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Sheopur News: कूनो में आई खुशखबरी, 4 शावकों की मां बनी ‘गामिनी’, चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट को मिली सफलता
Sat, 11 Apr 2026 05:48 PM IST
श्योपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: श्योपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 05:48 PM IST
सार
कूनो नेशनल पार्क में ‘गामिनी’ के मां बनने से खुशी का माहौल है। खुले जंगल में 4 शावकों का जन्म चीता पुनर्वास परियोजना के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
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चार शावकों की मां बनी गामिनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खुशखबर सामने आई है। भारत में चीतों के पुनर्वास अभियान को बड़ी सफलता मिली है। करीब 25 माह की भारतीय मूल की मादा चीता ‘गामिनी’ ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। यह घटना न सिर्फ कूनो बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। साल 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्वास परियोजना के बाद यह पहली बार है, जब किसी मादा चीता ने प्राकृतिक जंगल वातावरण में सफलतापूर्वक शावकों को जन्म दिया है।
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खास बात यह है कि ‘गामिनी’ भारतीय मूल की मादा चीता है, जिससे यह उपलब्धि और भी ऐतिहासिक बन जाती है। वन विभाग के अनुसार गामिनी पिछले एक साल से अधिक समय से खुले जंगल में रह रही थी और उसने पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल लिया था। ऐसे में जंगल में शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि कूनो का पर्यावरण अब चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह परियोजना के मुख्य उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक वातावरण में बसाने और उनके प्रजनन को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
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वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस सफलता पर खुशी जताई है। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए वन विभाग और पूरी टीम को बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता कूनो में कार्यरत वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल भारत में चीतों की वापसी को मजबूती देती है, बल्कि आने वाले समय में उनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद भी जगाती है। कुल मिलाकर कूनो नेशनल पार्क में ‘गामिनी’ द्वारा चार शावकों का जन्म भारत के वन्यजीव संरक्षण इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिसने पूरे देश को गर्व और नई उम्मीद से भर दिया है।
