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Shivpuri: BJP-MLA महेंद्र सिंह के गृह ग्राम में खाद के लिए परेशान किसानों ने किया चक्काजाम, कालाबाजारी का आरोप

Mon, 18 Nov 2024 04:04 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 18 Nov 2024 04:04 PM IST
सार

बीजेपी विधायक के गृह ग्राम में खाद के लिए परेशान किसानों ने चक्काजाम कर दिया। साथ ही कालाबाजारी के आरोप भी लगाए। किसानों को डीएपी खाद चाहिए, लेकिन मिल नहीं रही है।

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Shivpuri Farmers troubled for fertilizers blocked road in BJP MLA Mahendra Singh home village
खाद के लिए चक्काजाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवपुरी जिले में खाद को लेकर किसान परेशान हैं। खाद न मिलने से परेशान किसान अब चक्काजाम और प्रदर्शन पर उतर आए हैं। सोमवार को कोलारस विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक महेंद्र सिंह यादव के गृह ग्राम खतौरा में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिलने से वह नाराज हो गए। किसानों ने यहां पर देहरदा-ईसागढ़ रोड पर बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की।

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किसानों का आरोप था कि वह सुबह ही यहां पर खाद लेने के लिए आ गए, लेकिन कहा जा रहा है कि रात को खाद वितरित कर दिया गया है। किसानों ने इस मामले में स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी और सहकारिता विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए कि वह कालाबाजारी कर रहे हैं।
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देहरदा-ईसागढ़ रोड पर कर दिया चक्काजाम
कोलारस से विधायक महेंद्र सिंह यादव सिंधिया समर्थक विधायक हैं और उनका गृह ग्राम खतौरा है। यहां पर डीएपी खाद नहीं मिलने से किसानों ने देहरदा-ईसागढ़ रोड पर बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। किसानों का आरोप था कि उन्हें इस समय डीएपी खाद की आवश्यकता है। लेकिन खाद नहीं मिल रहा है, वह खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से लाइन लगाकर लग जाते हैं। लेकिन डीएपी नहीं दिया जा रहा है।
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कालाबाजारी के लगाए आरोप
स्थानीय किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर खाद की कालाबाजारी की जा रही है। जबकि जिला प्रशासन द्वारा बताया जाता है कि डीएपी की रैक आ गई है और किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब वह खाद वितरण केंद्र पर खाद लेने के लिए जाते हैं तो यहां पर खाद नहीं मिलता है। किसानों का आरोप है कि ऊंचे दामों पर डीएपी बेची जा रही है, जिसमें कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी मिले हुए हैं और स्थानीय नेताओं का अन्य संरक्षण प्राप्त है। किसानों की मांग है कि ऐसे अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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