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Ujjain News: कचरा वाहन का हाइड्रोलिक बॉक्स नीचे गिरा ड्राइवर की मौत, तीन साल से कर रहा था काम
Sun, 16 Feb 2025 04:10 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 04:10 PM IST
सार
उज्जैन में कचरा कलेक्शन वाहन के हाइड्रोलिक में आई खराबी के कारण चालक की मौत हो गई। वह खराबी की जांच कर रहा था, इस दौरान वाहन की ट्रॉली उसके ऊपर गिर गई। नीचे दबने से चालक की जांन चली गई।
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कचरा वाहन का हाइड्रोलिक बॉक्स नीचे गिरा ड्राइवर की मौत
विस्तार
उज्जैन कचरा कलेक्शन वाहन के हाइड्रोलिक को ड्राइवर ने ऊंचा किया, लेकिन जब वह वापस नीचे नहीं आया, तो वह खराबी देखने के लिए हाइड्रोलिक के नीचे चला गया। इस दौरान वाहन में लगा कचरा एकत्रित करने का बॉक्स उस पर गिरा, जिसके नीचे दबने से ड्राइवर की मौत हो गई। चालक ठेकेदार के अधीन काम करता था। खाराकुआं थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया।
जानकारी के अनुसार, योगमाया मंदिर के सामने रहने वाला संतोष पिता भगवान सिंह चौहान (50 वर्ष) ग्लोबल कंपनी में कचरा कलेक्शन वाहन का ड्राइवर था और वार्ड 12 में वाहन चलाता था। उसके जीजा रवि गोमे ने बताया, मेरी पास में ही चाय की होटल है। मैं होटल खोल रहा था, तभी सफाईकर्मी महिला ने बताया कि कचरा कलेक्शन वाहन के हाइड्रोलिक के नीचे संतोष सिंह दब गया है। तत्काल वहां पहुंचा तो देखा कि खून फैला था। संतोष वाहन के पीछे लगे बॉक्स में दबा हुआ था। आसपास के लोगों की मदद से उसे बॉक्स के नीचे से निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हाइड्रोलिक की खराबी से हुई घटना
रवि गोमे ने बताया कि संतोष पिछले 3-4 सालों से कचरा कलेक्शन वाहन चला रहा था। सुबह वाहन लेकर निकलने से पहले संभवतः उसने हाइड्रोलिक चेक किया होगा। वह ऊंचा तो उठा, लेकिन वापस नीचे नहीं आया। इसी खराबी को देखने के लिए वह ऊंचे हाइड्रोलिक के पास गया और अचानक बॉक्स सहित हाइड्रोलिक नीचे आ गया, जिससे संतोष की दबकर मौत हो गई।
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80-90 वाहन चल रहे हैं शहर में
नगर निगम द्वारा घरों, दुकानों, होटल, लॉज, धर्मशालाओं से निकलने वाले कचरे को वाहनों में एकत्रित कर कचरा कलेक्शन सेंटर पहुंचाने का काम किया जाता है। इसका ठेका ग्लोबल कंपनी को दिया गया है। कंपनी के ऑपरेशन मैनेजर पारस जैन ने बताया कि शहर में 80-90 वाहन संचालित हो रहे हैं। ड्राइवर को 7 हजार रुपए वेतन दिया जाता है। उनके बीमा और पीएफ की जानकारी नहीं है।
न बीमा, न पीएफ, वेतन सिर्फ 6 हजार रुपए
संतोष के परिजनों ने बताया कि ग्लोबल कंपनी द्वारा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। कंपनी द्वारा संतोष को मात्र 6 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता था, वह भी नकद भुगतान होता था। कंपनी ने न तो उसका बीमा कराया था और न ही पीएफ जमा हो रहा था। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिजनों ने कंपनी से मुआवजे की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार, योगमाया मंदिर के सामने रहने वाला संतोष पिता भगवान सिंह चौहान (50 वर्ष) ग्लोबल कंपनी में कचरा कलेक्शन वाहन का ड्राइवर था और वार्ड 12 में वाहन चलाता था। उसके जीजा रवि गोमे ने बताया, मेरी पास में ही चाय की होटल है। मैं होटल खोल रहा था, तभी सफाईकर्मी महिला ने बताया कि कचरा कलेक्शन वाहन के हाइड्रोलिक के नीचे संतोष सिंह दब गया है। तत्काल वहां पहुंचा तो देखा कि खून फैला था। संतोष वाहन के पीछे लगे बॉक्स में दबा हुआ था। आसपास के लोगों की मदद से उसे बॉक्स के नीचे से निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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हाइड्रोलिक की खराबी से हुई घटना
रवि गोमे ने बताया कि संतोष पिछले 3-4 सालों से कचरा कलेक्शन वाहन चला रहा था। सुबह वाहन लेकर निकलने से पहले संभवतः उसने हाइड्रोलिक चेक किया होगा। वह ऊंचा तो उठा, लेकिन वापस नीचे नहीं आया। इसी खराबी को देखने के लिए वह ऊंचे हाइड्रोलिक के पास गया और अचानक बॉक्स सहित हाइड्रोलिक नीचे आ गया, जिससे संतोष की दबकर मौत हो गई।
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80-90 वाहन चल रहे हैं शहर में
नगर निगम द्वारा घरों, दुकानों, होटल, लॉज, धर्मशालाओं से निकलने वाले कचरे को वाहनों में एकत्रित कर कचरा कलेक्शन सेंटर पहुंचाने का काम किया जाता है। इसका ठेका ग्लोबल कंपनी को दिया गया है। कंपनी के ऑपरेशन मैनेजर पारस जैन ने बताया कि शहर में 80-90 वाहन संचालित हो रहे हैं। ड्राइवर को 7 हजार रुपए वेतन दिया जाता है। उनके बीमा और पीएफ की जानकारी नहीं है।
न बीमा, न पीएफ, वेतन सिर्फ 6 हजार रुपए
संतोष के परिजनों ने बताया कि ग्लोबल कंपनी द्वारा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। कंपनी द्वारा संतोष को मात्र 6 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता था, वह भी नकद भुगतान होता था। कंपनी ने न तो उसका बीमा कराया था और न ही पीएफ जमा हो रहा था। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिजनों ने कंपनी से मुआवजे की मांग की है।


