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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Sheshnag form of Baba Mahakal on Shivnavratri, devotees gathered for darshan even before Mahashivaratri

Mahakaleshwar: शिवनवरात्रि पर बाबा महाकाल का शेषनाग स्वरूप, महाशिवरात्रि से पहले ही दर्शन के लिए उमड़े भक्त

Sun, 12 Feb 2023 12:53 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 12 Feb 2023 12:53 PM IST
सार

नौ दिन तक बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप श्रृंगार किया जाता है और हजारों की संख्या में धर्मालु बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं। मान्यता है कि नौ दिन तक बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप में दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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Sheshnag form of Baba Mahakal on Shivnavratri, devotees gathered for darshan even before Mahashivaratri
महाकाल मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन बाबा महाकाल का विभिन्न रूपों में श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिर में बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप में किए जा रहे श्रृंगार के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह भी देखा जा रहा है, जिसको लेकर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के इन दिव्य दर्शनों का लाभ लेने मंदिर पहुंच रहे हैं। शिवनवरात्र के दौरान बाबा महाकाल का शेष नाग रूप में विशेष श्रृंगार किया गया।
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पंडित महेश पुजारी ने बताया कि शिव नवरात्रि के दौरान बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन कर उन्हें वस्त्र धारण कर वासुकी नाग रूप धारण करवाया गया। जप तप के साथ बाबा का पूजन अभिषेक किया गया। अनंतनाग कहे जाने वाले शेष नाग रूप में महाकाल ने सारे ग्रहों को अपनी कुंडलियों में धरा हुआ है। मंदिर के पुजारी महेश गुरू ने कहा कि शेषनाग रूप में बाबा के दर्शन करने से शक्ति मिलती है, जो मोह का बंधन होता है उससे मुक्ति मिलती है।
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विवाहोत्सव के रूप मे मनाया जाता है महाशिवरात्रि पर्व
महाकाल मंदिर ऐसा है जहां महाशिवरात्रि पर्व शिव पार्वती विवाहोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में नौ दिन तक बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप श्रृंगार किया जाता है और हजारों की संख्या में धर्मालु बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं। मान्यता है कि नौ दिन तक बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप में दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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