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उज्जैन: अयोध्या की तर्ज पर दीयों से रोशन होगी अवंतिका, महाशिवरात्रि पर 11 लाख दीपों की रोशनी से जगमगाएगी महाकाल की नगरी
Tue, 08 Feb 2022 02:17 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 08 Feb 2022 02:17 PM IST
सार
महाकाल की नगरी उज्जैन महाशिवरात्रि पर 11 लाख दीपों से रोशन होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर उज्जैन प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। बैठक लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है।
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महाकालेश्वर मंदिर परिसर उज्जैन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाकाल की नगरी महाशिवरात्रि पर 11 लाख दीपों से जगमगाएगी। अयोध्या की तर्ज पर अवंतिका दीपों की रोशनी से जगमग होगी। इसके लिए प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है।
दरअसल, महाशिवरात्रि पर्व को अब मात्र 20 दिन ही बचे हैं। मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार उज्जैन को अयोध्या की तर्ज पर लाखों दीपो की रोशनी से रोशन किया जाना है। इसे लेकर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। आयोजन प्रदेश में पर्यटन और महाकाल की नगरी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इस संबंध में कोठी रोड स्थित बृहस्पति भवन में बैठक हुई जिसमें मंत्री मोहन यादव, विधायक पारस जैन समेत कलेक्टर, एसपी व सामाजिक संगठन, संत समाज शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल की नगरी को 11 लाख से अधिक दीपों से रोशन किया जाएगा। इस पूरे कार्य को लेकर छह समितियां बनाई हैं। सौ दीपक पर एक वॉलंटियर्स तैयार किया जाएगा। 10 हजार हमें चाहिए। यह काम चुनौतीपूर्ण है क्योंकि तेल व दीपक की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
कलेक्टर की अपील- हर घर में जलाएं पांच दीपक
मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सृष्टि की उत्पत्ति में उज्जैन का खास महत्व बताया गया है। इसलिए विक्रम उत्सव गुड़ी पड़वा पर उज्जैन का जन्म उत्सव मनाने की भी योजना है। विधायक पारस जैन का कहना है कि महाशिवरात्रि पर्व के 1 दिन पहले शिव बारात भी निकाली जाए। बैठक के बाद कलेक्टर ने आशीष सिंह ने बताया कि आमजन से अपील की जाएगी कि वे पर्व के दौरान अपने-अपने घरों में 5 दीपक लगाएं और लाइट बंद रखें। सीएम शिवराज की मंशा है कि महाशिवरात्रि पर शहर को दीपों से रोशन किया जाए। हम जनता से इस पर्व में हिस्सा लेने की अपील कर रहे हैं। जो संस्थाएं भी इस कार्य में भाग लेना चाह रही हैं, उन सभी का स्वागत है। इधर दीपोत्सव पर्व मनाने की योजना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और महाकाल मंदिर समिमि व जिला प्रशान ने जनप्रतिनिधियों और शहर के व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की है। बैठक में शामिल सभी लोगों ने प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस पर्व को भव्य बनाने की सहमति जताई है।
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शिव बारात निकालकर दी जाए सूचना
दीपोत्सव का यह आयोजन पहली बार इतने भव्य रूप में हो रहा है। इसे लेकर शहर में भी उत्साह है। विधायक पारस जैन ने सुझाव देते हुए नवाचार की बात कही। उन्होंने कहा एक दिन पूर्व शिव बारात निकालकर शहर में महाशिवरात्रि पर होने वाले दीपोत्सव की सूचना प्रदान की जाना चाहिए। उन्होंने समाजवार दीपोत्सव की जिम्मेदारी लेने और व्यापारी एसोसिएशन को इस आयोजन में शामिल करने का भी कहा। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि रामघाट व अन्य घाटों पर दीप प्रज्वलन की व्यवस्था समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा अपने हाथों में ली जाना चाहिए। उन्होंने शिप्रा तट पर स्थित विभिन्न घाटों पर दीप लगाने, विभिन्न मन्दिरों, सार्वजनिक भवनों और चौराहों पर भी दीपोत्सव मनाने की बात कही। उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने कहा कि एक दिन में 11 लाख दीप जलाने के लिए दीपक की उपलब्धता आसान नहीं है। अभी से इसके लिए प्रयास शुरू करने होंगे। अन्य सुझाव भी बैठक में आए।
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दरअसल, महाशिवरात्रि पर्व को अब मात्र 20 दिन ही बचे हैं। मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार उज्जैन को अयोध्या की तर्ज पर लाखों दीपो की रोशनी से रोशन किया जाना है। इसे लेकर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। आयोजन प्रदेश में पर्यटन और महाकाल की नगरी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इस संबंध में कोठी रोड स्थित बृहस्पति भवन में बैठक हुई जिसमें मंत्री मोहन यादव, विधायक पारस जैन समेत कलेक्टर, एसपी व सामाजिक संगठन, संत समाज शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल की नगरी को 11 लाख से अधिक दीपों से रोशन किया जाएगा। इस पूरे कार्य को लेकर छह समितियां बनाई हैं। सौ दीपक पर एक वॉलंटियर्स तैयार किया जाएगा। 10 हजार हमें चाहिए। यह काम चुनौतीपूर्ण है क्योंकि तेल व दीपक की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
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कलेक्टर की अपील- हर घर में जलाएं पांच दीपक
मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सृष्टि की उत्पत्ति में उज्जैन का खास महत्व बताया गया है। इसलिए विक्रम उत्सव गुड़ी पड़वा पर उज्जैन का जन्म उत्सव मनाने की भी योजना है। विधायक पारस जैन का कहना है कि महाशिवरात्रि पर्व के 1 दिन पहले शिव बारात भी निकाली जाए। बैठक के बाद कलेक्टर ने आशीष सिंह ने बताया कि आमजन से अपील की जाएगी कि वे पर्व के दौरान अपने-अपने घरों में 5 दीपक लगाएं और लाइट बंद रखें। सीएम शिवराज की मंशा है कि महाशिवरात्रि पर शहर को दीपों से रोशन किया जाए। हम जनता से इस पर्व में हिस्सा लेने की अपील कर रहे हैं। जो संस्थाएं भी इस कार्य में भाग लेना चाह रही हैं, उन सभी का स्वागत है। इधर दीपोत्सव पर्व मनाने की योजना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और महाकाल मंदिर समिमि व जिला प्रशान ने जनप्रतिनिधियों और शहर के व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की है। बैठक में शामिल सभी लोगों ने प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस पर्व को भव्य बनाने की सहमति जताई है।
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शिव बारात निकालकर दी जाए सूचना
दीपोत्सव का यह आयोजन पहली बार इतने भव्य रूप में हो रहा है। इसे लेकर शहर में भी उत्साह है। विधायक पारस जैन ने सुझाव देते हुए नवाचार की बात कही। उन्होंने कहा एक दिन पूर्व शिव बारात निकालकर शहर में महाशिवरात्रि पर होने वाले दीपोत्सव की सूचना प्रदान की जाना चाहिए। उन्होंने समाजवार दीपोत्सव की जिम्मेदारी लेने और व्यापारी एसोसिएशन को इस आयोजन में शामिल करने का भी कहा। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि रामघाट व अन्य घाटों पर दीप प्रज्वलन की व्यवस्था समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा अपने हाथों में ली जाना चाहिए। उन्होंने शिप्रा तट पर स्थित विभिन्न घाटों पर दीप लगाने, विभिन्न मन्दिरों, सार्वजनिक भवनों और चौराहों पर भी दीपोत्सव मनाने की बात कही। उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने कहा कि एक दिन में 11 लाख दीप जलाने के लिए दीपक की उपलब्धता आसान नहीं है। अभी से इसके लिए प्रयास शुरू करने होंगे। अन्य सुझाव भी बैठक में आए।
