Ujjain: महाकाल की पहली सवारी से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, कलेक्टर ने किया पूरे मार्ग का निरीक्षण
उज्जैन में 3 अगस्त से शुरू होने वाली भगवान महाकाल की श्रावण सवारियों की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों को 20 जुलाई तक निर्माण कार्य, सड़क चौड़ीकरण, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
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श्रावण मास में 3 अगस्त से शुरू होने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार रात कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने महाकाल मंदिर के शहनाई द्वार से महाकाल घाटी, गुजरी चौराहा, रामघाट, कहारवाड़ी, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए वापस शहनाई द्वार तक पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 अगस्त को निकलने वाली पहली सवारी से पहले मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण और विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान हरसिद्धि की पाल से रामघाट तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की विशेष समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्याप्त संसाधनों और सुरक्षा मानकों के साथ यह कार्य 20 जुलाई तक हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही प्रतिदिन कार्य की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।कलेक्टर ने सवारी मार्ग पर स्थित जर्जर और असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़क मरम्मत, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
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इधर, महापौर मुकेश टटवाल ने भी सोमवार को रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को सवारी से पहले सभी कार्य पूर्ण करने तथा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही मार्ग पर स्थित जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। जिला प्रशासन का कहना है कि बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण वातावरण में निकले, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
