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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Supreme Court said we will not decide how pooja will happen at Mahakaleshwar

SC ने कहा- महाकालेश्वर मंदिर की पूजा किस तरह हो यह हम नहीं बता सकते

Thu, 05 Apr 2018 02:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Updated Thu, 05 Apr 2018 02:25 PM IST
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Supreme Court said we will not decide how pooja will happen at Mahakaleshwar
महाकालेश्वर

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में किस तरह से पूजा अर्चना हो यह तय करना हमारा काम नहीं है। हम केवल शिवलिंग को सुरक्षित रखने के लिए चिंतित हैं। कोर्ट ने कहा कि भस्म आरती कैसे होगी यह हम तय नहीं कर सकते हैं। मंदिर की पूजा पद्धति में हम किसी तरह का दखल नहीं देंगे। कोर्ट शिवलिंग को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। 

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन समिति को वह नोटिस बोर्ड तुरंत हटाने के लिए कहा था जिसमें लिखा था कि कोर्ट के निर्देश पर पूजा के नियम बताए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि उसने कभी यह आदेश नहीं दिया कि धार्मिक अनुष्ठान कैसे हों और किस तरह से भस्म आरती की जाए। कोर्ट ने साफ किया कि उसका मंदिर और पूजा के रीति-रिवाजों से कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट यह मामला केवल शिवलिंग को सुरक्षित रखने के लिए सुन रहा है और इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रबंधन समिति ने यह प्रस्ताव पेश किए थे।
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पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि आरओ के पानी से महाकाल शिवलिंग का अभिषेक किया जाना चाहिए। इससे पहले इस पर फैसला होना था कि अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, शहद, शकर और घी) से अभिषेक हो या नहीं और कितनी मात्रा में हो। दरअसल, चढ़ावे से शिवलिंग के आकार का छोटा (क्षरण) होने के चलते कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद जांच के लिए एएसआई की कमेटी सर्वे के लिए गई थी।

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