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Ujjain News: आश्रम राशि हेराफेरी मामले में फंसे महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद, तीन अन्य के खिलाफ भी केस दर्ज
Thu, 06 Mar 2025 08:23 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 08:23 PM IST
सार
आश्रम राशि हेराफेरी मामले में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद बुरे फस गए। वहीं, तीन अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।
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शांति स्वरूपानंद महाराज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चारधाम अखंड आश्रम की राशि की हेराफेरी की शिकायत पर उज्जैन के महाकाल थाने में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज, मक्सी के ख्यात ट्रस्टी महावीर प्रसाद मानसिंग, ओमप्रकाश अग्रवाल और अशोक प्रजापत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आर्थिक अनियमितता एवं ट्रस्ट की राशि एवं दुरुपयोग की श्रेणी की शिकायत कोर्ट में की गई थी।कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज हुई है।
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इंदौर निवासी फरियादी सोहिल पटेल ने बताया कि 01/07/2022 को अखंड आश्रम में स्थित कमरों को होटल की तरह चलाने के लिए महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद द्वारा स्वयं को श्री अखंड आश्रम ट्रस्ट का अध्यक्ष बताते हुए तीन लाख प्रतिमाह किराए और कुल कमाई का 50 प्रतिशत की भागीदारी का अनुबंध पत्र बनवाया। प्रति माह हम लोग अच्छी कमाई करने लगे, जिसके बाद मेरे द्वारा निर्माण के बाद से ही यात्री निवास ने मात्र 13 माह में 01/07/2022 से 30/08/2023 के बीच सेठ मुरलीधर मानसिंगका यात्री निवास के नाम से खोले गए एक अलग पर्सनल फर्जी बैंक अकाउंट में 54 लाख 96 हजार 488 रुपये और अखंड आश्रम ट्रस्ट के खाते में 42 लाख अकाउंट में जमा किए और 40 लाख का स्थाई निर्माण भी किया।
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महाकाल लोक बनने के बाद आ रही भीड़ को देखते हुए करीब हर माह 5 से 7 लाख रुपये माह की हमारी कमाई शुरू हो गई, जिसके बाद इन्होंने 12/10/23 को एक पत्र लिखकर अनुबंध निरस्त कर दिया। इन्होंने जिस लेटर हेड पर निरस्ती का पत्र लिख कर दिया, उसमें शांति स्वरूपानंद कार्यकारी अध्यक्ष और युग पुरुष स्वामी परमानंद जी अध्यक्ष के पद पर छपा हुआ था।
बचाव में आए परमानंद यह बोले
इसके बाद उन्हें हमने परमानंद को नोटिस दिया तो उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि वास्तविक अध्यक्ष हम हैं। कभी हमने शांति स्वरूपानंद को अध्यक्ष नहीं बनाया है, उनका अधिकार ही नहीं है किराया पत्र लिखने का। इस आधार पर हमने शिकायत कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट ने हमसे पूछा कि पैसे कहां जमा किया जाता था। तब हमको ध्यान में आया कि शांति स्वरूपानंद महाराज हमसे मुरलीधर मान सिंह के अकाउंट में पैसे जमा करवाता था। इस अकाउंट को ओमप्रकाश अग्रवाल, अशोक प्रजापत, शांति स्वरूपानंद और दिलीप भावसार के नाम पर यह अकाउंट पाया गया।
इन धाराओं में हुआ प्रकरण दर्ज
महाकाल थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जांच की 13 फरवरी को कोर्ट ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश किया। चार फरवरी को कोर्ट के आदेश पर धारा-419, 420 भादस के अंतर्गत शांतिस्वरूपानन्द गुरु पिता स्वामी परमांद जी महाराज चारधाम मंदिर, अखंड आश्रम उज्जैन, महावीर प्रसाद मानसिंग मक्सी, ओमप्रकाश अग्रवाल और अशोक प्रजापत के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अभी और भी बिंदुओं पर होगी जांच : एडिशनल एसपी
मामले में एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जांच की। कोर्ट ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश किया था। शांति स्वरूपानंद महाराज, महावीर प्रसाद मानसिंगा, ओमप्रकाश अग्रवाल, अशोक प्रजापत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी और भी कई बिंदु हैं, जिन पर जांच होना बाकी है।
