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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Priest of Ujjain said - Like Vrindavan, there should be dress code for darshan of God in the temples of Ujjain

Ujjain News: उज्जैन के पुजारी बोले-वृंदावन की तरह ही उज्जैन के मंदिरों में भी ड्रेस कोड में हों भगवान के दर्शन

Fri, 20 Dec 2024 09:12 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 20 Dec 2024 09:12 PM IST
सार

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने का हम स्वागत करते हैं। प्राचीन समय से ही मंदिरों में ड्रेस कोड चला आ रहा है, जिसका पालन पूर्व में मंदिर के पुजारी व अन्य सेवकों द्वारा करवाया जाता था लेकिन जब से मंदिरों का सरकारी कारण हुआ है तभी से ड्रेस कोड पूरी तरह समाप्त हो गया है।

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Priest of Ujjain said - Like Vrindavan, there should be dress code for darshan of God in the temples of Ujjain
01 महर्षि सांदीपनि वंशज पंडित रूपम व्यास पुजारी सांदीपनि आश्रम02 पंडित महेश शर्मा पुजारी महाका

विस्तार

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने पर मंदिर में लगाए गए पोस्टरों का उज्जैन में भी समर्थन किया गया है। पुजारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए यह मांग की है कि उज्जैन के धार्मिक स्थलों में भी इसी नियम का पालन करवाया जाना चाहिए क्योंकि मंदिरों में भगवान के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु कटी फटी जींस, हाफ पैंट, बरमुंडा, स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर भगवान के दर्शन करने चले आते हैं।

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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने का हम स्वागत करते हैं। प्राचीन समय से ही मंदिरों में ड्रेस कोड चला आ रहा है, जिसका पालन पूर्व में मंदिर के पुजारी व अन्य सेवकों द्वारा करवाया जाता था लेकिन जब से मंदिरों का सरकारी कारण हुआ है तभी से ड्रेस कोड पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसका मुख्य कारण यही है कि जब भी कोई पुजारी या सेवक किसी को ड्रेस कोड का पालन करने को कहता था तो उनकी शिकायत कर दी जाती थी और कभी-कभी उन्हें सेवा से बर्खास्त भी कर दिया जाता था। इसीलिए पुजारी हो या सेवक सभी ने इस प्रकार से रोक-टोक करना बंद कर दिया। यही कारण है कि अब मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालु मर्यादित कपड़े पहनकर नहीं आते हैं। महाकालेश्वर मंदिर में भी दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू होना चाहिए और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को इसका पालन भी करवाना चाहिए। हम सिर्फ यही चाहते हैं कि सनातनी लोग भी मर्यादा के अनुसार ही कपड़े पहनकर मंदिर में आएं।
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जबकि महर्षि सांदीपनि वंशज व सांदीपनि आश्रम के पुजारी पंडित रूपम व्यास ने बताया कि मथुरा में बांके बिहारी के मंदिर पर जो निर्णय लिया गया है, वह स्वागत योग्य है। मंदिरों में माता बहनें व पुरुष वर्ग अमर्यादित कपड़े पहनकर आते हैं, जिस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इससे सनातन हिंदू धर्म की परंपरा बनी रहेगी। भगवान के दरबार में आने वाले लोग अमर्यादित कपड़े ना पहनें। हम उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के साथ ही उज्जैन के अन्य मंदिरों में भी शासन के निर्देशानुसार इसका पालन करवाना चाहते हैं। अगर शासन इस पर कोई निर्णय लेगा तो इसका पालन हम जरूर करवाएंगे।
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कुछ यह लिखा है पोस्टर में
भारत में मथुरा जिले के वृंदावन धाम में बना विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। बांके बिहारी के दर्शन के लिए हर रोज श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें देखने को मिलती हैं। ऐसे में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से मंदिर प्रबंधक कमेटी ने अपील की है। कमेटी ने इसे लेकर एक पोस्ट भी किया है। पोस्ट में कमेटी ने ठाकुर बांके बिहारी आने वाले भक्तों से निवेदन किया है कि वह वह छोटे फटे और मिनी स्कर्ट जैसे कपड़ों में दर्शन करने ना आएं।

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