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Son Chiraiya Bird Sanctuary: सोन चिरैया अभयारण्य के खिलाफ किसानों ने कराया मुंडन, रेत माफिया पर उठाए सवाल
Tue, 17 May 2022 06:52 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 17 May 2022 06:52 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित सोन चिरैया अभयारण्य के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने मुंडन कराया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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शिवपुरी में महिला किसान ने भी मुंडन कराकर अभयारण्य का विरोध किया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले करैरा सोन चिरैया अभयारण्य क्षेत्र में निवास करने वाले 32 गांवों के किसानों ने प्रदर्शन किया। चिलचिलाती धूप में पैदल मार्च निकाला। एसडीएम दिनेशचंद्र शुक्ला को लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें रेत माफिया पर सवाल उठाए गए।
किसानों का कहना है कि 1981 में 32 गांव की 202.2 वर्ग किलोमीटर जमीन सोन चिरैया संरक्षित क्षेत्र में घोषित कर दी गई थी। इस कारण वहां निवासरत किसान अपनी जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर सकते। यहां तक कि अपने उपयोग के लिए अपने ही खेत में से मिट्टी तक नहीं उठा सकते। अभयारण्य की आड़ में रेत माफिया के हौंसले बुलंद हैं। प्रतिदिन क्षेत्र से लाखों रुपये की रेत का अवैध उत्खनन नेता और उनके लोग कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन की प्रवक्ता कृष्णा देवी रावत ने कहा कि इस क्षेत्र में लगे प्रतिबंध की वजह से कई तरह की समस्याओं का सामना किसान कर रहे हैं। यदि इस क्षेत्र को अभयारण्य से जल्द ही मुक्त नहीं किया गया तो यह आंदोलन और उग्र होगा। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र पाठक दिहायला, होतम सिंह रावत, जितेंद्र रावत, गोपाल गुर्जर, देवेंद्र रावत, जवाहर सिंह रावत सहित कई किसान मौजूद थे। ज्ञापन देने के पश्चात कृष्णा देवी रावत, होतम सिंह रावत सहित छह से अधिक किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने ही सड़क पर अपना मुंडन कराया।
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किसानों का कहना है कि 1981 में 32 गांव की 202.2 वर्ग किलोमीटर जमीन सोन चिरैया संरक्षित क्षेत्र में घोषित कर दी गई थी। इस कारण वहां निवासरत किसान अपनी जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर सकते। यहां तक कि अपने उपयोग के लिए अपने ही खेत में से मिट्टी तक नहीं उठा सकते। अभयारण्य की आड़ में रेत माफिया के हौंसले बुलंद हैं। प्रतिदिन क्षेत्र से लाखों रुपये की रेत का अवैध उत्खनन नेता और उनके लोग कर रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन की प्रवक्ता कृष्णा देवी रावत ने कहा कि इस क्षेत्र में लगे प्रतिबंध की वजह से कई तरह की समस्याओं का सामना किसान कर रहे हैं। यदि इस क्षेत्र को अभयारण्य से जल्द ही मुक्त नहीं किया गया तो यह आंदोलन और उग्र होगा। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र पाठक दिहायला, होतम सिंह रावत, जितेंद्र रावत, गोपाल गुर्जर, देवेंद्र रावत, जवाहर सिंह रावत सहित कई किसान मौजूद थे। ज्ञापन देने के पश्चात कृष्णा देवी रावत, होतम सिंह रावत सहित छह से अधिक किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने ही सड़क पर अपना मुंडन कराया।
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