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रसूख पर चला बुलडोजर: इंदौर में प्रशासन ने अवैध निर्माण जमींदोज किए, गुुंडों को सिखाया सबक
Sat, 16 Oct 2021 06:34 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: सुभाष कुमार
Updated Sat, 16 Oct 2021 06:34 PM IST
सार
निगम ने शनिवार को अमला के साथ कार्रवाई शुरू की। अफसरों के साथ निगम कर्मचारी निर्माण तोड़ने पहुंचे और देखते ही देखते इमारतों के साथ रसूखदारों का रसूख जमींदोज हो गया।
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प्रशासन ने अवैध निर्माण जमींदोज किए
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अपने रुपयों का रसूख और बड़ी पहचान के दम पर नियमों का मखौल उड़ाने वाले भूमाफियाओं पर इंदौर प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है।नियमों को ताक पर रखकर किए गए मनमाने निर्माण को जमींदोज किया जा रहा है। पूर्व में की गई कार्रवाइयों के बाद शनिवार को फिर से नगर निगमकी सख्ती दिखी और भूमाफिया तथा गुंडों के मकान व अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा था। सूची तैयार की जा रही थी कि कहां क्या गड़बड़ है। इसके बाद शनिवार को निगम अमला तैयार हुआ। अफसरों के साथ निगम कर्मचारी निर्माण तोडऩे पहुंचे और देखते ही देखते इमारतों के साथ रसूखदारों का रसूख जमींदोज हो गया।
कंट्रोल एरिया में 16 दुकानें तोड़ी
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि बायपास पर जोन क्रमांक 19 वार्ड 76 में बिचोली मर्दाना में बद्रीलाल ने पैकी पर निगम से अनुमति लिए बिना कंट्रोल एरिया में 16 दुकानें बनाई थी। इन 16 दुकानों को शनिवार को तोडा गया।
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बिना स्वीकृति के कर लिया निर्माण, निगम ने किया जमींदोज
एंटी भूमाफिया अभियान के तहत जोन क्रमांक 1 में भवन स्वामी पलाश अजमेरा ने बगैर स्वीकृति के अवैध निर्माण किया था। इसमें भूतल पर दुकानें बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां एवं प्रथम व द्वितीय तल पर आवासीय उपयोग किया जा रहा था। साथ ही भवन स्वामी उषा अजमेरा ने बगैर स्वीकृति के अवैध निर्माण किया गया जिसमें भूतल पर दुकानें बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही थी। अवैध निर्माण की श्रेणी में होने से निगम ने इनको जमींदोज किया।
गुंडे का मकान तोड़ा, 21 अपराध दर्ज हैं
अभियान के तहत गुंडे का मकान भी तोड़ा गया। जोन 14 में सुंदर का अवैध निर्माण था। करीब 1100 वर्ग फीट का भूतल का मकान था, जिसे तोड़ा गया। संदुर जाटव निगरानीशुदा बदमाश है। उसके खिलाफ करीब 21 अपराध दर्ज है। इसी तरह इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र के आदतन अपराधियों पर कार्रवाई की गई। इनमें लविश यादव निवासी छोटा बांगड़दा (कुल 16 अपराध), नरेंद्र सिंह जाट निवासी मल्हारगंज सब्जी मंडी (कुल 32 अपराध),राजकुमार कुरील निवासी चंदन नगर और नारायण बाग (2 प्रकरण दर्ज), जमील कुरैशी निवासी चंदन नगर (4 प्रकरण दर्ज), अरबाज अली निवासी ग्रीन पार्क कांकड़ (आपराधिक मामला एक लेकिन असामाजिक हरकतों के कारण निशाने पर), सुंदर जाटव निवासी निहालपुरा (कुल 29 अपराध दर्ज)। इन सभी के खिलाफ एंटी माफिया अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी रजिस्ट्री कर ठगे 40 लाख, हुआ केस दर्ज
अवैध निर्माण ध्वस्त करने के साथ ही इंदौर प्रशासन ने डायरी माफिया और ठगी करने वाले प्रॉपटी ब्रोकरों के खिलाफ भी सख्त रवैया अपनाया है। एक मामले में प्रवीण अजमेरा के खिलाफ थाना एरोड्रम पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रवीण अजमेरा ने छोटा बांगड़दा स्थित राजश्री नगर कॉलोनी का एक भूखंड विजय वर्मा और अजय वर्मा को बिकवा दिया जबकि यह भूखंड पंकज पाटोदी के नाम पर रजिस्टर्ड था , मगर प्रवीण अजमेरा ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर इस भूखंड की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से करवा दी और 40 लाख की राशि की ठगी की।
विजय वर्मा के बेटे जय वर्मा ने पिछले दिनों प्रशासन को शिकायत की जिसमे बताया गया कि मौके पर उसे भूखंड उपलब्ध नहीं हुआ और उस भूखंड पर किसी और का कब्जा है। जब प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच करवाई और रजिस्ट्रार से रजिस्ट्री की डिटेल भी निकलवाई तो दस्तावेजों के आधार पर पता चला कि प्रवीण अजमेरा ने जो रजिस्ट्री करवाई वह पूरी तरह से फर्जी है। 30 बाय 50 के प्लॉट को दो टुकड़ों में बेचते हुए दो लोगो को फर्जी रजिस्ट्री करवाई। इस मामले में अशोक कुचेरिया को भी आरोपी बनाया है। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि नियमानुसार सभी को रेरा रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए, उसके बाद ही वह ब्रोकर का काम कर सकते हैं।
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कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा था। सूची तैयार की जा रही थी कि कहां क्या गड़बड़ है। इसके बाद शनिवार को निगम अमला तैयार हुआ। अफसरों के साथ निगम कर्मचारी निर्माण तोडऩे पहुंचे और देखते ही देखते इमारतों के साथ रसूखदारों का रसूख जमींदोज हो गया।
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कंट्रोल एरिया में 16 दुकानें तोड़ी
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि बायपास पर जोन क्रमांक 19 वार्ड 76 में बिचोली मर्दाना में बद्रीलाल ने पैकी पर निगम से अनुमति लिए बिना कंट्रोल एरिया में 16 दुकानें बनाई थी। इन 16 दुकानों को शनिवार को तोडा गया।
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बिना स्वीकृति के कर लिया निर्माण, निगम ने किया जमींदोज
एंटी भूमाफिया अभियान के तहत जोन क्रमांक 1 में भवन स्वामी पलाश अजमेरा ने बगैर स्वीकृति के अवैध निर्माण किया था। इसमें भूतल पर दुकानें बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां एवं प्रथम व द्वितीय तल पर आवासीय उपयोग किया जा रहा था। साथ ही भवन स्वामी उषा अजमेरा ने बगैर स्वीकृति के अवैध निर्माण किया गया जिसमें भूतल पर दुकानें बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही थी। अवैध निर्माण की श्रेणी में होने से निगम ने इनको जमींदोज किया।
गुंडे का मकान तोड़ा, 21 अपराध दर्ज हैं
अभियान के तहत गुंडे का मकान भी तोड़ा गया। जोन 14 में सुंदर का अवैध निर्माण था। करीब 1100 वर्ग फीट का भूतल का मकान था, जिसे तोड़ा गया। संदुर जाटव निगरानीशुदा बदमाश है। उसके खिलाफ करीब 21 अपराध दर्ज है। इसी तरह इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र के आदतन अपराधियों पर कार्रवाई की गई। इनमें लविश यादव निवासी छोटा बांगड़दा (कुल 16 अपराध), नरेंद्र सिंह जाट निवासी मल्हारगंज सब्जी मंडी (कुल 32 अपराध),राजकुमार कुरील निवासी चंदन नगर और नारायण बाग (2 प्रकरण दर्ज), जमील कुरैशी निवासी चंदन नगर (4 प्रकरण दर्ज), अरबाज अली निवासी ग्रीन पार्क कांकड़ (आपराधिक मामला एक लेकिन असामाजिक हरकतों के कारण निशाने पर), सुंदर जाटव निवासी निहालपुरा (कुल 29 अपराध दर्ज)। इन सभी के खिलाफ एंटी माफिया अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी रजिस्ट्री कर ठगे 40 लाख, हुआ केस दर्ज
अवैध निर्माण ध्वस्त करने के साथ ही इंदौर प्रशासन ने डायरी माफिया और ठगी करने वाले प्रॉपटी ब्रोकरों के खिलाफ भी सख्त रवैया अपनाया है। एक मामले में प्रवीण अजमेरा के खिलाफ थाना एरोड्रम पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रवीण अजमेरा ने छोटा बांगड़दा स्थित राजश्री नगर कॉलोनी का एक भूखंड विजय वर्मा और अजय वर्मा को बिकवा दिया जबकि यह भूखंड पंकज पाटोदी के नाम पर रजिस्टर्ड था , मगर प्रवीण अजमेरा ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर इस भूखंड की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से करवा दी और 40 लाख की राशि की ठगी की।
विजय वर्मा के बेटे जय वर्मा ने पिछले दिनों प्रशासन को शिकायत की जिसमे बताया गया कि मौके पर उसे भूखंड उपलब्ध नहीं हुआ और उस भूखंड पर किसी और का कब्जा है। जब प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच करवाई और रजिस्ट्रार से रजिस्ट्री की डिटेल भी निकलवाई तो दस्तावेजों के आधार पर पता चला कि प्रवीण अजमेरा ने जो रजिस्ट्री करवाई वह पूरी तरह से फर्जी है। 30 बाय 50 के प्लॉट को दो टुकड़ों में बेचते हुए दो लोगो को फर्जी रजिस्ट्री करवाई। इस मामले में अशोक कुचेरिया को भी आरोपी बनाया है। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि नियमानुसार सभी को रेरा रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए, उसके बाद ही वह ब्रोकर का काम कर सकते हैं।
