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Tikamgarh News: ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव का शुभारंभ, सवा लाख दीपों की रोशनी से जगमग हो उठे घाट
Mon, 24 Nov 2025 09:25 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
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Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Nov 2025 09:25 PM IST
सार
बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली ओरछा में श्री राम विवाह महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। इस बीच बेतवा नदी के तट दीपों की रोशनी से जगमग हो उठे।
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ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव का शुभारंभ भव्य दीपोत्सव के साथ हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव का शुभारंभ भव्य दीपोत्सव के साथ हुआ। बेतवा तट स्थित कंचना घाट, जहां शताब्दियों से आस्था और परंपराएं रची-बसी हैं, एक बार फिर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस वर्ष का दीपोत्सव न केवल महोत्सव का आरंभ था, बल्कि ओरछा की प्राचीन वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण प्रयास भी रहा।
ओरछा, जहां राजा राम स्वयं राज्य के भगवान माने जाते हैं, मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर भारत में रामभक्ति का अद्वितीय केंद्र है। इतिहासकार बताते हैं कि 16वीं सदी में बुंदेला शासक महाराजा मधुकर शाह की भक्ति परंपरा और बाद में वीरांगना कुंवर गणेश व विराजमान रामराजा मंदिर की परंपरा ने इस क्षेत्र को रामकथा से अविच्छिन्न रूप से जोड़ दिया।
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सवा लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया
रविवार को आयोजित दीपोत्सव में जिला प्रशासन के नेतृत्व में सवा लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया। जैसे ही दीप एक साथ जले, पूरा कंचना घाट सुनहरी आभा में नहा उठा मानो त्रेता युग की पवित्र झलक वर्तमान में उतर आई हो। विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी और हजारों श्रद्धालुओं ने माँ बेतवा की आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
ये भी पढ़ें- MP News: IAS संतोष वर्मा का विवादित बयान, बोले-आरक्षण तब तक रहे जब तक बेटे काे ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना दे
जानें किस दिन क्या
24 नवंबर 2025 को मंडपाच्छादन, पूजन और दोपहर 3 बजे से प्रीतिभोज का आयोजन हुआ।
25 नवंबर, विवाह पंचमी पर, अत्यंत प्रतिष्ठित राम बारात (श्रीराम राजा जू वर यात्रा) रात्रि 7 बजे राजाराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा के रूप में प्रस्थान करेगी। इसके अतिरिक्त संत समागम, रामचरित मानस प्रवचन, धनुष यज्ञ और श्रीराम सेवादल द्वारा लीला मंचन भी आयोजित होंगे।
26 नवंबर को श्रीराम कलेवा और भजन-कीर्तन के साथ भक्तिरस और भी गाढ़ा होगा।
विवाह पंचमी पर भंडारा करना चाहने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने पाँच स्थान निर्धारित किए हैं। राजमंदिर होटल के पास, बायपास रोड पार्किंग, थाना पार्किंग, कुशीनगर शंकर मंदिर परिसर और लक्ष्मी मंदिर पार्किंग।
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ओरछा, जहां राजा राम स्वयं राज्य के भगवान माने जाते हैं, मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर भारत में रामभक्ति का अद्वितीय केंद्र है। इतिहासकार बताते हैं कि 16वीं सदी में बुंदेला शासक महाराजा मधुकर शाह की भक्ति परंपरा और बाद में वीरांगना कुंवर गणेश व विराजमान रामराजा मंदिर की परंपरा ने इस क्षेत्र को रामकथा से अविच्छिन्न रूप से जोड़ दिया।
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सवा लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया
रविवार को आयोजित दीपोत्सव में जिला प्रशासन के नेतृत्व में सवा लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया। जैसे ही दीप एक साथ जले, पूरा कंचना घाट सुनहरी आभा में नहा उठा मानो त्रेता युग की पवित्र झलक वर्तमान में उतर आई हो। विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी और हजारों श्रद्धालुओं ने माँ बेतवा की आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
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जानें किस दिन क्या
24 नवंबर 2025 को मंडपाच्छादन, पूजन और दोपहर 3 बजे से प्रीतिभोज का आयोजन हुआ।
25 नवंबर, विवाह पंचमी पर, अत्यंत प्रतिष्ठित राम बारात (श्रीराम राजा जू वर यात्रा) रात्रि 7 बजे राजाराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा के रूप में प्रस्थान करेगी। इसके अतिरिक्त संत समागम, रामचरित मानस प्रवचन, धनुष यज्ञ और श्रीराम सेवादल द्वारा लीला मंचन भी आयोजित होंगे।
26 नवंबर को श्रीराम कलेवा और भजन-कीर्तन के साथ भक्तिरस और भी गाढ़ा होगा।
विवाह पंचमी पर भंडारा करना चाहने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने पाँच स्थान निर्धारित किए हैं। राजमंदिर होटल के पास, बायपास रोड पार्किंग, थाना पार्किंग, कुशीनगर शंकर मंदिर परिसर और लक्ष्मी मंदिर पार्किंग।
