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Mahashivratri: महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारी जोरों पर; शिखरों पर रंग-रोगन तो गर्भगृह में हो रही सफाई

Sun, 25 Feb 2024 03:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 25 Feb 2024 03:56 PM IST
सार

Mahakaleshwar Temple: पीआरओ गौरी जोशी ने बताया मंदिर कि साफ-सफाई और रंग-रोगन के बाद अब गर्भगृह में रजत मंडित दीवार तथा चांदी के रुद्रयंत्र की हर्बल केमिकल से सफाई की जा रही है। एक दो दिन में यह काम भी पूरा हो जाएगा।

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Mahashivratri 2024: Painting on peaks of Mahakaleshwar temple and cleaning in sanctum sanctorum
महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महापर्व महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी का दौर शुरू हो गया है। मुख्य मंदिर के शिखर के अलावा परिसर में बने अन्य मंदिरों की साज-सज्जा का काम किया जा रहा है। इसके लिए सभी मंदिरों के शिखरों पर रंग-रोगन किया जा रहा है। साथ ही गर्भगृह की रजत मंडित दीवार और चांदी के रुद्रयंत्र की सफाई का काम भी किया जा रहा है। 29 फरवरी से शिवनवरात्र के साथ नौ दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत होगी।

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पीआरओ गौरी जोशी ने बताया मंदिर कि साफ-सफाई और रंग-रोगन के बाद अब गर्भगृह में रजत मंडित दीवार तथा चांदी के रुद्रयंत्र की हर्बल केमिकल से सफाई की जा रही है। एक दो दिन में यह काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद 29 फरवरी से शिवनवरात्र की शुरुआत होगी। शिवनवरात्र में सुबह से दोपहर तक भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक पूजन किया जाएगा। शाम को भगवान का नौ दिन तक अलग-अलग रूपों में श्रंगार होगा।
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जानकारी के मुताबिक, शिवनवरात्र मे 29 फरवरी से 8 मार्च तक प्रतिदिन सुबह आठ बजे कोटितीर्थ कुंड के पास स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन होगा। भगवान को हल्दी लगाई जाएगी। सुबह 9.30 बजे से गर्भगृह में पूजन का दौर शुरू होगा। इस दौरान भगवान का पंचामृत, फलों के रस और सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया जाएगा। पूजा अर्चना के बाद 11 ब्राह्मण रूद्र पाठ करेंगे। पूजन का यह दौर दोपहर एक बजे तक चलेगा। इसके बाद भगवान की भोग आरती होगी। दोपहर तीन बजे संध्या पूजा के बाद भगवान का नित्य श्रंगार किया जाएगा।

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