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इधर श्रद्धांजलि, उधर रोडरोलर: गृहमंत्री मिश्रा के शहडोल एसपी को निर्देश- सीडीएस जनरल रावत की पत्नी के छोटे भाई के परिवार पर न हो कोई कार्रवाई
Wed, 15 Dec 2021 11:29 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:29 AM IST
सार
जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत के छोटे भाई का आरोप है कि जब वे दिल्ली में अंतिम संस्कार में शामिल थे, तब सोहागपुर में उनकी जमीन का अधिग्रहण हो गया। इसके बारे में उन्हें किसी ने नोटिस तक नहीं भेजा।
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नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत के छोटे भाई यशवर्धन सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने शहडोल एसपी को निर्देश दिए हैं कि यशवर्धन के परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। अगर किसी ने अवैधानिक कार्रवाई की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल, यशवर्धन सिंह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रहते हैं। हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल रावत और उनकी पत्नी शहीद हो गए तो यशवर्धन भी परिवार के साथ दिल्ली में थे। उसी समय यशवर्धन सिंह की सोहागपुर की जमीन पर सरकार ने बिना किसी नोटिस कब्जा कर लिया। यशवर्धन सिंह ने खुद यह बात सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। इसी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मिश्रा ने ट्वीट किया कि "यशवर्धन जी की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट मेरे संज्ञान में आई है। मैंने इस विषय में एसपी शहडोल से बातचीत कर निर्देश दिए हैं कि पूरा मामला मेरी जानकारी में लाए बिना पुलिस किसी भी तरह का कोई कदम उनके या उनके परिवार के खिलाफ नहीं उठाए। अगर पुलिस द्वारा किसी भी तरह का पूर्वाग्रह इस मामले में बरता गया है और किसी भी तरह की अवैधानिक कार्यवाही को प्रश्रय दिया है तो मैं खुद पूरे मामले को देखूगा और जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।"
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क्या लिखा था यशवर्धन सिंह ने
यशवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "जिस दिन जीजाजी जनरल बिपिन रावत व जिज्जी मधुलिका रावत का अग्नि संस्कार किया जा रहा था, उसी वक्त मौके का फायदा उठाते हुए शहडोल स्थित हमारे निजी परिसर से बिना अधिग्रहण अवैध रूप से समाधियों को नष्ट कर दिया गया। पेड़ों को काट दिया गया। यह सब नेशनल हाईवे के लिए किया गया। हमारे किसी हस्तक्षेप पर स्थानीय पुलिस को भी हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है। न्याय की दरकार है..."
क्या है मामला
शहडोल के पास राजाबाग सोहागपुर में नेशनल हाईवे बन रहा है। सड़क से लगी निजी जमीन भी अधिग्रहित की जा रही है। यहां यशवर्धन सिंह की भी जमीन थी। यशवर्धन सिंह का आरोप है कि निजी जमीन का अधिग्रहण हुआ ही नहीं और उस पर सरकार ने कब्जा ले लिया। यशवर्धन का कहना है कि जब उनका परिवार दिल्ली में था, तब ठेकेदार मनोज दीक्षित का फोन आया था। उन्हें बताया कि मौके पर पहुंचें, वह निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। दशहरे के समय कलेक्टर से जरूर बात हुई थी, पर उन्हें नहीं बताया गया था कि जमीन का अधिग्रहण होगा। उधर, कलेक्टर वंदना वैद्य ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला आया है और वह तहसीलदार से जांच करा रही हैं।
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दरअसल, यशवर्धन सिंह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रहते हैं। हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल रावत और उनकी पत्नी शहीद हो गए तो यशवर्धन भी परिवार के साथ दिल्ली में थे। उसी समय यशवर्धन सिंह की सोहागपुर की जमीन पर सरकार ने बिना किसी नोटिस कब्जा कर लिया। यशवर्धन सिंह ने खुद यह बात सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। इसी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मिश्रा ने ट्वीट किया कि "यशवर्धन जी की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट मेरे संज्ञान में आई है। मैंने इस विषय में एसपी शहडोल से बातचीत कर निर्देश दिए हैं कि पूरा मामला मेरी जानकारी में लाए बिना पुलिस किसी भी तरह का कोई कदम उनके या उनके परिवार के खिलाफ नहीं उठाए। अगर पुलिस द्वारा किसी भी तरह का पूर्वाग्रह इस मामले में बरता गया है और किसी भी तरह की अवैधानिक कार्यवाही को प्रश्रय दिया है तो मैं खुद पूरे मामले को देखूगा और जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।"
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यशोवर्धन जी की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट मेरे संज्ञान में आई है। मैंने इस विषय में एसपी शहडोल से बातचीत कर निर्देश दिए हैं कि पूरा मामला मेरी जानकारी में लाए बिना पुलिस किसी भी तरह का कोई कदम उनके या उनके परिवार के खिलाफ नहीं उठाए।@mohdept @JansamparkMP
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) December 14, 2021
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क्या लिखा था यशवर्धन सिंह ने
यशवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "जिस दिन जीजाजी जनरल बिपिन रावत व जिज्जी मधुलिका रावत का अग्नि संस्कार किया जा रहा था, उसी वक्त मौके का फायदा उठाते हुए शहडोल स्थित हमारे निजी परिसर से बिना अधिग्रहण अवैध रूप से समाधियों को नष्ट कर दिया गया। पेड़ों को काट दिया गया। यह सब नेशनल हाईवे के लिए किया गया। हमारे किसी हस्तक्षेप पर स्थानीय पुलिस को भी हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है। न्याय की दरकार है..."
क्या है मामला
शहडोल के पास राजाबाग सोहागपुर में नेशनल हाईवे बन रहा है। सड़क से लगी निजी जमीन भी अधिग्रहित की जा रही है। यहां यशवर्धन सिंह की भी जमीन थी। यशवर्धन सिंह का आरोप है कि निजी जमीन का अधिग्रहण हुआ ही नहीं और उस पर सरकार ने कब्जा ले लिया। यशवर्धन का कहना है कि जब उनका परिवार दिल्ली में था, तब ठेकेदार मनोज दीक्षित का फोन आया था। उन्हें बताया कि मौके पर पहुंचें, वह निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। दशहरे के समय कलेक्टर से जरूर बात हुई थी, पर उन्हें नहीं बताया गया था कि जमीन का अधिग्रहण होगा। उधर, कलेक्टर वंदना वैद्य ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला आया है और वह तहसीलदार से जांच करा रही हैं।
