महाकाल की सवारी: पांच स्वरूपों में निकले बाबा, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और रोबोट ने किया डांस; CM भी हुए शामिल
उज्जैन में भाद्रपद के प्रथम सोमवार पर भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी भव्यता के साथ निकली। महाकाल ने पांच स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए। रामघाट पर पूजन-अभिषेक और आरती हुई। हेलीकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा हुई। पहली बार 84 महादेवों की झांकियां और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण रहीं।
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जय श्री महाकाल और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों के बीच सोमवार, 31 अगस्त को भाद्रपद माह के प्रथम सोमवार पर भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी भव्यता और धूमधाम के साथ निकली। भगवान महाकाल अपनी प्रजा का हालचाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर पुण्यार्जन किया। सवारी में भगवान महाकाल ने अपने भक्तों को एक साथ पांच विभिन्न स्वरूपों में दर्शन दिए। चांदी की पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ में श्री शिवतांडव, नंदी रथ में श्री उमा-महेश और होल्कर रथ में श्री होल्कर के स्वरूप में प्रभु विराजमान हुए।
परंपरागत मार्गों से होते हुए जब सवारी पावन रामघाट पहुंची, तो वहां का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में मां शिप्रा के जल से भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन-अभिषेक एवं आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर शिप्रा के दोनों तटों पर मौजूद 1100 वैदिक बटुकों के सस्वर वेद मंत्रों के उच्चारण से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
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मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सवारी पर हेलीकॉप्टर से लगभग 500 किलोग्राम गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। इस बार आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी अनूठा संगम देखने को मिला। भीड़ प्रबंधन और क्राउड एनालिटिक्स के लिए आधुनिक महाकाल सेवक रोबोट का उपयोग किया गया, जिसने रामघाट पर श्रद्धालुओं का वंदन भी किया। पंचम सवारी में पहली बार उज्जैन के प्रसिद्ध 84 महादेवों की दिव्य झांकियों को शामिल किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य मिला। इसके साथ ही धार, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी आदि क्षेत्रों से आए 8 जनजातीय दलों के 500 कलाकारों ने भगोरिया व पारंपरिक लोकनृत्यों से समूचे मार्ग को सांस्कृतिक रंगों में सराबोर कर दिया।
सात सितंबर को निकलेगी राजसी सवारी
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार श्रावण-भाद्रपद माह की अंतिम एवं सबसे भव्य राजसी सवारी सात सितंबर को निकाली जाएगी। इसमें भगवान महाकाल सात अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे और 70 भजन मंडलियां शिव भक्ति का गुणगान करते हुए शामिल होंगी। देखें तस्वीरें-


डांस करने वाला रोबोट आकार्षण का केंद्र रहा।

सवारी में सीएम मोहन यादव भी शामिल हुए।
