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Ujjain: रीगल टॉकीज की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन नगर निगम के पक्ष में दिया फैसला, 25 साल से था विवाद
Sun, 14 May 2023 10:00 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 14 May 2023 10:00 PM IST
सार
उज्जैन की रीगल टॉकीज का प्रकरण 25 वर्षों से विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन था। जिसमें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए नगर-निगम के पक्ष मे निर्णय दिया है।
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उज्जैन में रीगल टॉकीज का विवाद 25 सालों से कोर्ट में लंबित था।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उज्जैन शहर के ह्रदय स्थल गोपाल मंदिर के समीप पुराने नगर निगम मुख्यालय रीगल टॉकीज का प्रकरण 25 वर्षों से विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन था। जिसमें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए नगर-निगम के पक्ष मे निर्णय दिया है और मे. एमएस ट्रेडिंग कंपनी की याचिका को निरस्त कर दिया है। इस ऐतिहासिक निर्णय से नगर निगम की करीब 300 करोड़ से अधिक राशि का लाभ होगा।
उल्लेखनीय है उक्त भूमि पर भव्य कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का ठेका एमएस ट्रेडिंग कंपनी को दिया गया था। कंपनी की गंभीर अनियमितता के कारण मध्यप्रदेश शासन ने नगर निगम ने ठेका निरस्त कर दिया था। ठेकेदार ने विभिन्न न्यायालय मे ठेका निरस्ती आदेश को चुनौती दी थी तथा प्रकरण लंबे समय से हाईकोर्ट में लंबित था। हाईकोर्ट तथा अधीनस्थ न्यायालय में निगम की ओर से पक्ष वरिष्ठ अभिभाषक कैलाश विजयवर्गीय ने रखा। मामले में निर्णय पारित हो गया था। आदेश के विरुद्ध ठेकेदार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। लंबे समय से स्टे होने से उक्त योजना लंबित रही।
मामले में महापौर मुकेश टटवाल और निगम आयुक्त रौशन सिंह के निर्देशन मे नगर-निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मजबूत पक्ष गया। परिणाम स्वरूप निगम के पक्ष मे ऐतिहासिक निर्णय पारित हुआ है। अब नगर-निगम इस महत्वपूर्ण स्थान पर योजना बनाने के लिए स्वतंत्र है। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा गोपाल मंदिर स्थित छत्री चौक से लेकर पुराने नगर निगम तक सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो नगर पालिका निगम के पक्ष में फैसला आया है, उससे अब गोपाल मंदिर से समीप स्थित पुराने नगर निगम परिसर का करोड़ों की लागत विकास करते हुए यहां शॉपिंग मॉल का निर्माण किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है उक्त भूमि पर भव्य कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का ठेका एमएस ट्रेडिंग कंपनी को दिया गया था। कंपनी की गंभीर अनियमितता के कारण मध्यप्रदेश शासन ने नगर निगम ने ठेका निरस्त कर दिया था। ठेकेदार ने विभिन्न न्यायालय मे ठेका निरस्ती आदेश को चुनौती दी थी तथा प्रकरण लंबे समय से हाईकोर्ट में लंबित था। हाईकोर्ट तथा अधीनस्थ न्यायालय में निगम की ओर से पक्ष वरिष्ठ अभिभाषक कैलाश विजयवर्गीय ने रखा। मामले में निर्णय पारित हो गया था। आदेश के विरुद्ध ठेकेदार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। लंबे समय से स्टे होने से उक्त योजना लंबित रही।
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मामले में महापौर मुकेश टटवाल और निगम आयुक्त रौशन सिंह के निर्देशन मे नगर-निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मजबूत पक्ष गया। परिणाम स्वरूप निगम के पक्ष मे ऐतिहासिक निर्णय पारित हुआ है। अब नगर-निगम इस महत्वपूर्ण स्थान पर योजना बनाने के लिए स्वतंत्र है। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा गोपाल मंदिर स्थित छत्री चौक से लेकर पुराने नगर निगम तक सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो नगर पालिका निगम के पक्ष में फैसला आया है, उससे अब गोपाल मंदिर से समीप स्थित पुराने नगर निगम परिसर का करोड़ों की लागत विकास करते हुए यहां शॉपिंग मॉल का निर्माण किया जाएगा।
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