फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain Jyoti victim of depression had reached Sevadham Ashram neither met nor talked to anyone

Ujjain: सेवाधाम आश्रम पहुंची थी डिप्रेशन की शिकार ज्योति, न किसी से मिलती न बात करती, फिर परिवार के साथ...

Sun, 17 Nov 2024 08:35 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sun, 17 Nov 2024 08:35 PM IST
सार

डिप्रेशन की शिकार ज्योति सेवाधाम आश्रम पहुंची थी, जहां पर वह पहले न किसी से बात करती थी और न ही किसी के साथ रहती थी। लेकिन काउंसलिंग से उसका व्यवहार बदला और वह लखनऊ से उज्जैन आए पिता और पति के साथ सेवाधाम को दुआएं देते हुए चली गई।

विज्ञापन
Ujjain Jyoti victim of depression had reached Sevadham Ashram neither met nor talked to anyone
ज्योति और उसका परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुछ दिन पहले डिप्रेशन (अवसाद) की शिकार महिला ज्योति अंकित ग्राम सेवाधाम आश्रम उज्जैन पहुंची थी। जहां पर वह पहले न किसी से बात करती थी और न ही किसी के साथ रहती थी। लेकिन धीरे-धीरे काउंसलिंग से उसका व्यवहार बदला और वह लखनऊ से उज्जैन आए पिता और पति के साथ सेवाधाम को दुआएं देते हुए चली गई।

विज्ञापन


आश्रम संस्थापक सुधीर भाई गोयल भाई ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व दो महिलाएं डिप्रेशन की शिकार तराना क्षेत्र में भटक रही थी। उनसे पूछताछ की तो वह अच्छे घरों की लग रही थी। उसमें एक का नाम ज्योति कांबले था, वह भोपाल की रहने वाली थी। ज्योति को वन स्टॉप सेंटर उज्जैन से स्थानांतरित किया गया था। अंकित ग्राम सेवाधाम परिसर में डिडवानिया (रतनलाल) अवेदना केन्द्र में यहां निवासरत बेटियों एवं युवतियों के साथ रहते हुए आश्रम के स्वच्छ वातावरण में रहते हुए उसके मानसिक स्वास्थ्य में परिवर्तन आया। सुधीर भाई ने परिवार से काउंसलिंग एवं बातचीत कर उन्हें समझाइश प्रदान की, तब ज्योति को अपना घर परिवार मिला। ज्योति की एक नौ वर्ष की बेटी भी है। लखनउ से आए पति को बहुत अच्छा लगा कि उनकी पत्नि को ससम्मान आश्रम में रखा गया एवं उसकी चिकित्सकीय देखभाल की। ज्योति ने वादा किया कि अब वह कभी भी घर से नहीं जाएगी।
विज्ञापन


950 सदस्यों का परिवार है सेवाधाम
सुधीर भाई ने बताया कि मुझे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के साथ कार्य करते हुए कई दशक हो गए हैं और हमारे देश में स्थित अंकित ग्राम सेवाधाम आश्रम परिवार जैसी संस्था के माध्यम से सभी आयु वर्ग की सेवा का कार्य हो रहा है। माता-पिता ने जिन्हें मान मन्नतों से पाला-पोसा वे ही गलत संगतों एवं आदतों के कारण डिप्रेशन में चले जाकर परिवार से स्वत: ही चले जाते हैं और असहाय स्थिति में अपनी रूठी किस्मत को मनाने के लिए सेवाधाम जैसे इसी कार्य को समर्पित आश्रय गृहों का सहारा लेते हैं। सेवाधाम आश्रम विगत 36 वर्षों से समाज से बेसहारा-बेघर-निराश्रित-मरणासन्न-समाज और परिवार से बहिष्कृत-तिरस्कृत बुजुर्गों की सेवा का कार्य कर रहा है, जिन्हें आश्रम के 950 सदस्यीय परिवार में मान-सम्मान के साथ जीवन यापन का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed