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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shivraj in Haridwar: When the sun of civilization had not risen in western countries, then the hymns of the Vedas were composed here

शिवराज हरिद्वार में: जब पश्चिमी देशों में सभ्यता का सूर्य उदित नहीं हुआ था, तब हमारे यहां वेदों की ऋचाएं रची जा चुकी थीं

Thu, 02 Dec 2021 11:55 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 02 Dec 2021 11:55 AM IST
सार

हरिद्वार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आचार्य श्री राम शर्मा जी शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष व्याख्यानमाला का शुभारंभ किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात भी की। 
 

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Shivraj in Haridwar: When the sun of civilization had not risen in western countries, then the hymns of the Vedas were composed here
हरिद्वार में शिवराज सिंह चौहान से उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी ने मुलाकात की। धामी ने शिवराज को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। शिवराज ने धामी को आदि शंकराचार्य जी का चित्र व सांची स्तूप की प्रतिकृति भेंट की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अत्यंत प्राचीन व महान राष्ट्र भारत का 5 हजार साल का तो ज्ञात इतिहास है। जब पश्चिमी देशों में सभ्यता का सूर्य उदित नहीं हुआ था तब हमारे यहां वेदों की ऋचाएं रच दी गईं थीं। जब पश्चिम के लोग अपने शरीर को पेड़ों के पत्तों व छालों से ढकते थे तब हमारे यहां तक्षशिला, नालंदा जैसे विद्यालय थे। 
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आचार्य श्री राम शर्मा जी शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष व्याख्यानमाला में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बचपन से अद्भुत संस्कार दिए जाते रहे हैं। जब हम बच्चे थे तो गांव में पंडित जी कथा करने आते थे और कहते थे- धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भाव हो, विश्व का कल्याण हो। इन पंक्तियों में क्या अद्भुत भाव है! हम प्राचीन और महान राष्ट्र के नागरिक हैं जो विश्व गुरु था। जिसने कभी कोई विचारधारा थोपी नहीं। कोई वाद, मत, पंथ थोपा नहीं। मुझे यह कहते हुए गर्व है ये वह धरती है जिसने कहा कि "एकं सत विप्रा बहुधा वदंति" सब एक है। विद्वान उसे अलग-अलग तरीके से कहते हैं। 
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मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। दोनों के बीच देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मुलाकात हुई। इस दौरान धामी ने चौहान को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। चौहान ने भी धामी को आदि शंकराचार्य जी का चित्र व सांची स्तूप की प्रतिकृति भेंट की।
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परम पूज्य श्रद्धेय गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा जी का चिंतन था कि विश्व के कोने-कोने में उपस्थित भारतीय संस्कृति के चिन्हों को कैसे संरक्षित और समृद्ध किया जाए। इस दिशा में देव संस्कृति विश्वविद्यालय उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। सांस्कृतिक साम्यता वाले देशों के साथ साझीदारी उत्तम प्रयास है।

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- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 2 Dec 2021



बाल्टिक शिक्षा एवं संस्कृति केंद्र का दौरा 
इससे पहले मुख्यमंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में स्थित बाल्टिक शिक्षा एवं संस्कृति केंद्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार में स्थित बाल्टिक शिक्षा एवं संस्कृति केंद्र पहुंचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बाल्टिक सेंटर में संरक्षित ग्रंथों, वेद, पुराणों के अनुवाद आदि,संस्कृति को सहेजने, संवारने के लिए किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय हैं। हमारी संस्कृति को जीवंत रखने किया जा रहा कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। इस पुनीत कार्य के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय की पूरी टीम साधुवाद की पात्र है। इस केंद्र से बाल्टिक देशों सहित 42 राष्ट्रों के साथ संस्कृति साझेदारी की गई है। प्रशंसनीय पहल है कि जो जिन राष्ट्रों का आधार सनातन धर्म, योग, यज्ञ और हिंदू संस्कृति रही है, वह भारत के साथ जुड़कर अपनी सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रखते हुए संस्कृत और संस्कृति की ओर लौट रहे हैं।

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इस केंद्र से बाल्टिक देशों सहित 42 राष्ट्रों के साथ संस्कृति साझेदारी की गई है। प्रशंसनीय पहल है कि जो जिन राष्ट्रों का आधार सनातन धर्म, योग, यज्ञ और हिंदू संस्कृति रही है, वह भारत के साथ जुड़कर अपनी सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रखते हुए संस्कृत और संस्कृति की ओर लौट रहे हैं।

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- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 2 Dec 2021



बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से मिलेंगे
इसके बाद शिवराज योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात करने पतंजलि योगपीठ जाएंगे। शाम को श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के साथ संध्याकालीन गंगा आरती में हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर भाग लेंगे। चौहान अपने दो दिनी दौरे पर बुधवार देर रात हरिद्वार पहुंचे थे। तीन दिसंबर को उनका कार्यक्रम कनखल स्थित हरिहर आश्रम में स्वामी अवधेशानंद गिरि के सानिध्य में पौधारोपण और धार्मिक अनुष्ठान का भी है। दोपहर बाद वे भोपाल रवाना हो जाएंगे।


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भारतीय संस्कृति की जड़ें आदि काल से विश्व में गहरी रही हैं। बाल्टिक देशों में आज भी हमारी संस्कृति, परंपराएं और प्रतीक आदि विभिन्न रूपों में विद्यमान हैं। यह जानना प्रसन्नता का विषय है कि कई बाल्टिक देशों में आज भी सूर्य, अग्नि, वायु के प्रति भारत की तरह जागृत देव का भाव है।

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- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 2 Dec 2021

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