{"_id":"6ad326bc1481d7a3d703cc9f","slug":"the-wife-kept-screaming-as-she-watched-her-husband-suffering-in-the-forest-the-first-breaths-of-relief-arrived-with-the-arrival-of-help-shahdol-news-c-1-1-noi1220-4842787-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहडोल: जंगल में पति को तड़पता देख चीखती रही पत्नी, मदद पहुंचने से पहले थमी सांसें, आंखों के सामने तोड़ दिया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहडोल: जंगल में पति को तड़पता देख चीखती रही पत्नी, मदद पहुंचने से पहले थमी सांसें, आंखों के सामने तोड़ दिया दम
Sat, 17 Oct 2026 01:39 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:39 PM IST
सार
शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के बहेरहा जंगल में पेड़ से गिरने के कारण 32 वर्षीय सुखीलाल कोल की मौत हो गई। वह पत्नी के साथ लकड़ियां काटने गया था। नीचे उतरते समय संतुलन बिगड़ने से वह जमीन पर गिर पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
विज्ञापन
गोहपारू थाना क्षेत्र का मामला।
विस्तार
जंगल में लकड़ियां बटोर रही पत्नी की नजरें बार-बार पेड़ पर चढ़े पति की ओर जा रही थीं। जब लकड़ियां पर्याप्त हो गईं तो उसने आवाज लगाई- बस करो, अब नीचे उतर आओ, घर चलते हैं। पत्नी को क्या पता था कि कुछ ही पल बाद उसकी जिंदगी में ऐसा अंधेरा छा जाएगा, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी। पति पेड़ से नीचे उतर ही रहा था कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह ऊंचाई से जमीन पर आ गिरा। पत्नी दौड़कर उसके पास पहुंची, लेकिन पति गंभीर रूप से घायल हो चुका था। वह मदद के लिए चीखती रही, मगर घने जंगल में उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। कुछ ही देर में पति की सांसें थम गईं।
विज्ञापन
यह दर्दनाक घटना शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, रतहर निवासी 32 वर्षीय सुखीलाल कोल अपनी पत्नी के साथ गांव के पास स्थित बहेरहा जंगल में लकड़ी काटने गया था। पति पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहा था, जबकि पत्नी नीचे खड़ी होकर गिराई गई लकड़ियों को इकट्ठा कर रही थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- इंदौर के अधूरे पड़े कामों को लेकर सीएम से मिलने पहुंचीं ताई, मजाकिया लहजे में कहा- नौकरी मांगने आई हूं
विज्ञापन
पत्नी की आंखों के सामने जिंदगी की जंग हार गया पति
पत्नी के मुताबिक, जब काफी लकड़ियां इकट्ठा हो गईं तो उसने पति से कहा कि अब बस करो और नीचे उतर आओ। घर लौटने की तैयारी के बीच सुखीलाल पेड़ से उतर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह काफी ऊंचाई से नीचे गिर गया। पति को जमीन पर घायल पड़ा देख पत्नी घबरा गई। वह तत्काल उसके पास पहुंची और मदद के लिए चिल्लाने लगी। वह बार-बार पति के पास जाती और किसी के आ जाने की उम्मीद में जंगल की ओर देखती रही। उसकी कोशिश थी कि किसी तरह मदद मिले और पति को अस्पताल पहुंचाया जा सके। लेकिन उस वक्त जंगल में दोनों के अलावा कोई मौजूद नहीं था। पत्नी की आंखों के सामने ही सुखीलाल ने दम तोड़ दिया।
राहगीरों के पहुंचने तक हो चुकी थी देर
कुछ समय बाद जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने पत्नी की चीख-पुकार सुनी और मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक सुखीलाल की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।
