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MP News: मृत्युभोज की जगह मां की स्मृति में लगाएंगे 2100 पौधे, स्थापित कराएंगे सावित्रीबाई फूले की प्रतिमा
Mon, 11 Sep 2023 06:43 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 11 Sep 2023 06:43 PM IST
सार
शिवपुरी जिले की पोहरी में पूर्व प्रत्याशी रहे कैलाश कुशवाह ने मां के निधन के बाद मृत्यभोज नहीं कराने का संकल्प लिया है। तेहरवीं में खर्च की जाने वाली राशि से मां की स्मृति में 2100 पौधे लगाए जाएंगे।
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शिवपुरी में कांग्रेस नेता ने मां की स्मृति में मृत्युभोज की जगह प्रतिमा लगाने का संकल्प लिया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पोहरी में पूर्व प्रत्याशी रहे कैलाश कुशवाह ने मां के निधन के बाद मृत्युभोज नहीं कराने का संकल्प लिया है। तेहरवीं में खर्च की जाने वाली राशि से मां की स्मृति में 2100 पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही याद में शिक्षा की देवी भारत की पहली शिक्षिका राष्ट्रमाता सावित्री बाई व महा मानव ज्योति बा फूले की प्रतिमा स्थापित कराएंगे।
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कैलाश कुशवाह की माताजी का निधन हुआ है। उन्होंने अपने बड़े भाई रामजीलाल कुशवाह, रमेश कुशवाह (एसडीएम स्टेनो) बादाम सिंह कुशवाह (शिक्षक) सहित अन्य समाजिक लोगों के समक्ष संकल्प लिया है कि वे मृत्युभोज नहीं कराएंगे। कुशवाह ने बताया है कि मृत्युभोज एक समाजिक बुराई है। इस प्रथा को समाज से बाहर करना होगा। इसके लिए समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षित लोगों को आगे आना होगाा। तभी हम इस बुराई को समाप्त कर पाएंगे। उन्होंने बताया है कि वे अपनी मां के निधन पर मृत्युभोज का आयोजन नहीं करेंगे। तेहरवीं में खर्च की जाने वाली राशि से मां की स्मृति में 2100 पौधों का रोपण किया जाएगा।
कुशवाह ने समाजिक संदेश देते हुए कहा है कि मैं प्रत्येक समाज बंधुओं से कहना चाहता हूं कि मृत्युभोज में खर्च की जाने वाली राशि को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में खर्च करें। इससे उनका भविष्य बन सकें। मृत्युभोज में दिखावे के रूप में की जाने वाली चकाचौंध से समाज आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। इसलिए सभी समाज बंधुओं से उन्होंने मृत्युभोज प्रथा को समाप्त करने की बात कही है। पौधारोपण पर जोर देते हुए उनका कहना है कि पौधे सभी को लगाना चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान देखा कि ऑक्सीजन कितनी आवश्यक थी। साथ ही पौधों के बिना हमें शुद्ध पर्यावरण उपलब्ध होना संभव नहीं है।
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बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कैलाश कुशवाह की माताजी का निधन हुआ है। उन्होंने अपने बड़े भाई रामजीलाल कुशवाह, रमेश कुशवाह (एसडीएम स्टेनो) बादाम सिंह कुशवाह (शिक्षक) सहित अन्य समाजिक लोगों के समक्ष संकल्प लिया है कि वे मृत्युभोज नहीं कराएंगे। कुशवाह ने बताया है कि मृत्युभोज एक समाजिक बुराई है। इस प्रथा को समाज से बाहर करना होगा। इसके लिए समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षित लोगों को आगे आना होगाा। तभी हम इस बुराई को समाप्त कर पाएंगे। उन्होंने बताया है कि वे अपनी मां के निधन पर मृत्युभोज का आयोजन नहीं करेंगे। तेहरवीं में खर्च की जाने वाली राशि से मां की स्मृति में 2100 पौधों का रोपण किया जाएगा।
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कुशवाह ने समाजिक संदेश देते हुए कहा है कि मैं प्रत्येक समाज बंधुओं से कहना चाहता हूं कि मृत्युभोज में खर्च की जाने वाली राशि को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में खर्च करें। इससे उनका भविष्य बन सकें। मृत्युभोज में दिखावे के रूप में की जाने वाली चकाचौंध से समाज आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। इसलिए सभी समाज बंधुओं से उन्होंने मृत्युभोज प्रथा को समाप्त करने की बात कही है। पौधारोपण पर जोर देते हुए उनका कहना है कि पौधे सभी को लगाना चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान देखा कि ऑक्सीजन कितनी आवश्यक थी। साथ ही पौधों के बिना हमें शुद्ध पर्यावरण उपलब्ध होना संभव नहीं है।
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