MP: मोदी के पोस्टर से मुख्यमंत्री शिवराज गायब
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जहां नरेंद्र मोदी प्रचार सामग्री से नदारद नजर आ रहे थे, अब भाजपा की केंद्रीय प्रचार समिति ने ऐसे पोस्टर राज्य में लगाए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नहीं हैं।
भोपाल में कई जगह ऐसे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा में पोस्टरों, कटआउट और बैनरों से नरेंद्र मोदी गायब थे। विधानसभा चुनावों की प्रचार सामग्री में भी नरेंद्र मोदी यदा-कदा ही दिखाई देते थे।
प्रचार की नई नीतियां
भाजपा के रणनीतिकार तर्क देते थे कि मुस्लिम मत प्रभावित नहीं हों, इसलिए नरेंद्र मोदी को जानबूझकर अलग रखा जा रहा है लेकिन अंत में नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में साढ़े तीन दिनों में 14 सभाएं की थीं।
अकेले मोदी के पोस्टरों के बारे में फिलहाल भाजपा नेताओं का कहना है कि केंद्रीय चुनाव प्रचार समिति की सामग्री में अकेले नरेंद्र मोदी ही हैं। उन पोस्टरों में राजनाथ सिंह तक नहीं हैं।
क्योंकि नरेंद्र मोदी को पार्टी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी का नेतृत्व भी यह महसूस कर रहा है कि प्रदेश में नरेंद्र मोदी का करिश्मा काम कर रहा है।
मोदी को कैपिटलाइज करना चाहती है भाजपा
पार्टी नरेंद्र मोदी के इस करिश्मे को पूरी तरह कैपिटलाइज करना चाहती है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि अकेले नरेंद्र मोदी के पोस्टर लगाए जाने का यह मतलब कतई नहीं है कि पार्टी शिवराज सिंह चौहान को प्रचार सामग्री से अलग रखना चाहती है या नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान में महत्वाकांक्षाओं का टकराव है।
चुनावों में पोस्टर वार
सितंबर में भोपाल में पार्टी ने जब कार्यकर्ताओं का महाकुंभ का आयोजन किया था तब भी नरेंद्र मोदी के समर्थन में बड़ी संख्या में पोस्टर-बैनर लहराए गए थे। उस मंच पर भाजपा के तमाम नेताओं की उपस्थिति के बाद भी मोदी-मोदी के नारे लगाए जा रहे थे।
भाजपा की सूची में कई कमजोर उम्मीदवारों के नामों पर भी भाजपा नेताओं का ख्याल है कि नरेंद्र मोदी के नाम की लहर इतनी तगड़ी है कि जिन्हें विश्लेषक कमजोर बता रहे हैं, वे भी जीतकर आ जाएंगे।
