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मध्य प्रदेश में हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा: सीएम हाउस पर धरना खत्म, मुलाकात का समय लेकर ही माने दिग्विजय, स्टेट हैंगर पर शिवराज से मिले कमलनाथ
Fri, 21 Jan 2022 01:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 21 Jan 2022 01:51 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को दिलचस्प मोड़ आया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की स्टेट हैंगर पर मुलाकात हुई। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज से मुलाकात को लेकर सीएम हाउस के सामने धरना दिया।
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Bhopal: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्टेट हैंगर पर करीब तीस मिनट मुलाकात की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्टेट हैंगर पर करीब तीस मिनट मुलाकात की। यह मुलाकात अचानक हुई और करीब तीस मिनट तक दोनों ने अलग-अलग विषयों पर बातचीत की। उधर, डूब प्रभावितों को मुआवजे के मुद्दे पर शिवराज से मुलाकात न होने पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सीएम हाउस के सामने धरना दिया। दोपहर में मुलाकात का आश्वासन मिलने पर धरना खत्म कर दिया।
बताया जा रहा है कि धरने के दौरान दिग्विजय सिंह की मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी से फोन पर बात कराई गई। उन्होंने दिग्विजय से कहा कि 23 जनवरी को 11:45 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात का आपका समय निर्धारित है। इस आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। साथ ही कहा कि यदि अब हमारे साथ धोखा हुआ तो यहां धरना नहीं होगा, बल्कि चारों जिलों के रास्ते बंद कर देंगे।
इससे पहले स्टेट हैंगर पर शिवराज से मुलाकात के बाद कमलनाथ भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने वहां धरने पर दिग्विजय सिंह का साथ दिया। मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि छिंदवाड़ा से आ रहा था तो स्टेट हैंगर पर शिवराज जी से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि दिग्विजय सिंह मुझसे समय मांग रहे हैं। मैं तो उनसे मिलने को तैयार हूं, पर वे सीएम हाउस पर धरना दे रहे हैं। जब यहां आया तो पता चला कि दिग्विजय सिंह तो डेढ़ महीने से समय मांग रहे हैं। शिवराज ही उन्हें समय नहीं दे रहे हैं। आज का समय फिक्स हुआ था। अचानक उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।
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मुझे समय नहीं दिया, अचानक मिल गए
इस सवाल पर कि शिवराज ने उन्हें समय दे दिया और दिग्विजय सिंह को नहीं दिया, कमलनाथ भड़क गए। उन्होंने कहा कि मुझे कोई समय नहीं दिया। वह तो अचानक मुलाकात हो गई। मैं छिंदवाड़ा से आ रहा था और वह कहीं जा रहे थे। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने स्टेट हैंगर पर कमलनाथ से मुलाकात के बाद देवास के लिए उड़ान भरी।
सीएम हाउस पर दिग्विजय सिंह ने दिया धरना
टेम व सुठालिया परियोजना के अंतर्गत डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों को मुआवजे के मुद्दे पर शिवराज ने मिलने का समय देकर कार्यक्रम रद्द कर दिया। इससे गुस्साए दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को सीएम हाउस के बाहर धरना दिया। उन्होंने एक दिन पहले मैसेज जारी कर कहा था कि ऐसा बर्ताव आपको महंगा पड़ेगा शिवराज सिंह जी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जी के पास मध्यप्रदेश के डूब में आने वाले किसानों से मिलने का समय नहीं है। उनके पास भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद से मिलने का समय नहीं है। दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा था। इसमें टेम और सुठालिया सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल, राजगढ़, विदिशा और गुना जिले के किसानों की हजारों एकड़ भूमि डूब में आ रही है। प्रभावित परिवारों को बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। आखिरकर दिग्विजय सिंह की मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी से फोन पर बात कराई गई। उन्होंने दिग्विजय से कहा कि 23 जनवरी को 11:45 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात का आपका समय निर्धारित है। इस आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
सीएम हाउस के चारों तरफ बैरिकेडिंग
श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री आवास के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई। रास्ते बंद कर दिए गए थे। यह पहला मौका है जब कमलनाथ भी दिग्विजय सिंह के साथ धरने पर बैठे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोज की तरह शुक्रवार को सुबह पौधा लगाने मुख्यमंत्री आवास से स्मार्ट सिटी पार्क के लिए निकले थे। तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताई तालिबानी हरकत
इधर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के समय मांगने के तरीके पर तंज कसा है। उन्होंने इसे तालिबानी हरकत बताते हुए कहा है कि वे समय मांग रहे हैं कि अड़ीबाजी कर रहे हैं। एक राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री की ऐसी भाषा शोभा नहीं देती है। इधर, हंगामे के बीच खबर है कि शिवराज सिंह चौहान ने अब दिग्विजय सिंह को मिलने के लिए 23 जनवरी को बुलाया है। दिग्विजय सिंह ने मीडिया से कहा कि जब तक मिलने का समय नहीं दिया जाएगा, मैं नहीं उठूंगा। मुझे लिखित में दे देंगे तो तुरंत धरने से उठ जाऊंगा।
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बताया जा रहा है कि धरने के दौरान दिग्विजय सिंह की मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी से फोन पर बात कराई गई। उन्होंने दिग्विजय से कहा कि 23 जनवरी को 11:45 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात का आपका समय निर्धारित है। इस आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। साथ ही कहा कि यदि अब हमारे साथ धोखा हुआ तो यहां धरना नहीं होगा, बल्कि चारों जिलों के रास्ते बंद कर देंगे।
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इससे पहले स्टेट हैंगर पर शिवराज से मुलाकात के बाद कमलनाथ भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने वहां धरने पर दिग्विजय सिंह का साथ दिया। मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि छिंदवाड़ा से आ रहा था तो स्टेट हैंगर पर शिवराज जी से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि दिग्विजय सिंह मुझसे समय मांग रहे हैं। मैं तो उनसे मिलने को तैयार हूं, पर वे सीएम हाउस पर धरना दे रहे हैं। जब यहां आया तो पता चला कि दिग्विजय सिंह तो डेढ़ महीने से समय मांग रहे हैं। शिवराज ही उन्हें समय नहीं दे रहे हैं। आज का समय फिक्स हुआ था। अचानक उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।
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मुझे समय नहीं दिया, अचानक मिल गए
इस सवाल पर कि शिवराज ने उन्हें समय दे दिया और दिग्विजय सिंह को नहीं दिया, कमलनाथ भड़क गए। उन्होंने कहा कि मुझे कोई समय नहीं दिया। वह तो अचानक मुलाकात हो गई। मैं छिंदवाड़ा से आ रहा था और वह कहीं जा रहे थे। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने स्टेट हैंगर पर कमलनाथ से मुलाकात के बाद देवास के लिए उड़ान भरी।
सीएम हाउस पर दिग्विजय सिंह ने दिया धरना
टेम व सुठालिया परियोजना के अंतर्गत डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों को मुआवजे के मुद्दे पर शिवराज ने मिलने का समय देकर कार्यक्रम रद्द कर दिया। इससे गुस्साए दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को सीएम हाउस के बाहर धरना दिया। उन्होंने एक दिन पहले मैसेज जारी कर कहा था कि ऐसा बर्ताव आपको महंगा पड़ेगा शिवराज सिंह जी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जी के पास मध्यप्रदेश के डूब में आने वाले किसानों से मिलने का समय नहीं है। उनके पास भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद से मिलने का समय नहीं है। दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा था। इसमें टेम और सुठालिया सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल, राजगढ़, विदिशा और गुना जिले के किसानों की हजारों एकड़ भूमि डूब में आ रही है। प्रभावित परिवारों को बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। आखिरकर दिग्विजय सिंह की मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी से फोन पर बात कराई गई। उन्होंने दिग्विजय से कहा कि 23 जनवरी को 11:45 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात का आपका समय निर्धारित है। इस आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
सीएम हाउस के चारों तरफ बैरिकेडिंग
श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री आवास के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई। रास्ते बंद कर दिए गए थे। यह पहला मौका है जब कमलनाथ भी दिग्विजय सिंह के साथ धरने पर बैठे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोज की तरह शुक्रवार को सुबह पौधा लगाने मुख्यमंत्री आवास से स्मार्ट सिटी पार्क के लिए निकले थे। तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताई तालिबानी हरकत
इधर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के समय मांगने के तरीके पर तंज कसा है। उन्होंने इसे तालिबानी हरकत बताते हुए कहा है कि वे समय मांग रहे हैं कि अड़ीबाजी कर रहे हैं। एक राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री की ऐसी भाषा शोभा नहीं देती है। इधर, हंगामे के बीच खबर है कि शिवराज सिंह चौहान ने अब दिग्विजय सिंह को मिलने के लिए 23 जनवरी को बुलाया है। दिग्विजय सिंह ने मीडिया से कहा कि जब तक मिलने का समय नहीं दिया जाएगा, मैं नहीं उठूंगा। मुझे लिखित में दे देंगे तो तुरंत धरने से उठ जाऊंगा।
