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Ujjain News: मुंह पर गमछा, चेहरे पर मास्क... कुछ ऐसा भेष बदलकर भस्म आरती की व्यवस्था देखने पहुंचे प्रशासक
Sun, 20 Oct 2024 05:22 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 05:22 PM IST
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मुंह पर गमछा चेहरे पर मास्क लगाकर प्रशासक
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दोनों प्रशासक गणेश धाकड़ द्वारा लगातार भस्म आरती की व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। दो दिनों पहले उन्होंने कुछ आदेश जारी किए थे इन आदेशों को अमल में लिए जाने के बाद रविवार सुबह प्रशासक भेष बदलकर औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि आज भस्म आरती के लिए कुल 1705 की अनुमति हुई थी लेकिन मात्र 1400 लोग ही भस्म आरती के लिए पहुंचे।
भस्म आरती की व्यवस्थाएं देखने के लिए रविवार तड़के मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ भस्म आरती के लिए गमछा चेहरे पर डालकर भेष बदलकर मंदिर पहुंचे थे। जब धाकड़ ने मंदिर के चारों गेट पर चेकिंग के दौरान कर्मचारियों पर नजर रखी तो इसकी सूचना भी तेजी से पहुंच गई। प्रवेश गेट पर श्रद्धालुओं की अनुमति चेक करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो मंदिर में अंतिम प्रवेश होने तक केवल 1400 लोगों ही पहुंचे थे। जबकि रविवार को सुबह होने वाली भस्म आरती के लिए करीब 1705 की अनुमति जारी हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासक धाकड़ के औचक निरीक्षण की जानकारी लगने के बाद दूसरे लोगों की अनुमति पर अन्य लोगों का प्रवेश नही होने से संख्या कम हो गई। जबकि शिकायत यह भी थी कि अनुमति किसी के नाम से बनती थी और ऐन वक्त पर प्रवेश अन्य व्यक्ति को कराया जाता था।।
यहां पहुंच कर देखी व्यवस्थाएं
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने चर्चा के दौरान बताया कि भस्म आरती को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं। इसे लेकर सबसे पहले हमने शासकीय विभाग व अन्य तरह से प्रोटोकॉल अटेंडर बनकर आने वाले लोगों पर आदेश निकाल कर रोक लगाई। इसके माध्यम से करीब 50 से 60 लोगों की उपस्थिति कम होने से दूसरे श्रद्धालुओं को सुविधा पूर्वक दर्शन हो सके हैं। इसके बाद शिकायत मिली थी कि भस्म आरती के लिए अनुमति किसी और के नाम पर बनती थी और मौके पर दूसरे लोग प्रवेश करते थे। इसके बाद रविवार की देर रात को अलग-अलग प्रवेश गेट व चैकिंग की व्यवस्था का निरीक्षण किया है। इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा रविवार सुबह के लिए करीब 1705 लोगों की अनुमति जारी हुई थी। जब चैकिंग सख्ती से हुई तो इनमें केवल 1400 श्रद्धालु ही पहुंचे थे। इससे जाहिर है कि जिन श्रद्धालुओं को अन्य लोगों की अनुमति पर प्रवेश दिया जा रहा था। वे रविवार को निरीक्षण होने की सूचना के बाद पकड़ में आने के डर से पहुंचे ही नहीं।
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भस्म आरती में अटेंडर की संख्या हुई कम
दो दिन पहले ही मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने आदेश जारी कर सुबह भस्म आरती के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों व अन्य तरह से प्रोटोकॉल अटेंडर के रूप में श्रद्धालुओं को लाकर नंदी हाल व अन्य स्थानों पर बैठने वाले अटेंडर लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है। इसके बाद भस्म आरती के लिए केवल मंदिर में अनुमति वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश देने की व्यवस्था से अटेंडर के रूप में आने वाले करीब 60 लोगों की संख्या कम हो गई है।
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भस्म आरती की व्यवस्थाएं देखने के लिए रविवार तड़के मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ भस्म आरती के लिए गमछा चेहरे पर डालकर भेष बदलकर मंदिर पहुंचे थे। जब धाकड़ ने मंदिर के चारों गेट पर चेकिंग के दौरान कर्मचारियों पर नजर रखी तो इसकी सूचना भी तेजी से पहुंच गई। प्रवेश गेट पर श्रद्धालुओं की अनुमति चेक करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो मंदिर में अंतिम प्रवेश होने तक केवल 1400 लोगों ही पहुंचे थे। जबकि रविवार को सुबह होने वाली भस्म आरती के लिए करीब 1705 की अनुमति जारी हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासक धाकड़ के औचक निरीक्षण की जानकारी लगने के बाद दूसरे लोगों की अनुमति पर अन्य लोगों का प्रवेश नही होने से संख्या कम हो गई। जबकि शिकायत यह भी थी कि अनुमति किसी के नाम से बनती थी और ऐन वक्त पर प्रवेश अन्य व्यक्ति को कराया जाता था।।
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यहां पहुंच कर देखी व्यवस्थाएं
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने चर्चा के दौरान बताया कि भस्म आरती को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं। इसे लेकर सबसे पहले हमने शासकीय विभाग व अन्य तरह से प्रोटोकॉल अटेंडर बनकर आने वाले लोगों पर आदेश निकाल कर रोक लगाई। इसके माध्यम से करीब 50 से 60 लोगों की उपस्थिति कम होने से दूसरे श्रद्धालुओं को सुविधा पूर्वक दर्शन हो सके हैं। इसके बाद शिकायत मिली थी कि भस्म आरती के लिए अनुमति किसी और के नाम पर बनती थी और मौके पर दूसरे लोग प्रवेश करते थे। इसके बाद रविवार की देर रात को अलग-अलग प्रवेश गेट व चैकिंग की व्यवस्था का निरीक्षण किया है। इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा रविवार सुबह के लिए करीब 1705 लोगों की अनुमति जारी हुई थी। जब चैकिंग सख्ती से हुई तो इनमें केवल 1400 श्रद्धालु ही पहुंचे थे। इससे जाहिर है कि जिन श्रद्धालुओं को अन्य लोगों की अनुमति पर प्रवेश दिया जा रहा था। वे रविवार को निरीक्षण होने की सूचना के बाद पकड़ में आने के डर से पहुंचे ही नहीं।
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भस्म आरती में अटेंडर की संख्या हुई कम
दो दिन पहले ही मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने आदेश जारी कर सुबह भस्म आरती के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों व अन्य तरह से प्रोटोकॉल अटेंडर के रूप में श्रद्धालुओं को लाकर नंदी हाल व अन्य स्थानों पर बैठने वाले अटेंडर लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है। इसके बाद भस्म आरती के लिए केवल मंदिर में अनुमति वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश देने की व्यवस्था से अटेंडर के रूप में आने वाले करीब 60 लोगों की संख्या कम हो गई है।

मुंह पर गमछा चेहरे पर मास्क कुछ ऐसा भेष बदलकर भस्म आरती की व्यवस्था देखने पहुंचे प्रशासक गणेश ध

मुंह पर गमछा चेहरे पर मास्क कुछ ऐसा भेष बदलकर भस्म आरती की व्यवस्था देखने पहुंचे प्रशासक गणेश ध
