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उज्जैन: यूपी में योगी की जीत व दोबारा सीएम बनने के लिए उज्जैन के श्मशान में की तंत्र साधना...
Sun, 23 Jan 2022 01:38 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 23 Jan 2022 01:38 PM IST
सार
उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनावों की तैयारी उज्जैन में भी नजर आने लगी है। जीत के लिए राजनीतिक दल हरसंभव जतन कर रहे हैं लेकिन यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की जीत के लिए उज्जैन के श्मशान में तंत्र साधना व हवन किया गया।
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उज्जैन के श्मशान में तंत्र साधना करते बाबा बमबम नाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनावों की तैयारी उज्जैन में भी नजर आने लगी है। जीत के लिए राजनीतिक दल हरसंभव जतन कर रहे हैं लेकिन यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की जीत के लिए उज्जैन के श्मशान में तंत्र साधना व हवन किया गया।
दरअसल तंत्र साधना के लिए लिहाज से उज्जैन का विशिष्ट महत्व है। यहां अनेक अवसरों पर इस तरह की साधनाएं होती हैं और साधक श्मशान में विशेष हवन-पूजन करते हैं। इसी क्रम में शिप्रा नदी किनारे पर स्थित श्मशान में रहने वाले तांत्रिक अघोरी बाबा बमबम नाथ ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनाव में जीत और उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने तंत्र साधकों के साथ तंत्र साधना की। चुनावी माहौल में सीएम योगी को गुरु भाई मानकर नाथ संप्रदाय से जुड़े बाबा ने श्मशान में तीन घंटे तक पूजन अर्चन और तंत्र साधना की। बमबम नाथ ने कहा कि चुनाव के लिए कई बार हमने नेताओं के लिए तंत्र क्रिया की है। लेकिन जीतने के बाद कोई नहीं आता। यूपी में योगी का आना जरुरी है वो नहीं आये तो कानून व्यस्था ख़राब हो जाएगी। इससे पहले हमने उमा भारती और मायावती के लिए भी तंत्र क्रिया की थी। लेकिन कोई पलटकर हमारे पास नहीं आया।
नाथ संप्रदाय से जुड़े होने के कारण हैं गुरु भाई
बता दें कि योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से जुड़े हुए हैं। बाबा बमबम नाथ भी इसी संप्रदाय से हैं और दोनों गुरु भाई हैं। इसके चलते बाबा बमबम नाथ ने विशेष पूजन किया। उज्जैन का महत्व तंत्र साधना में बहुत है और यहां के विशेष स्थानों पर विशेष पूजन भी होता है। जानकार बताते हैं कि महाकाल की नगरी में अघोरी पूजा, तंत्र पूजा, रात्रि पूजा सहित महामृत्युंजय पूजा का विशेष महत्व है। जो विजय प्राप्त करने के लिए की जाती है। उज्जैन के अलावा बगलामुखी माता सिद्धपीठ पर भी इस तरह की साधनाएं-हवन होता है। कई राजनेता व अन्य हस्तियां वहां जाते हैं।
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दरअसल तंत्र साधना के लिए लिहाज से उज्जैन का विशिष्ट महत्व है। यहां अनेक अवसरों पर इस तरह की साधनाएं होती हैं और साधक श्मशान में विशेष हवन-पूजन करते हैं। इसी क्रम में शिप्रा नदी किनारे पर स्थित श्मशान में रहने वाले तांत्रिक अघोरी बाबा बमबम नाथ ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनाव में जीत और उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने तंत्र साधकों के साथ तंत्र साधना की। चुनावी माहौल में सीएम योगी को गुरु भाई मानकर नाथ संप्रदाय से जुड़े बाबा ने श्मशान में तीन घंटे तक पूजन अर्चन और तंत्र साधना की। बमबम नाथ ने कहा कि चुनाव के लिए कई बार हमने नेताओं के लिए तंत्र क्रिया की है। लेकिन जीतने के बाद कोई नहीं आता। यूपी में योगी का आना जरुरी है वो नहीं आये तो कानून व्यस्था ख़राब हो जाएगी। इससे पहले हमने उमा भारती और मायावती के लिए भी तंत्र क्रिया की थी। लेकिन कोई पलटकर हमारे पास नहीं आया।
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नाथ संप्रदाय से जुड़े होने के कारण हैं गुरु भाई
बता दें कि योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से जुड़े हुए हैं। बाबा बमबम नाथ भी इसी संप्रदाय से हैं और दोनों गुरु भाई हैं। इसके चलते बाबा बमबम नाथ ने विशेष पूजन किया। उज्जैन का महत्व तंत्र साधना में बहुत है और यहां के विशेष स्थानों पर विशेष पूजन भी होता है। जानकार बताते हैं कि महाकाल की नगरी में अघोरी पूजा, तंत्र पूजा, रात्रि पूजा सहित महामृत्युंजय पूजा का विशेष महत्व है। जो विजय प्राप्त करने के लिए की जाती है। उज्जैन के अलावा बगलामुखी माता सिद्धपीठ पर भी इस तरह की साधनाएं-हवन होता है। कई राजनेता व अन्य हस्तियां वहां जाते हैं।
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