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MP: बाघिन डॉटी की फीमेल शावक ने बांधवगढ़ में टेरिटरी बनाना किया शुरू, पेड़ों पर स्प्रे मार्किंग करती दिखी

Wed, 01 Mar 2023 05:43 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 01 Mar 2023 05:43 PM IST
सार

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की फेमस डॉटी बाघिन की फीमेल शावक अब जवान हो रही है। डॉटी की शावक ने अब जंगल में अपनी टेरिटरी बनाना भी शुरू कर दिया है। हाल ही में पर्यटकों ने इस रोमांचक नजारे को कैमरे में कैद किया।

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Tigress Dottie's female cub started making territory in Bandhavgarh, was seen spray marking on trees
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आपने सुना होगा जंगल में हर बाघ का अपना एक इलाका होता है, जहां जब कोई दूसरा बाघ घुसने की कोशिश करता है तो बाघों में लड़ाई भी होती है। आज हम आपको जंगल की ऐसी ही अनोखी कहानी बताने वाले हैं। टेरिटरी बनाने का ऐसा ही मामला उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सामने आया है। बाघों के गढ़ बांधवगढ़ की फेमस डॉटी बाघिन के फीमेल शावक ने जंगल में अब अपनी टेरिटरी बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में वह पेड़ों पर स्प्रे मार्किंग कर अपने क्षेत्र को चिन्हित करती दिखी। पेड़ों पर स्प्रे मार्किंग करते हुए बाघिन का वीडियो सामने आया है। वीडियो रविवार का बताया जा रहा है, जहां बाघिन डॉटी की फीमेल शावक पेड़ में स्प्रे कर रही थी, उसी दौरान पर्यटकों की नजर बाघिन पर पड़ गई और पर्यटकों ने बाघिन का वीडियो बना लिया। ऐसा नजारा बहुत ही कम देखने को मिलता है। पर्यटक इस नजारे को देखकर काफी रोमांचित हुए। बता दें, कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध बाघिन डॉटी की उम्र लगभग 10 साल है। उसकी फिमेल शावक की उम्र लगभग तीन वर्ष बताई जा रही है। जहां वह पेड़ों में स्प्रे मार्किंग कर अपनी टेरिटरी बना रही है।
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जानें क्षेत्र और उसके नियम
बाघ और बाघिन का अपनी टेरिटरी बनाने के कुछ नियम भी माने जाते हैं, जो वन्य प्राणियों के जानकार बताते हैं। वहीं, सेवानिवृत्त आई एफ एस आर एस सिकरवार ने बताया कि बाघ और बाघिन के लिए लगभग 36 स्क्वायर किलोमीटर का क्षेत्र होता है जिसमें की 24 स्क्वायर किलोमीटर में उसकी टेरिटरी होती है और 12 स्क्वायर किलोमीटर सीमा लाइन होती है, जहां पर दूसरे बाघ आ जा सकते हैं। लेकिन 24 स्क्वायर किलोमीटर में आने पर टेरिटोरियल फाइट की संभावनाएं बन जाती हैं। पूरे मामले को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जानकार और जिला वन्य प्राणी अभिरक्षक ने बताया कि टाइगर पेड़ों में स्प्रे  अपना इलाका बनाने के लिए करता है और मेल अधिकतम 30 किलोमीटर तक का एरिया बना सकते हैं।  एक मेल के एरिया में दो से तीन फीमेल रह सकती हैं।
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