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मध्यप्रदेश: छिंदवाड़ा में 23 जिंदा व्यक्तियों को मृत घोषित कर निकाल लिए लाखों रुपये, तीन कर्मचारी निलंबित

Mon, 30 Aug 2021 03:04 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Mon, 30 Aug 2021 03:04 PM IST
सार

भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद जीवित लोगों ने पंचायत विभाग के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गांव के लोगों ने ग्राम पंचायत के सचिव और जनपद पंचायत के सीईओ पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। फिलहाल तीन कर्मचारियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। 

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Three employees suspended in Chhindwara over fake death certificate case
मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक) - फोटो : फाइल

विस्तार

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 23 जिंदा ग्रामीणों को कागजों पर मृत घोषित कर सरकार से आर्थिक सहायता लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के बोहनाखेड़ी गांव में घोटाले का यह मामला सामने आया है। घटना के बाद पंचायत विभाग के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत सचिव राकेश चंदेल, ग्राम रोजगार सहायक संजय चौरे एवं पंचायत समन्वय अधिकारी सुनील अंधवां पर गबन करने का आरोप है। हैरानी की बात है कि इतने बड़े घोटाले की जानकारी आलाधिकारियों को भी नहीं लगी। तीनों निलंबित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

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जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने बोहनाखेड़ी में 23 जीवित व्यक्तियों के मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर राशि निकालने के मामले को गंभीरता से लिया है और कलेक्टर से विस्तृत जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री पटेल ने कहा कि जीवित व्यक्तियों के फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र बनना और उनके नाम पर राशि निकालना न केवल चिंताजनक है, बल्कि आपत्तिजनक और नियम विरुद्ध है। प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर से पूरे जिले में जांच कराने की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 
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जीवित लोगों ने जिंदा होने के दस्तावेज पेश किए
इस घटना के बाद जीवित लोगों ने पंचायत विभाग के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद गांव के लोगों ने ग्राम पंचायत के सचिव और जनपद पंचायत के सीईओ पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। 23 जीवित लोगों ने अपने जिंदा होने के दस्तावेज भी पुलिस के सामने सौंपे हैं।  
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कोरोना से मरने वालों को सरकार की ओर से मिलती है आर्थिक मदद
दरअसल, कोरोना से मरने वालों को राज्य सरकार की ओर से 2-2 लाख रुपये आर्थिक सहायता के तौर पर दी जा रही है। पंचायत विभाग के कर्मचारियों ने गांव के 23 जिंदा लोगों को कागजों में मृत दिखाकर उनके नाम पर राशि निकाल ली है। 

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