानी व दुख दूर होते है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में तर्पण किया जाता है। जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि जेल के बंदियों को समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं में शामिल होने का मौका दिया जाता है। तर्पण कर्म का पूजन भी इसी के तहत किया गया है। पूजन में शामिल बंदियों में कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने भूलवश किसी की हत्या कर दी और अब वे पश्चाताप वश मृत आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर रहे हैं।
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